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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज शाम ट्रेन से पहुंच रहे कानपुर, जानिए मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज 25 जून को विशेष ट्रेन से दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से कानपुर के लिए रवाना होंगे.(फाइल फोटो)

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आज 25 जून को विशेष ट्रेन से दिल्ली के सफदरजंग रेलवे स्टेशन से कानपुर के लिए रवाना होंगे.(फाइल फोटो)

President Tour: कानपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ स्वागत करेंगे. कानपुर सेंट्रल से सर्किट हाउस पहुंचने तक गवर्नर और मुख्यमंत्री साथ रहेंगे.

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कानपुर. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (President Ramnath Kovind) पद संभालने के बाद पहली बार कानपुर (Kanpur) अपने पैतृक गांव परौंख आ रहे हैं. राष्ट्रपति दिल्ली से प्रेसीडेंसियल ट्रेन से आज शाम कानपुर पहुंचेंगे. वह 26 जून को शहर में रहेंगे और जनप्रतिनिधियों, उद्यमियों, चिकित्सकों, समाजसेवियों और पुराने परिचित लोगों से मिलेंगे. इसके बाद 27 जून को हेलीकॉप्टर से पैतृक गांव परौंख और पुखरायां कस्बा जाएंगे. राष्ट्रपति बनने के बाद रामनाथ कोविंद की अपने जन्मस्थान की यह पहली यात्रा होगी. कोरोना महामारी के चलते यह यात्रा टलती रही.

कानपुर में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ स्वागत करेंगे. कानपुर सेंट्रल से सर्किट हाउस पहुंचने तक गवर्नर और मुख्यमंत्री साथ रहेंगे.

प्रेसीडेंट की सुरक्षा में 100 स्नाइपर्स और 80 स्पेशल एनएसजी कमांडो के अलावा दस जनपदों की पुलिस फोर्स और आरपीएफ व जीआरपी तैनात रहेगी. सुरक्षा संबंधी तैयारियों का अफसरों ने जायजा ले लिया है और कहां किसकी ड्यूटी रहेगी, इसका निर्धारण भी किया गया है. वहीं, सेंट्रल रेलवे स्टेशन, सर्किट हाउस के अलावा अब एयरपोर्ट पर भी कमांड सेंटर बनाने का फैसला किया गया है. राष्ट्रपति की सुरक्षा के लिए जो मैप तैयार किया गया है, उसमें बाहरी घेरा पुलिस, पीएसी, जीआरपी और आरपीएफ का होगा, जो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होंगे.

चप्पे-चप्पे पर फोर्स तैनात
प्रेसिडेंशियल ट्रेन में दो विशेष बोगी (स्पेशल कोच) लगाई गई हैं, जिनमें बुलेटप्रूफ शीशे लगे हैं. इस ट्रेन में पब्लिक एड्रेस सिस्टम भी लगा है. सुरक्षा के मद्देनजर इस ट्रेन के आगे एक खाली इंजन भी दौड़ेगा, जिससे इस बात की जानकारी मिल सके कि ट्रैक में कोई दिक्कत तो नहीं है. रेलवे लाइन के दोनों तरफ पुलिस का सख्त पहरा भी रहेगा. प्रेसिडेंशियल ट्रेन की यात्रा के दौरान रेलवे ट्रैक के किनारे आवारा जानवरों पर भी कड़ी निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसी भी हादसे से बचा जा सके.

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का 3 दिवसीय कानपुर दौरा

आज 12.10 बजे राष्ट्रपति भवन से निकलेंगे

सफदरगंज रेलवे स्टेशन से 12.30 बजे ट्रेन से कानपुर के लिए रवाना होंगे

शाम 6 बजे कानपुर देहात के झींझक स्टेशन पहुंचेंगे.

6.15 बजे झींझक से रूरा स्टेशन पहुंचेंगे.

रूरा से 7.45 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेंगे. यहां सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम करेंगे.

26 जून को सर्किट हाउस में राष्ट्रपति लोगों से वार्ता करेंगे. कानपुर के मंत्री, सांसद, विधायकों से वार्ता करेंगे. नेताओं से वार्ता के बाद व्यापारियों से मिलेंगे. पूरा दिन सर्किट हाउस में ही रहेंगे

27 जून- सुबह 8.25 बजे हेलीपैड पहुंचेंगे.

9.05 बजे हेलीकॉप्टर से परौख पहुंचेंगे.

सुबह 9.25 बजे मंदिर जाएंगे.

9.25 से 9.55 बजे तक भ्रमण कार्यक्रम होगा. मंदिर, मिलन केन्द्र और स्कूल जाएंगे.

10.15 बजे से 10.45 बजे तक कार्यक्रम में रहेंगे.

11.50 से 12.20 तक वहां के लोगों से मिलेंगे.

4.50 बजे कानपुर के लिए रवाना होंगे.

5.50 बजे सर्किट हाउस पहुंचेंगे. रात्रि विश्राम करेंगे.

28 जून को सुबह 10.10 बजे लखनऊ रवाना होंगे.

कानपुर रेलवे स्टेशन से लखनऊ के लिए रवाना होंगे.

12.10 बजे राजभवन लखनऊ पहुंचेंगे.

सुरक्षा व्यवस्था के लिए 100 स्पाइनर्स रहेंगे

80 कमांडो और 10 जिलों की फोर्स तैनात रहेंगी.

इनपुट: अनामिका सिंह/श्याम तिवारी

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लेदर के बाद अब कानपुर में मंदिर के फूलों से बनाया जा रहा अनोखा मैटेरियल, नाम होगा फ्लेदर

फूलों से तैयार किया गया फ्लेदर

इंटरनेशनल मार्केट में फूलों से बने फ्लेदर की डिमांड बहुत अधिक है. शहर के उद्यमी अंकित अग्रवाल ने आईआईटी कानपुर की मदद से फ्लेदर तैयार किया है. इस फ्लेदर से बने बैग, पर्स, जैकेट, जूते और बेल्ट यूरोपियन मार्केट में धूम मचा रहे है.

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मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों को इकट्ठा करके और उनकी प्रोसेसिंग कर के एक ऐसा मटेरियल तैयार किया है जो लेदर का बहुत अच्छा विकल्प है. इसे फ्लेदर नाम दिया गया है. इंटरनेशनल मार्केट में फूलों से बने फ्लेदर की डिमांड बहुत अधिक है. शहर के उद्यमी अंकित अग्रवाल ने आईआईटी कानपुर की मदद से फ्लेदर तैयार किया है. इस फ्लेदर से बने बैग, पर्स, जैकेट, जूते और बेल्ट यूरोपियन मार्केट में धूम मचा रहे है.

मंदिर में चढ़ाए गए फूलों से हज़ारों लोगों के दो रहे रोजगार
Phool कंपनी के फाउंडर अंकित ने बताया कि वह मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों को इकट्ठा करते है और उनकी प्रोसेसिंग करके एक ऐसा मटेरियल तैयार किया है जो चमड़े को टक्कर दे रहा है. उन्होंने बताया कि आईआईटी के छात्र-छात्राओं की टीम के साथ मिलकर हमने स्टार्टअप स्थापित किया. फिर दो साल तक आइआइटी कानपुर की अत्याधुनिक प्रयोगशाला में कई प्रयोग करने के बाद यह फ्लेदर बनाया गया. इसमें आईआईटी कानपुर से केमिकल इंजीयनरिंग की पढ़ाई करने वाले नचिकेता अहम भूमिका निभाई.
IIT कानपुर की मदद से तैयार किया मैटेरियल
अंकित ने बताया कि आईआईटी कानपुर की मदद से उन्होंने फूल स्टार्टअप स्थापित किया और इनोवेशन में जुट गए. उन्होंने दो सालों तक कड़ी मेहनत के साथ ही अत्याधुनिक लैब में कई रिसर्च करने के बाद फूलों से बैक्टेरिया को विकसित कर फ्लेदर बनाने में सफलता हासिल की. उन्होंने बताया कि रिसर्च के दौरान आईआईटी के स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर के प्रभारी प्रो. अमिताभ बंदोपाध्याय ने भी काफी मदद की. उनके डायरेक्शन के बिना यह कर पाना बहुत ही मुश्किल था.
वीगन लवर्स की पहली पसंद बना
अंकित का कहना है कि यूरोप में ज़्यादातर लोग आज कल वीगन डाइट फॉलो करते है. यह लोग चमड़ा पहनना भी पसंद नहीं करते. इसी लिए हमारे प्रोडेक्ट की डिमांड जर्मनी, फ्रांस, इटली, बेल्जियम जैसे देश में है. अंकित ने बताया कि मथुरा व वृंदावन के पास भी एक यूनिट खोलने की उनकी योजना थी. मगर कोरोना के चलते यह नहीं हो सका. फिलहाल, फ्लेदर बनाने के लिए मथुरा व वृंदावन के फूलों का भी उपयोग किया जा रहा है. इन फूलों को कानपुर स्थित औद्योगिक इकाई लाकर उत्पादन प्रक्रिया की जाती है.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

कानपुर बुलेटिन: विशाख अय्यर बनें कानपुर के नए डीएम

कानपुर के डीएम विशाख जी. ने व्यवस्थाएं सुधारने के  कर्मचारियों को दिए निर्देश

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कानपुर में आज विशाख जी. अय्यर ने ज़िलाधिकारी का पद ग्रहण किया. चार्ज लेते ही उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. वहीं, बारिश के चलते शहर के भीतरगांव इलाक़े में कच्चा मकान गिरने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई.इसके अलावा आईएईए द्वारा आयोजित एक्सपोर्ट कांक्लेव में हिस्सा लेने केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति भी कानपुर पहुंची यहां उन्होंने महंत नरेंद्र गिरी से करीबी रिश्ता होने की बात कही. आइए डालते है कानपुर के आज के समाचारों पर विस्तृत नजर

1:चार्ज लेते ही डीएम ने किया औचक निरीक्षण
2011 बैच के आईएएस विशाख जी. ने शुक्रवार को कानपुर के ज़िलाधिकारी का पदभार ग्रहण किया. चार्ज लेते ही उन्होंने कलेक्ट्रेट कार्यालय का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान वह सबसे पहले आगन्तुक कक्ष पहुंचे. यहां उन्होंने निर्देश दिए कि हमारी प्राथमिकता जनता की समस्याओं का गुणवत्तापूर्ण व समयबद्ध तरीके से निस्तारण कराना है. उन्होंने कहा कि अपनी समस्या लेकर आने वासे फरियादियों के बैठने की बेहतर व्यवस्था की जाए. इसके बाद वह आईजीआरएस कक्ष पहुंचे. यहां की व्यवस्थाएं देखने के बाद उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता के एक भी प्रकरण पेंडिंग नही रहने चाहिए. प्राथमिकता के आधार पर  सभी का निस्तारण किया जाए. शासन की लाभकारी योजनाओं का लाभ हर पात्रों को मिले. उन्होंने एडीएम सिटी कार्यालय, एडीएम वित्त राजस्व कोर्ट,  असलाहा  अनुभाग, नजारत, मनोरंजन, अशाज्योति कैंटिंग आदि का निरीक्षण किया.
2:कच्चा मकान गिरने से बुजुर्ग की मौत
कानपुर में गुरुवार रात से रुक रुककर बारिश का सिलसिला जारी है. लगातार हो रही बारिश के चलते शुक्रवार सुबह साढ़ थाना क्षेत्र में भीतरगांव ब्लाक के इटहरा गांव में एक कच्चा मकान गिर गया. इस दौरान मकान में एक बुजुर्ग मौजूद था. जिसकी मलबे में दबने के कारण मौक़े पर ही मौत हो गई. बीते दिनों हुई लगातार बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों मकान गिरकर ध्वस्त हो गए हैं.

3:एक्सपोर्ट कांक्लेव में साध्वी निरंजन ज्योति ने की शिरकत
कानपुर में केन्द्रीय मंत्री साध्वी निरंजन ज्योति ने आईआईए के कार्यक्रम में शिरकत की.यहां उन्होंने कहा कि महंत नरेंद्र गिरी के वह काफी करीब थी.वह ही उन्हें अखाड़े में लाए थे.उनकी  मौत का सच सीबीआई सामने लाएगी.सीबीआई जांच के बाद दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा.संत समाज की बात मान कर सीएम ने सीबीआई जांच की संस्तुति की.संत समाज इसके लिए सीएम योगी का आभारी रहेगा.उन्होंने कहा कि गद्दी को लेकर चल रहा विवाद अखाड़े के लोग बैठ कर सुलझा लेंगे.ओवैसी की पार्टी के यूपी में चुनाव लड़ने पर साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि पहले भी ओवैसी चुनाव लड़ने आए थे. पहले की तरह ही इस बार भी वह यूपी से विदा हो जाएंगे.उन्होंने कहा कि ओवैसी के मंचों पर एक धर्म के बैनर पोस्टर लग रहे हैं.वह समाज को बांटने का काम कर रहे हैं,निर्वाचन आयोग को संज्ञान लेना चाहिए.लोकतंत्र में मजहब के आधार पर चुनाव नही लड़ा जाता है.

उन्नाव के तालाब की मिट्टी से बनी पिच पर खेलते हैं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी

ग्रीन पार्क स्टेडियम में बीघापुर के तालाब की काली मिट्टी से तैयार की गई पिच

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कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 25 नवंबर से भारत और न्यूजीलैंड के बीच होने वाले टेस्ट को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं. स्टेडियम में कई सालों से समस्या बनी जंगली घास को साफ किया जा रहा है. वहीं, खिलाड़ियों को अभ्यास सत्र के लिए 10 काली मिट्टी की प्रैक्टिस पिचें उपलब्ध कराई जाएंगी, जबकि मुख्य मैदान में नौ पिचों को तैयार किया जाएगा. इन पिचों को तैयार करने में उन्नाव जिले के बीघापुर गांव से काली मिट्टी लाई गई है.ग्रीन पार्क को टेस्ट मैच की मेजबानी मिलते ही वाटर लॉगिंग, सेंड बेस के साथ मुख्य पिच व अभ्यास पिचों के रेनोवेशन का काम तेजी से शुरू कर दिया गया है. पिच क्यूरेटर और उनके असिस्टेंट तेज़ी से इस काम को पूरा करने में लगे हुए हैं.
कितनी भी हो बारिश नहीं भरेगा पानी
सेंट्रल जोन और ग्रीन पार्क के सीनियर पिच क्यूरेटर शिव कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण लागू लॉकडाउन के चलते खेल की गतिविधियां पूरी तरह से बंद थीं. इस कारण मैदान में बड़े स्तर पर मेंटेनेंस का काम भी पेंडिंग पर था. मैदान को ज्योमेट्री करेक्शन से तैयार किया गया है. उन्होंने बताया कि पिछले सीजन में बारिश का पानी भर जाने के कारण मुसीबत झेलने पड़ी थी. इसे देखते हुए ग्रीन पार्क में ड्रेनेज सिस्टम का काम पूरा किया जा चुका है.अब कितनी भी बारिश हो जाए मैदान के किसी भी छोर पर पानी नहीं भरेगा.
उन्नाव के तालाब की काली मिट्टी से तैयार की जाती है पिच
शिव कुमार ने बताया कि स्टेडियम की 9 पिचों के साथ 10 अभ्यास विकेट पर टॉप ड्रेसिंग का काम किया जा रहा है. इन पिचों को तैयार करने के लिए उन्नाव जिले के बीघापुर गांव में बने तालाब की काली मिट्टी का इस्तेमाल किया गया है. उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम के चलते ज़्यादा मात्रा में मिट्टी मिल रही है. इसके साथ ही उसकी क्वालिटी भी पहले से बेहतर है.
2002 से पहले स्लो विकेट होने के चलते ड्रा हो जाते थे टेस्ट
शिव कुमार ने बताया कि साल 2002 से पहले ग्रीन पार्क में जितने भी टेस्ट मैच हुए हैं, उनका ज्यादातर रिजल्ट ड्रा ही रहता था. इसका कारण यहां का स्लो विकेट था.लेकिन जब 2002 में विकेट बनाने की जिम्मेदारी मेरे पास आई, तो उसके बाद से यहां होने वाले प्रत्येक टेस्ट मैच का रिजल्ट आने लगा. कई टेस्ट मैच तो तीन दिन में ही ख़त्म हो गए. उनके मुताबिक़ आने वाले टेस्ट मैच का भी नतीजा ज़रूर निकलेगा.
सेंड बेस से तैयार किया गया मैदान, बारिश होने पर नहीं होगा कीचड़
पिच क्यूरेटर ने कहा कि स्टेडियम में मिट्टी के साथ उसे सेंड बेस कर दिया गया है. इसके चलते बारिश के बाद कीचड़ होने की संभावना खत्म हो जाएगी. इसके साथ मुख्य व अभ्यास पिच को भी रेनोवेट कर दिया गया है. कुछ पिचों को बल्लेबाजों के अनुरूप बनाया जा रहा है. जिसका फायदा उन्हें अभ्यास सत्र के दौरान मिलेगा. वहीं, मैदानकर्मी कई ग्रुप में जंगली घास के क्षेत्र को खोदकर उसके स्थान पर नई घास लगा रहे हैं. इसका फायदा खिलाड़ियों को मैच के दौरान फील्डिंग में मिलेगा. डाइव मारते समय उन्हें चोट नहीं लगेगी.
न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

DL के लिए 5000 रुपए रिश्वत नहीं दे सका युवक, आर्थिक तंगी से परेशान होकर दे दी जान

Kanpur News: मृतक के घर में मचा कोहराम

Kanpur Crime News: कानपुर के आरटीओ कार्यालय में आवेदन के बाद भी कई महीनों तक हेवी ड्राइविंग लाइसेंस नहीं मिला. आरटीओ के अधिकारी ने कहा- रिश्वत मामले की गहनता से जांच कराई जाएगी. जो दोषी होगा, उस पर करेंगे कार्रवाई.

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कानपुर. यूपी के कानपुर (Kanpur) जिले में शनिवार को बेहद चौंका देने वाली घटना सामने आई है. यहां ड्राइविंग लाइसेंस न बनने से परेशान युवक ने जान दे दी. बताया जा रहा है कि युवक कानपुर के आरटीओ कार्यालय के पिछले कई महीने से चक्कर लगा रहा था. बिधनू के कारगिल कॉलोनी के रहने वाले युवक ने अगस्त में आरटीओ कार्यालय में हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अप्लाई किया था. मगर कार्यालय के लिपिक द्वारा रिश्वत मांगे जाने और घर की आर्थिक तंगी भी परेशान कर रही थी जिसके बाद युवक ने घर में फांसी के फंदे पर लटक कर खुदकुशी कर ली. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. घटना के बाद मृतक के घर में कोहराम मचा हुआ है.

जानकारी के अनुसार, बिधनू थाना क्षेत्र के गंगापुर कारगिल कॉलोनी निवासी सत्येंद्र कुमार का 25 वर्षीय पुत्र आशीष ऑटो चालक था. आज सुबह पिता की नींद खुली तो उसने देखा कि आशीष बिस्तर पर नहीं है. घर में ढूंढने के बाद जब ऊपर छत पर चढ़ा तो अपने बेटे को फंदे पर लटका देखा. जिसके बाद से घर में चीख-पुकार मच गई. आनन-फानन में उसे नजदीक के अस्पताल में ले गए जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. मृतक की मां पूनम ने बताया कि बेटा आशीष पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी. साथ ही छोटी बहन शिवानी की शादी को लेकर भी हो परेशान था. बेटा पुराना ऑटो खरीद कर चला रहा था.

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बीते तीन माह पहले ऑटो खराब हो गया जिसके बाद उसने हैवी लाइसेंस बनाने के लिए आरटीओ कार्यालय में अप्लाई किया, ताकि वह बड़ा वाहन चला सके और उसे तनख्वाह भी ज्यादा मिले. मां के मुताबिक आशीष अपना हैवी लाइसेंस बनाने के लिए आरटीओ कार्यालय में कई बार गया वहां मौजूद लिपिक में उससे 5000 रुपये घूस की डिमांड की. जिसके बाद से वह परेशान चल रहा था. मामले पर आरटीओ प्रशासक सुधीर कुमार वर्मा ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है. मगर घूस वाली बात की जांच कराई जाएगी और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

Aligarh: मस्जिद में नाबालिग का यौन शोषण, परिजनों ने मौलवी के खिलाफ लिखाई FIR

इसी मस्जिद में हुई वारदात.

crime in UP : बच्चा मस्जिद में कुरान शरीफ पढ़ने गया था. वहीं मौलवी ने उसका यौन शोषण किया. मौलवी की हरकतों का पता चलते ही बच्चे के परिजनों ने रोरावर थाने में लिखित तहरीर देते हुए कार्रवाई करने की मांग की है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 24, 2021, 17:18 IST
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अलीगढ़. उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में 12 साल के एक बच्चे के साथ कुकर्म करने की वारदात सामने आई है. यहां के रोरावर इलाके की मस्जिद में एक मौलवी पर बच्चे से कुकर्म करने का आरोप लगा है. इस वारदात के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है. मौलवी की ज्यादती का शिकार बच्चा डरा-सहमा है.

बताया जाता है कि यह बच्चा मस्जिद में कुरान शरीफ पढ़ने गया था. वहीं मौलवी ने उसका यौन शोषण किया. इस वारदात से डरे सहमे बच्चे ने अपने परिजनों से आपबीती रोते हुए सुनाई. मौलवी की हरकतों का पता चलते ही बच्चे के परिजन उसे लेकर रोरावर थाना पहुंचे. रोरावर थाने में उन्होंने मौलवी के खिलाफ लिखित तहरीर देते हुए कार्रवाई करने की मांग की है. इस मामले में अलीगढ़ के सीओ राघवेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल मामले की जांच की जा रही है. बच्चे के परिजनों ने मौलवी के खिलाफ मस्जिद में बच्चे से कुकर्म किए जाने की तहरीर दी है. फिलहाल बच्चा बेहद डरा सहमा है. वह मस्जिद में कुरान शरीफ पढ़ने जाया करता था. इसी बीच मौलवी ने बच्चे के भोलेपन का गलत फायदा उठाया है.

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इस वारदात के सामने आने के बाद बच्चे के परिजनों और इलाके के लोगों में रोष है. वे पुलिस से मौलवी के खिलाफ जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

(रिपोर्ट: रंजीत सिंह)

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Kanpur News: ट्रैफिक पुलिस की गलती से जनता जुर्माना भर रही है. स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम सही तरीके से संचालन ना होने की वजह से शहर के सभी प्रमुख चौराहे पर लंबा-लंबा जाम लग रहा हैं.

