बैंडिट क्वीन से कम दिलचस्प नहीं है उनके हत्यारे शेर सिंह राणा की कहानी

फूलन देवी (Phoolan Devi) की इस उतार-चढ़ाव वाली जिंदगी पर बॉलीवुड (Bollywood) के मशहूर निर्देशक शेखर कपूर ने 1994 में बैंडिट क्वीन नाम की एक फिल्म बनाई थी,

Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 6:11 PM IST
बैंडिट क्वीन से कम दिलचस्प नहीं है उनके हत्यारे शेर सिंह राणा की कहानी
10 अगस्त को बैंडिट क्वीन यानी फूलन देवी का जन्म दिन है.
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Ravishankar Singh | News18Hindi
Updated: August 10, 2019, 6:11 PM IST
10 अगस्त को बैंडिट क्वीन (Bandit Queen) यानी फूलन देवी (Phoolan Devi) का जन्मदिन है. 10 अगस्त के ही दिन साल 1963 में फूलन देवी (Phoolan Devi) का जन्म हुआ था. सड़क से संसद तक का सफर तय करने में फूलन देवी को काफी उतार-चढ़ाव से गुजरना पड़ा था. अपने जीवन काल में फूलन देवी को काफी संघर्ष करना पड़ा था. फूलन की इस उतार-चढ़ाव वाली जिंदगी पर बॉलीवुड के मशहूर निर्देशक शेखर कपूर ने 1994 में बैंडिट क्वीन नाम की एक फिल्म बनाई थी, जिसे साल 1994 में बेस्ट फीचर फिल्म का नेशनल अवॉर्ड के साथ फिल्मफेयर का बेस्ट फिल्म क्रिटिक्स अवॉर्ड और बेस्ट डायरेक्शन का भी अवॉर्ड मिला था. आज फूलन देवी का जन्मदिन के मौके पर फूलन देवी से जुड़े कुछ किस्से याद आते हैं.

80 के दशक में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश की सरकारों ने फूलन देवी को पकड़ने के लिए लाखों का इनाम रख रखा था, लेकिन दोनों राज्यों की पुलिस को हमेशा असफलता ही हाथ लगती थी. साल 1983 में इंदिरा गांधी की सरकार ने फूलन देवी से समझौता किया कि उन्हें फांसी की सजा नहीं दी जाएगी. इस आश्वासन के बाद फूलन देवी ने उस समय के मध्यप्रदेश के सीएम अर्जुन सिंह की मौजूदगी में अपने 10 हजार समर्थकों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया.

25 जुलाई 2001 को एक राजपूत युवक शेरसिंह राणा ने हत्या कर दी


सपा के टिकट से चुनाव लड़ी

लगभग 11 साल तक जेल में रहने के बाद फूलन देवी को साल 1994 में यूपी की मुलायम सिंह यादव की सरकार ने रिहा किया. 1994 में ही फूलन ने उमेद सिंह नाम के एक शख्स से शादी कर ली. 1996 में फूलन ने उत्तर प्रदेश की मिर्जापुर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़ी और जीत कर संसद पहुंची.

25 जुलाई 2001 को एक राजपूत युवक शेर सिंह राणा उर्फ पंकज सिंह ने बड़े ही फिल्मी अंदाज में दिल्ली के सांसद आवास पर फूलन देवी की हत्या कर दी थी. आज फूलन देवी की मौत के 18 साल बीत चुके हैं. फूलन देवी के किस्सों को लेकर आज भी लोगों में उत्सुकता बनी रहती है. एक लड़की के डकैत बनने से लेकर सांसद बनने की कहानी के कई पहलू हैं. फूलन देवी से कुछ जाति के लोग सहानुभूति रखते हैं तो कुछ जाति के लोगों में फूलन देवी के लिए वो सम्मान नहीं है. इसके पीछे भी बेहमई कांड की प्रमुख भूमिका मानी जाती है.

14 फरवरी 1981 को डकैत फूलन देवी ने जो कहर बरपाया गया उसकी गूंज आज भी बेहमई में गूंजती रहती है.

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बेहमई कांड के बाद फूलन चर्चा में आई थी

14 फरवरी 1981 को डकैत फूलन देवी ने जो कहर बरपाया गया उसकी गूंज आज भी बेहमई में गूंजती रहती है. बेहमई में डकैत फूलन देवी ने 22 ठाकुरों को सरेआम मौत के घाट उतार दिया था.  बेहमई कानपुर देहात से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर स्थित एक राजपूत बहुल गांव है.

फूलन देवी की हत्या करने वाले शेर सिंह राणा की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है. शेर सिंह राणा ने फूलन की हत्या के बाद कहा था कि उसने बेहमई में 22 राजपूतों की हत्याओं का बदला लिया है. शेर सिंह राणा की व्यक्तिगत तौर पर फूलन देवी से कोई पुरानी अदावत नहीं थी. फूलन देवी की हत्या के बाद शेर सिंह राणा ने दावा किया था कि उत्तर प्रदेश के बेहमई हत्याकांड का बदला लेने के लिए उसने बचपन में ही कसम ले रखी थी.

