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गैंगस्टर विकास दुबे के भाई दीपक को कानपुर लाएगी पुलिस, कई मुकदमों में जमानत खारिज कराने की तैयारी

बिकरू कांड में मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया था. (File photo)
बिकरू कांड में मुख्य आरोपी विकास दुबे एनकाउंटर में मारा गया था. (File photo)

कानपुर (Kanpur) के डीआईजी ने एसपी ग्रामीण को जिम्मेदारी सौंपी है. पुलिस दीपक की जमानतें खारिज कराने की तैयारी में है. एसपी ग्रामीण ये भी जांच करेंगे कि कई केस दर्ज होने के बाद भी दीपक को टॉप टेन अपराधी क्यों नहीं घोषित किया गया?

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 26, 2020, 8:51 AM IST
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कानपुर. कानपुर के बिकरु कांड में 8 पुलिसवालों की हत्‍या करने का आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे (Gangster Vikas Dubey) के भाई दीप प्रकाश दुबे उर्फ दीपक (Deep Prakash Dubey AKA Deepak) को अब पुलिस जल्द ही कानपुर (Kanpur) लाने की तैयारी कर रही है. दरअसल कानपुर के कई मुकदमों में दीपक जमानत पर है. वर्ष 2000 में प्रिंसिपल हत्याकांड में भी उसे जमानत मिली हुई है. दीपक जमानत के बाद भी लगातार अपराध करता रहा. मामले में कानपुर के डीआईजी ने एसपी ग्रामीण को जिम्मेदारी सौंपी है. दरअसल पुलिस अब दीपक की जमानतें खारिज कराने की तैयारी में है. इसके अलावा एसपी ग्रामीण ये भी जांच करेंगे कि इतने केस दर्ज होने के बाद भी दीप दुबे को टॉप टेन अपराधी क्यों नहीं घोषित किया गया?

बता दें पिछले दिनों दीप दुबे ने पुलिस को चकमा देते हुए कोर्ट में सरेंडर कर दिया. अदालत ने दीपक दुबे को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा दिया है. बता दें बिकरू कांड के बाद से दीपक फरार चल रहा था और पुलिस ने उस पर 20 हज़ार का इनाम भी घोषित कर रखा था. लखनऊ के कृष्णानगर थाने में दीपक पर जालसाजी करने और रंगदारी वसूलने का मामला दर्ज है. इसी मामले में दीप ने सरेंडर किया. विकास दुबे STF के एनकाउंटर में मारा गया था.

गौरतलब है कि दीप की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी, लेकिन वह लगातार पुलिस को चकमा दे रहा था. इससे पहले भी दीपक ने कोर्ट में सरेंडर करने की कोशिश की थी, लेकिन कोरोना निगेटिव रिपोर्ट न होने की वजह से ऐसा हो नहीं सका. एक बार फिर उसने कोरोना जांच रिपोर्ट के साथ कोर्ट में सरेंडर कर दिया. बताया जा रहा है कि वह रात से ही कोर्ट परिसर में छिपा हुआ था.



लखनऊ की संपत्ति भी हुई है कुर्क
इससे पहले गत शुक्रवार को पुलिस ने दीपक की संपत्ति को कुर्क कर लिया था. एडीसीपी (मध्य) के नेतृत्व में करीब चार घंटे तक पूरी कार्रवाई चली. इस दौरान करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति को पुलिस ने जब्त कर लिया. पुलिस ने यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर किया.

एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक कृष्णानगर थानाक्षेत्र के इंद्रलोक कालोनी में रहने वाले दीपक और उसके भाई विकास दुबे पर जुलाई में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया था. इसमें दीपक फरार चल रहा था. उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया. उसके खिलाफ कोर्ट से कई बार गैर जमानती वारंट भी जारी कराया गया था.
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