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कानपुर. यूपी के कानपुर (Kanpur) शहर में अकेले एक तिराहे पर 45 दिन में वाहन चालकों के चालान (Traffic Chalan) काटकर 2.5 करोड़ का जुर्माना लगाया गया तो सभी सकते में आ गए हैं. अब इस तिराहे से गुजरने से वाहन चालक घबराने लगे हैं कि कहीं चालान न कट जाए. इसी कड़ी में शुक्रवार को कानपुर ट्रैफिक पुलिस का कारनामा सामने आया है. जिसे सुनकर आप भी चौंक जाएंगे. सिर्फ फायर ब्रिगेड तिराहा फजलगंज में 45 दिन के भीतर ट्रैफिक पुलिस ने 16 हजार लोगों के 2 करोड़ 40 लाख रुपए के गलत चालान काट दिए. मामला सामने आने के बाद अफसरों का कहना है कि इस अवधि के अधिकांश चालान निरस्त किए गए हैं. जो भी शेष होंगे, उन्हें भी निरस्त किया जाएगा.

खुद वाहन स्वामी को भी नहीं पता चल रहा है. किसी को मैसेज से तो किसी को घर पर डाक द्वारा अपना चालान मिल रहा है जबकि लोगों का कहना है कि वे नियमों का पालन कर रहे हैं. दरअसल स्मार्ट सिटी के तहत आईटीएमएस सिस्टम लगाया गया है जो अभी तक करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है. ताबड़तोड़ शिकायत पहुंचने पर ट्रैफिक पुलिस ने सर्वे कराया तो मानक के विपरीत चालान पाए गए और फौरन ट्रैफिक सिग्नल को बंद करके अब सामान्य रूप से ट्रैफिक चलाया जा रहा है.

वाहन स्वामियों ने लगाई गुहार
ट्रैफिक पुलिस की गलती से जनता जुर्माना भर रही है. स्मार्ट सिटी कंट्रोल रूम सही तरीके से संचालन ना होने की वजह से शहर के सभी प्रमुख चौराहे पर लंबा-लंबा जाम लग रहा हैं. वाहन स्वामियों का कहना है कि ट्रैफिक पुलिस को यह व्यवस्था देखनी चाहिए और जो लोग नियमों का पालन कर रहे हैं कम से कम उनका चालान नहीं होना चाहिए. प्रदेश में सबसे ज्यादा चालान कानपुर में ही किए जा रहे हैं और यह पूरा मामला सिर्फ एक फजलगंज चौराहे का है.

चालान निरस्त करने के दिए आदेश
जहां पर सिस्टम की गलती की वजह से 2.40 करोड़ रुपए के चालान कट गए चालान की जिम्मेदारी चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस को दी गई है. मगर ट्रैफिक पुलिस खुद चलाना करके होमगार्डों के हाथों में मोबाइल दे दिया है और वह जैसे तैसे फोटो खींच रहे हैं नियमों का पालन किया हो या ना किया हो. फिलहाल ट्रैफिक पुलिस की गलती की वजह से आम आदमी परेशान हो गया मगर अब जब गलती सामने आई तो अधिकारी ने तत्काल सभी चालान निरस्त करने के आदेश दिए हैं और आगे से यह गलती ना हो इसके लिए सख्त निर्देश दिए हैं.

Kanpur : मृत गायों को छुपाने के मामले में गोशाला के दो अधिकारी सस्पेंड, कई पर कार्रवाई

दो अधिकारी तत्काल प्रभाव से निलंबित, दो के खिलाफ निलंबन की अनुशसा. (प्रतीकात्मक फोटो)

Case of hiding dead cows : आउटसोर्सिंग पर तैनात पशु चिकित्सा सहायक योगेंद्र पाल और वाहन चालक अमित तिवारी को कार्यमुक्त करने का आदेश दिया है. इस मामले में नगर आयुक्त ने पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महेश चंद्र और पशु धन प्रसार अधिकारी राणा प्रताप सिंह पर निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति की है.

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कानपुर. गोबर में मृत गोवंश छुपाकर ले जाने के मामले में नगर आयुक्त शरणप्पा ने बड़ी कार्रवाई की है. उन्होंने पंकी स्थित दोनों गोशाला के प्रभारी राजस्व निरीक्षक अरविंद मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और आउटसोर्सिंग पर तैनात पशु चिकित्सा सहायक योगेंद्र पाल और वाहन चालक अमित तिवारी को कार्यमुक्त करने का आदेश दिया है. इस मामले में नगर आयुक्त ने पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महेश चंद्र और पशु धन प्रसार अधिकारी राणा प्रताप सिंह पर निलंबन की कार्रवाई की संस्तुति की है.

दरअसल, इस पूरे मामले की पहली छानबीन अपर नगर आयुक्त अरविंद राय और उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर आरके निरंजन ने की थी. इन दोनों की रिपोर्ट के बाद ही नगर आयुक्त जांच करने के लिए पंकी स्थित गोशाला पहुंचे थे. वहां पहुंचकर उन्होंने सारे रिकॉर्ड जांचे. इस निरीक्षण में चौंकाने वाली कई चीजें उनके सामने आईं. जब नगर आयुक्त किदवई नगर पशु चिकित्सालय पहुंचे तो वहां तैनात पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महेश चंद्र गोशाला में नहीं थी. वहीं से तीन बार कॉल करने के बाद पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर महेश चंद्र और पशुधन प्रसार अधिकारी राणा प्रताप सिंह गोशाला पहुंचे. इन दोनों के गोशाला पहुंचने से पहले नगर आयुक्त ने पंकी में पदस्थापित पशु चिकित्सक सहायक योगेंद्र पाल से भी पूछताछ की थी. दस्तावेजों की जांच में नगर आयुक्त ने पाया कि दोनों अधिकारियों ने 21 सितंबर को चिकित्सा संबंधी ओपीडी रजिस्टर में ट्रकों के आने जाने की कोई एंट्री नहीं की गई है. नगर आयुक्त के पहुंचने के बाद पशु चिकित्सक सहायक योगेंद्र पाल ने दोनों अधिकारियों को 3-3 बार कॉल की, तो दोपहर 2:00 बजे वे दोनों गोशाला पहुंचे. तब नगर आयुक्त ने दोनों अधिकारियों के निलंबन की संतुति की.

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परिसर समेत रिकॉर्ड देखा

बताते चलें कि गोबर में छुपा कर गोवंश ले जाने पर यह 2 दिन तक हंगामा हुआ है. पंकी स्थित अस्थाई गो संरक्षण केंद्र भाग 1 भाग 2 के गोशाला प्रभारी प्रांशु शर्मा को गौशाला प्रभारी नियुक्त किया गया था. पूर्व नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने दोनों गोशालाओं का निरीक्षण किया था और इस जांच में राजस्व निरीक्षक अरुण मिश्रा की लापरवाही सामने आई है.

लिटिल मास्टर की शिकायत पर प्रशासन ने चार साल बाद ली सुध

ग्रीन पार्क स्टेडियम के मीडिया सेंटर में लगेगी लिफ्ट, बनेगी विजिटर्स गैलरी

इसके आयोजन के लिए प्रशासन और खेल विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं. टेस्ट मैच से पहले मीडिया सेंटर गैलरी में लिफ्ट लगाने की कवायद की जा रही है. वहीं, स्मार्ट सिटी योजना के तहत विजिटर गैलरी का काम भी जल्दी ही पूरा कराया जाएगा.

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कानपुर के ग्रीन पार्क स्टेडियम में 25 नवंबर से भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज़ का तीसरा टेस्ट मैच खेला जाएगा. इसके आयोजन के लिए प्रशासन और खेल विभाग की ओर से तैयारियां शुरू कर दी गईं हैं. टेस्ट मैच से पहले मीडिया सेंटर गैलरी में लिफ्ट लगाने की कवायद की जा रही है. वहीं, स्मार्ट सिटी योजना के तहत विजिटर गैलरी का काम भी जल्दी ही पूरा कराया जाएगा. चार साल बाद ग्रीन पार्क में टेस्ट मैच का आयोजन किया जा रहा है.

ऐतिहासिक 500 टेस्ट मैच के दौरान लिटिल मास्टर ने की थी लिफ़्ट न होने की शिकायत
इससे पहले 22 सितंबर 2017 को ग्रीन पार्क ऐतिहासिक 500 वां टेस्ट मैच खेला गया था. उस दौरान लिटिल मास्टर सुनील गावस्कर ने मीडिया सेंटर में लिफ़्ट न होने की शिकायत की थी. उन्होंने कहा था कि कमेंट्री बाक्स चौथे फ़्लोर में होने के चलते आवाजाही में काफ़ी परेशानी होती है. जिसका संज्ञान जिला प्रशासन की ओर से लिया गया है. मंडलायुक्त राजशेखर ने बुधवार को ग्रीन पार्क का निरीक्षण भी किया व तैयारियां तेज़ करने के निर्देश दिए.
डायरेक्ट्रेट पवेलियन में बनेगी विज़िटर गैलरी
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत डायरेक्टरेट पवेलियन में विजिटर गैलरी बनाने की भी स्वीकृति दी गई है. पांच करोड़ की लागत से प्रोजेक्ट पूरा किया जाएगा. मैच से पहले एक फ्लोर बनवा कर चालू करने का प्रयास होगा. विजिटर गैलरी में ग्रीन पार्क का इतिहास प्रदर्शित किया जाएगा. आपको बता दें कि ग्रीन पार्क में पहला टेस्ट मैच भारत और इंग्लैंड के बीच 1952 में खेला गया था. अब तक ग्रीन पार्क में 22 टेस्ट मैचों का आयोजन किया जा चुका है. भारत ने अपना पांच सौंवा टेस्ट मैच भी ग्रीन पार्क स्टेडियम में खेला था. इन सभी यादों को विजिटर गैलरी में संयोजने का प्रयास किया जाएगा. जिसमें एचबीटीयू को टेक्निकल पार्टनर बनाया गया है. वहीं 75 लाख से मीडिया गैलरी में लिफ्ट लगाने का काम किया जाएगा.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

दूसरी डोज लगवाने के लिए परेशान हो रहे है कनपुरिये 

कानपुर शहर में अब तक करीब 5 लाख लोगों को लग पाई हैं वैक्सीन की दोनो डोज

सरकार द्वारा चलाए जा रहे मेगा वैक्सीनेशन अभियान के अंतर्गत रोजाना हजारों लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन की डोज लगा रही है, लेकिन सरकारी आकड़ों को ही देखा जाए तो अब तक शहर की आधी आबादी का वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है. सरकार द्वारा किये जा रहे दावों के मुताबिक दिसंबर तक शहर का हर एक व्यक्ति को वैक्सीन लग जाएगी.

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10 साल पहले हुई जनगणना के मुताबिक शहर की आबादी करीब 52 लाख थी, जानकारों की मानें 10 सालों में कानपुर की आबादी में काफी इजाफा हुआ है. अब शहर की आबादी लगभग 68 से 70 लाख के आसपास पहुंच गई है. सरकार द्वारा चलाए जा रहे मेगा वैक्सीनेशन अभियान के अंतर्गत  रोजाना हजारों लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन की डोज लगा रही है, लेकिन सरकारी आकड़ों को ही देखा जाए तो अब तक  शहर की आधी आबादी का  वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है. सरकार द्वारा किये जा रहे दावों के मुताबिक दिसंबर तक शहर का हर एक व्यक्ति को वैक्सीन लग जाएगी.