नाटकीय तरीके से भागा था राणा 

फूलन देवी की हत्या के दो दिन बाद ही आरोपी शेर सिंह राणा ने देहरादून में पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था. शेर सिंह राणा ने बड़े गर्व के साथ उस समय फूलन देवी की हत्या में शामिल होने की बाद स्वीकारी थी. पुलिस के अनुसार राणा ने बेहमई हत्याकांड में मारे गए 22 ठाकुरों की हत्या का बदला लेने के लिए फूलन देवी की हत्या की थी. शेर सिंह राणा का आत्मसमर्पण जितना चौंकाने वाला था लगभग तीन साल बाद 17 फरवरी 2004 को तिहाड़ जेल से भागना भी उतना ही चौंकाने वाला था.

शेर सिंह राणा बड़े ही फिल्मी अंदाज में तिहाड़ जेल से फरार हो गया था. फूलन देवी हत्याकांड के आरोपी का तिहाड़ जैसे जेल से नाटकीय घटनाक्रम कर भाग जाना अपने आप में एक बड़ा सवाल था. पुलिस की काफी मशक्कत के बाद 17 मई 2006 को शेर सिंह राणा को एक बार फिर से गिरफ्तार कर लिया गया. राणा को कोलकाता के एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया गया.

फूलन देवी के पति उमेद सिंह श्रद्धांजलि कार्यक्रम में सोनिया गांधी का अभिवादन करते हुए


पृथ्वीराज चौहान की अस्थियां लाने का भी दावा

अपने फरारी के दिनों के बारे में राणा ने जो खुलासा किया वह भी कम आश्चर्यजनक नहीं था. राणा ने दावा किया कि वह बचपन से ही अफगानिस्तान के गजनी इलाके में हिंदू सम्राट पृथ्वीराज चौहान की रखी अस्थियों के अपमान की जानकारी मिलने को लेकर बेहद दुखी था. राणा ने पृथ्वीराज चौहान की रखी अस्थियों को वापस लाने की ठानी. तिहाड़ जेल से फरारी के बाद सबसे पहले झारखंड के रांची से फर्जी पासपोर्ट बनवाया.

पासपोर्ट बनाने के बाद वो नेपाल, बांग्लादेश, दुबई होते हुए अफगानिस्तान पहुंचा. साल 2005 में वह अस्थियां लेकर भारत आया. राणा ने पूरे घटनाक्रम की वीडियो भी बनाया. ताकि वो अपने बात को प्रमाणित कर सके.

यूपी के उस समय के मौजूदा सीएम मुलायम सिंह यादव ने फूलन को संसद तक पहुंचाया


चुनाव में उतरा था राणा

बाद में शेर सिंह राणा साल 2012 में उत्तर प्रदेश के जेवर से निर्दलीय चुनाव भी लड़ा लेकिन हार गया. वह पांचवें नंबर पर आया था. यह चुनाव क्षेत्र जातीय समीकरण के हिसाब से ठाकुर बाहुल्य क्षेत्र था. अगस्त 2014 में दिल्ली की एक निचली अदालत ने फूलन देवी हत्याकांड के दोषी शेर सिंह राणा को उम्रकैद और 1 लाख रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई.

बेहमई कांड का बदला लेने के लिए शेर सिंह राणा ने दिल्ली के सबसे सुरक्षित जगहों में से एक जगह माने जाने वाले अशोका रोड पर फूलन देवी को सरेआम गोलियों से छलनी कर दिया. लुटियंस जोन में हुए इस हत्याकांड ने काफी राजनीतिक तूफान मचाया था. दो दिन बाद शेरसिंह राणा ने देहरादून में आत्मसमर्पण कर इल्जाम अपने सिर ले लिया.

20 फरवरी 2018 को रुड़की स्थित एक होटल में प्रतिमा राणा नाम की एक लड़की के साथ सात फेरे लिए


कुछ लोगों का दावा है कि पिछले 16 साल से बेहमई गांव में शेर सिंह राणा की पूजा की जाती है. सुबह-शाम राणा की तस्वीर पर फूल-मालाएं चढ़ाई जाती हैं. फूलन देवी हत्याकांड को कई नजरिए से देखा जाता है. जानकारों का मानना है कि यह एक राजनीतिक साजिश थी जिसमें फूलन के पति उम्मेद सिंह पर भी फूलन की हत्या की साजिश में शामिल होने का आरोप लगता है.

शेर सिंह राणा ने 20 फरवरी 2018 को रुड़की स्थित एक होटल में प्रतिमा राणा नाम की एक लड़की के साथ सात फेरे लिए. साल 2013 में दिल्ली की विशेष अदालत ने पूर्व सांसद फूलन देवी के कत्ल का दोषी पाते हुए राणा को आजीवन कारावास की सजा सुना रखी है.

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First published: August 10, 2019, 4:21 PM IST
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