अपना शहर चुनें

States

किडनी, लिवर बेचने के काले कारोबार का भंडाफोड़, दिल्ली सहित देश के कई नामचीन अस्पताल शामिल

कानपुर में पुलिस के हत्थे चढ़े किडनी रैकेट गैंग के सदस्य
कानपुर में पुलिस के हत्थे चढ़े किडनी रैकेट गैंग के सदस्य

उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस के खुलासे ने एक बार फिर सबको चौंका कर रख दिया है. पुलिस ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो लोगों को पैसों का लालच देकर किडनी और लिवर की खरीद-फरोख्त का काम करता था.

  • Share this:
लाखों रुपयों का लालच देकर गरीबों की किडनी और लिवर बेचने वाले गिरोह का कानपुर में पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने इस रैकेट में शामिल 6 लोगों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों के पास से फर्जी दस्तावेज, एटीएम, आधार कार्ड, फोटो शैक्षिक प्रमाण पत्र, थानों, बैंकों और प्रशासनिक अधिकारियों की मुहरें बरामद की गई हैं.

पुलिस के मुताबिक किडनी और लिवर के इस काले कारोबार में पद्मश्री से सम्मानित एक डॉक्टर और कोलकाता, लखनऊ, दिल्ली और नोएडा के बड़े अस्पतालों के कोऑर्डिनेटर और डॉक्टर शामिल हैं. पुलिस की मानें तो यह रैकेट पूरे देश में फैला है. खुलासे के बाद फोर्टिस, पीएसआरआई, सर गंगाराम, मैक्स जैसे कई बड़े अस्पताल पुलिस की जांच के जद में हैं. पुलिस का कहना है कि अभी तक सिर्फ बिचौलियों को गिरफ्तार किया गया है. सफेदपोश और रसूखदार बड़े सौदागर पुलिस की गिरफ्त से अभी दूर हैं.

उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस के खुलासे ने एक बार फिर सबको चौंका कर रख दिया है. क्योंकि पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिनके सदस्य लोगों को पैसों का लालच देकर किडनी और लिवर की खरीद-फरोख्त का काम करते थे. इस धंधे में देश के नामचीन हॉस्पिटल भी सीधे तौर पर शामिल हैं.



ऐसे हुआ खुलासा
गिरफ्तार किए गए बिचौलिए मासूम बातों के जरिये लोगों को रुपयों का लालच देते थे और फिर उनके शरीर की किडनी और लिवर के हिस्सों का सौदा कर देते थे. दरअसल इस गिरोह का खुलासा उस वक्त हुआ, जब बर्रा थाना पुलिस के पास एक पीड़ित महिला शिकायत लेकर पहुंची. शिकायत की जांच में एक के बाद एक तथ्य खुलते चले गए. पीड़ित की निशानदेही पर कानपुर पुलिस ने एक बिचौलिये को गिरफ्तार कर कड़ाई से हुई पूछताछ की तो पूरा मामला सुन वह खुद अचंभित रह गए. जिन दो युवकों को पुलिस ने शक के आधार पर पकड़ा था, वह इंसानी शरीर के अंगों की खरीद फरोख्त करने वाले गैंग का सक्रीय छोटा सा सदस्य था. इस लीड के बाद पुलिस ने अपनी कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए आधा दर्जन सदस्यों को अपनी गिरफ्त में लेकर बड़ा खुलासा किया.

जिसकी जानकारी देते हुए एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया कि कोलकाता निवासी सरगना राजू राय गैंग का मुख्य संचालक है, जिनके सदस्य पूरे देश मे घुम-घुमकर उन लोगों को अपना टारगेट बनाते हैं, जिन्हें पैसों की जरूरत होती है. जैसे ही कोई राजी हो जाता है तो उसे चंद रकम पकड़ाकर लाखों में उसका सौदा कर देते हैं.

25-30 लाख में बेचते थे किडनी, गरीबों को देते थे सिर्फ तीन लाख

मरीज के परिजनों से प्रति किडनी 25-30 लाख रुपये और लिवर के हिस्सों के बदले 70-80 लाख तक लेने वाले ये शातिर अंगदान करने वाले गरीबों को महज तीन लाख रुपये देते थे.

खुलासे में यह भी मालूम हुआ है कि गैंग के सहयोग में देश के कई बड़े नामचीन हॉस्पिटल व नर्सिंग होम के डॉक्टर भी शामिल हैंजिनके सहयोग से इंसानी शरीर के अंगों को निकालने का काम किया जाता है. कानपुर पुलिस ने खुलासे के बाद अपनी जांच तेज कर दी है.

पकड़े गए लोगों में दो लखनऊ के

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों में कोलकाता के राजाराट कमर, शिपताला निवासी टी राजकुमार राव उर्फ़ राजू, लखीमपुर खीरी के मैगलगंज शिवपुरी निवासी गौरव मिश्र, बदरपुर जैतपुर कॉलोनी नई दिल्ली निवासी शैलेश, सक्सेना, काकोरी दशहरी मोड़ प्रेमनगर लखनऊ निवासी सबूर अहमद, पनकी गंगागंज भाग दो निवासी विक्की सिंह और विक्टोरिया स्ट्रीट लखनऊ निवासी शमशाद अली शामिल हैं. वहीं चार अन्य युवकों को गवाह बनाया गया है, जिनकी किडनी निकलवाई गई, लेकिन रकम नहीं दी गई थी.

एक क्लिक और खबरें खुद चलकर आएंगी आपके पाससब्सक्राइब करें न्यूज़18 हिंदी  WhatsApp अपडेट्स

ये भी पढ़ें:

पहले ही सफर में वंदे भारत एक्सप्रेस दोनों तरफ से लेट, डेढ़ घंटे की देरी से पहुंची वाराणसी

प्रियंका गांधी का काशी दौरा जल्द, पुलवामा शहीद के परिजनों से करेंगी मुलाकात

सुर्खियां: लखनऊवालों ने कश्मीरियों के लिए खोले घरों के दरवाजे, योगी बोले-आतंक पर होगा वार

पुलवामा की घटना को अंजाम देने वालों की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है: CM योगी
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज