कानपुर कांड: विनय तिवारी समेत 7 लोगों को कोर्ट लेकर पहुंची पुलिस, मिल सकती है रिमांड
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कानपुर कांड: विनय तिवारी समेत 7 लोगों को कोर्ट लेकर पहुंची पुलिस, मिल सकती है रिमांड
फरार गैंगस्टर विकास दुबे पर पुलिस का शिकंजा सकता जा रहा है.

Kanpur Shootout Update: निलंबित थाना चौबेपुर प्रभारी विनय तिवारी (Vinay Tiwari) समेत 7 लोगों को पुलिस कानपुर देहात कोर्ट (kanpur Court)लेकर पहुंची है. बताया जा रहा है कि सभी को पुलिस स्पेशल जज के सामने पेश कर रिमांड (Remand)पर भी ले सकती है

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कानपुर. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानुपर में 8 पुलिसवालों की हत्या के आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (Vikas Dubey) पर शिकंजा सकता जा रहा है. बड़ी कार्रवाई करते हुए आज निलंबित (Suspended) किए गए चौबेपुर के पूर्व एसओ विनय तिवारी (Vinay Tiwari) और बीट प्रभारी केके शर्मा (KK Sharma) को गिरफ्तार (Arrest) कर लिया गया है. अब निलंबित थाना चौबेपुर प्रभारी विनय तिवारी समेत 7 लोगों को लेकर पुलिस कानपुर देहात कोर्ट पहुंच गई है. बताया जा रहा है कि सभी को पुलिस स्पेशल जज (Special Judge) के सामने पेश कर रिमांड पर भी ले सकती है. मालूम हो कि रिमांड पर लिए गए लोगों में एनकाउंटर में मारे गए अपराधी अमर दुबे की पत्नी, पिता समेत 25 हज़ार का इनमिया जहान सिंह भी शामिल है. मालूम हो कि विनय तिवारी पर मुठभेड़ के समय पुलिस टीम की जान खतरे में डालने और मौके से फरार होने के साथ ही अपराधी विकास दुबे की मदद करने का आरोप लगा है. इसी मामले में सभी की गिरफ्तारी भी हुई है.

मालूम हो कि कानपुर मुठभेड़ के समय पुलिस टीम की जान खतरे में डालने और मौके से फरार होने के साथ ही अपराधी विकास दुबे  से संबंध में आईजी मोहित अग्रवाल (IG Mohit Agarwal) और एसएसपी दिनेश कुमार पी (SSP Dinesh Kumar P) गिरफ्तारी हुई है. दोनों को जेल भेज दिया गया है. आरोप है कि चौकी इंचार्ज केके शर्मा ने दबिश थी जानकारी लीक की थी. केके शर्मा मामले के विवेचक थे और दबिश पर नहीं गए. केके शर्मा को मालूम था कि खूनी खेल होने वाला है. वहीं सिपाही राजीव ने विकास के मंसूबों के बारे में एसओ विनय तिवारी को बता दिया था. जानकारी होने के बाद भी एसओ विनय तिवारी ने किसी को अलर्ट नहीं किया.

विनय तिवारी की भूमिका मिली संदिग्ध



दरअसल, अब तक की जांच में एसओ विनय तिवारी की भूमिका संदिग्ध मिली है. साथ ही यह बात भी साफ हो रही है कि उन्होंने 2/3 जुलाई की रात विकास दुबे के घर पर दबिश देने जा रही पुलिस टीम (Police Team) की इनफार्मेशन लीक की थी. पुलिस की ही मुखबिरी के बाद विकास दुबे ने अपने हथियारबंद गुर्गों के साथ मिलकर आठ पुलिसवालों को मौत के घाट उतार दिया था. बता दें इस मामले में एसओ विनय तिवारी, दरोगा कुंवर पाल, केके शर्मा और सिपाही राजीव चौधरी पहले ही निलंबित किए जा चुके हैं. इतना ही नहीं एसएसपी ने पूरे थाने के बाकी 68 स्टाफ को भी लाइन हाजिर कर दिया है. सभी के खिलाफ जांच जारी है. अब चौबेपुर थाने में 55 नए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है.



 

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शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा ने की थी विनय तिवारी की शिकायत

गौरतलब है कि कानपुर हत्याकांड में शहीद हुए सीओ विल्ल्हौर देवेंद्र मिश्रा ने 14 अप्रैल को ही तत्कालीन एसएसपी अनंत देव त्रिपाठी को विभागीय चिट्ठी लिखकर एसओ विनय तिवारी और अपराधी विकास दुबे के सांठगाँठ की जानकारी दी थी. साथ ही किसी गंभीर गह्तना की आशंका जताई थी. हालांकि तत्कालीन एसएसपी ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की. जिसके बाद मंगलवार को शासन ने उन्हें डीआईजी एसटीएफ के पद से हटाते हुए मुरादाबाद पीएसी भेज दिया. अब उनके खिलाफ भी जांच जारी है.
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