सरकारी आकड़े ही खोल रहे खोखले दावों की पोल 
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कानपुर नगर में 16 जनवरी से शुरू हुए अभियान में 18 सितम्बर तक सिर्फ 1672721 लोगों को पहली डोज लगी है. वहीं, दूसरी डोज के आकड़े तो और भी अधिक चौकाने वाले है. अब तक शहर में 18 सितम्बर तक सिर्फ 495143 लोगों को ही दूसरी डोज लगी है. इन आकड़ों के हिसाब से सरकार के सारे दावे खोखले साबित होते दिख रहे है. 70 लाख की आबादी वाले शहर में सिर्फ 495143 लोगों का ही वैक्सीनेशन पूरा हो पाया है.
दोबारा देखने को मिल सकता है दूसरी लहर जैसा मंजर 
जानकारों की मानें तो अगर कोरोना की संभावित तीसरी लहर ने शहर में दस्तक दे दी तो दूसरी लहर जैसा मंजर एक बार देखने को मिल सकता है. दरअसल, कोरोनारोधी वैक्सीन लगने के कुछ दिन तक व्यक्ति के शरीर का इम्युनिटी सिस्टम थोड़ा वीक रहता है, ऐसे में अगर तीसरी लहर आती है तो शहर में खतरा बढ़ सकता है.
दूसरी डोज के लिए यहां-वहां भटक रहे लोग
शहर में दूसरी डोज लगवाने वाले लोगों को एक वैक्सीनेशन सेंटर से दूसरे में दौड़ लगानी पड़ रही है. कृष्णा नगर की रहने वाली प्रतिमा पांडेय और उनके बेटे को वैक्सीन की दूसरी डोज लगनी थी. उनका कहना था कि जो सेंटर पहले उन्हें एलॉट हुआ वहां जब हम अपने नियत समय पर पहुंचे तो वहां वैक्सीन खत्म हो गयी, इसके बाद जब हमने अगले दिन वैक्सीन स्लॉट दोबारा बुक किया तो कल्याणपुर का सेंटर मिला, जोकि हमारे घर से करीब 45 किलोमीटर दूर है, वहां पर भी गए तो वैक्सीन नहीं लगी. ऐसा सिर्फ इनके साथ नहीं शहर के ज्यादातर लोगों के साथ हो रहा है.

न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

कानपुर में डेंगू का कहर, सीएमओ आफिस के बाहर जल जमाव

सीएमओ आफिस के बाहर जमा गंदा पानी

कानपुर के कांशीराम अस्पताल परिसर में मौजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी दफ्तर के सामने ही बारिश व सीवर लाइन ब्लॉक होने से गंदा पानी जमा है. लोगों के घर-घर जाकर डेंगू के लार्वा ढूंढने वाले स्वास्थ्य विभाग को अपने मुखिया के आफिस के बाहर के हालात ही नजर नहीं आ रहे हैं. ब्लॉक लाइन को खोलने के लिए फाइल मेयर, डीएम और कमिश्नर के दफ्तर में घूम रही है.

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सीएमओ आफिस के बाहर की तस्वीर देखकर यह अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि सरकारी अफसर संक्रामक बीमारियों से निपटने के लिए कितने संजीदा हैं. कानपुर के कांशीराम अस्पताल परिसर में मौजूद मुख्य चिकित्सा अधिकारी  दफ्तर के सामने ही बारिश व सीवर लाइन ब्लॉक होने से गंदा पानी जमा है. लोगों के घर-घर जाकर डेंगू के लार्वा ढूंढने वाले स्वास्थ्य विभाग को अपने मुखिया के आफिस के बाहर के हालात ही नजर नहीं आ रहे हैं. ब्लॉक लाइन को खोलने के लिए फाइल मेयर, डीएम और कमिश्नर के दफ्तर में घूम रही है.
कई दिनों से हालात हैं खराब
पिछले दो महीनों से सीएमओ आफिस के बाहर यही हालात हैं. पूरे महानगर में संक्रामक बीमारियों पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी जिस स्वास्थ्य महकमे पर है, वह खुद अपने कार्यालय के सामने फैली गंदगी की सफाई नहीं करा पा रहा है. कई विभागों के चक्कर में नाले की सफाई नहीं हो रही है. जिसके चलते यहां बारिश व सीवेज का पानी भरा हुआ है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी नेपाल सिंह का कहना है कि अधिकारियों से बात की गई है, उन्होंने सफाई का आश्वासन दिया है. उनके मुताबिक़ सीवेज की सफाई में कम से कम 10 से 15 दिन का समय और लग सकता है. सीएमओ का कहना है कि डेंगू का मच्छर गंदे पानी में नहीं पनपता है. रोजाना इस पानी में एंटी लार्वा का छिड़काव किया जाता है.

प्रशासन के अधिकारियों ने किया था हाल ही में यहां का दौरा
आपको बता दें जब से शहर में वायरल बुखार और डेंगू से लोगों की मौतें होना शुरू हुई है. तब से लेकर अब तक हर बड़ा अधिकारी सीडीओ, डीएम, कमिश्नर, महापौर सब ने इस ट्रामा सेंटर का दौरा किया, लेकिन फिर भी यहां की फाइलें अलग अलग विभागों के चक्कर लगा रही है. इन यहां पर भर्ती मरीजों का भी ख्याल नहीं आया.
न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

आज़ादी के अमृत महोत्सव के तहत कानपुर से रवाना हुई सीआईएसएफ की साइकिल रैली 

कानपुर के नाना राव पार्क से सीआईएसएफ की साइकिल रैली को रवाना करते सतीश महाना

प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश बहाना ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान महापौर प्रमिला पांडेय, बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा व मंडलायुक्त राजशेखर भी मौजूद रहे.

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आज़ादी की 75 वीं वर्षगाँठ के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे अमृत महोत्सव के तहत कानपुर के नानाराव पार्क से सीआईएसएफ़ की एक साइकिल रैली राजघाट के लिए आज रवाना की हुई. प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश बहाना ने इसे हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. इस दौरान महापौर प्रमिला पांडेय, बिठूर विधायक अभिजीत सिंह सांगा व मंडलायुक्त राजशेखर भी मौजूद रहे. देश के दस शहरों से यह साइकिल रैली को रवाना किया गया है. जो दो अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन बापू की समाधि स्थल राजघाट पहुंचेगी.

प्रतिदिन 50 किमी साइकिल चलाएंगे सीआईएसएफ के दस जवान
सीआईएसएफ़ के उत्तर क्षेत्र से दस जवानों को कानपुर के नानाराव पार्क से मंगलवार को साइकिल से दिल्ली से रवाना किया गया है. यह जवान लगातार 11 दिनों तक साइकिल चलाकर कन्नौज व अलीगढ़ होते हुए पहले ग़ाज़ियाबाद के सीआईएसएफ़ केंद्र पहुंचेगे.वहां एक दिन आराम करने के बाद दिल्ली रवाना होंगे. साइकिल से रवाना हुए जवानों ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन क़रीब 50 किमी साइकिल चलाने का लक्ष्य रखा है. इसके लिए वह काफ़ी दिनों से तैयारियां कर रहे थे.

रात्रि विश्राम के समय लोगों के बताएंगे आज़ादी के मायने
सीआईएसएफ़ के उत्तरी क्षेत्र के उपमहानिरीक्षक प्रबोध चंद्रा ने बताया कि कानपुर से साइकिल लेकर रवाना हुए जवानों के पिछले एक माह से विशेष ट्रेनिंग दी जा रही थी. यह सभी जवान पूरी तरह फिजकली फ़िट है. उन्होंने बताया कि यह जवान दिन में साइकिलिंग करके अपनी मंज़िल की तरफ़ बढ़ेंगे. वहीं, रात्रि में विश्राम करेंगे. रात्रि विश्राम के दौरान वह आसापास के लोगों को आज़ादी के असल मायने व आजादी की लड़ाई में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के योगदान के बारे में बताएंगे.
न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

मेगा लेदर क्लस्टर को कानपुर के चमड़ा व्यापारी बता रहे सभी समस्याओं का समाधान

50 फीसद उत्पादन क्षमता के साथ कानपुर की टेनरियों में हो रहा उत्पादन

उपायुक्त उद्योग सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर में लेदर उद्योग को एक ज़िले एक उत्पाद के तहत चयनित किया गया है. ज़िले के रमईपुर इलाक़े में क़रीब 68 एकड़ भूमि पर मेगा लेदर क्लस्टर का विकास किया जाएगा. इसकी लागत क़रीब 200 करोड़ होगी.

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चमड़ा नगरी के नाम से मशहूर उत्तर प्रदेश के कानपुर में चर्म उद्योग पर पिछले कुछ दिन से संकट के बादल छाए हैं. लेकिन, कानपुर के रमईपुर क्षेत्र में मेगा लेदर क्लस्टर बनने से कानपुर के चमड़ा उद्यमियों को खासा उम्मीदें है. उनका मानना है कि मेगा लेदर क्लस्टर बनने के बाद लेदर उद्योग के पुराने दिन वापस आने वाले हैं. यहां उन्हें सभी मूलभूत सुविधाएं एक साथ मिलेगी. जिससे कानपुर में लेदर उद्योग को एक बार फिर विकास के पंख लगेंगे.

68 एकड़ भूमि में बनेगा मेगा क्लस्टर
उपायुक्त उद्योग सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि कानपुर में लेदर उद्योग को एक ज़िले एक उत्पाद के तहत चयनित किया गया है. ज़िले के रमईपुर इलाक़े में क़रीब 68 एकड़ भूमि पर मेगा लेदर क्लस्टर का विकास किया जाएगा. इसकी लागत क़रीब 200 करोड़ होगी. इसके लिए कुछ ज़मीन किसानों से कुछ ज़मीन उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास प्राधिकरण से अधिगृहीत कर ली गई है. उन्होंने बताया कि जाज़मऊ में जो टेनरियां है, उनसे गंगा नदी व पर्यावरण में काफ़ी प्रदूषण हो रहा है. इसे देते हुए मेगा क्लस्टर को ग्रीनफील्ड की अवधारणा के तहत विकसित किया जाएगा. यहां से निकलने वाले सभी तरही के वेस्ट को शोधित किया जाएगा.

कामन फ़ैसिलिटी सेंटर से छोटे उद्यमियों को मिलेगी रफ़्तार
 टेनरी मालिक अशरफ़ रिज़वान के मुताबिक मेगा लेदर क्लस्टर उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की चाबी है. यहां पर एक ही जगह पर लेदर उद्योग के लिए ज़रूरी मूलभूत सुविधाएं मौजूद होंगी. यहां पर एक स्किल डेवलेपमेंट सेंटर बनाया जाएगा. जिसमें कुशल श्रमिकों को तैयार किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि किसी भी उद्योग को चलाने में कुशल कारीगर अहम रोल निभाते हैं. इसके अलावा यहां कामन फ़ैसिलिटी सेंटर स्थापित किया जाएगा. जिसमें लेदर उद्योग से संबंधित हरेक मशाीनरी मौजूद होगी. इससे छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद तैयार करने में काफ़ी सुविधा होगी. अभी तक उन्हें अपने उत्पाद तैयार करने के लिए कई लोगों से कांटैक्ट करना पड़ता है. इसके अलावा समय से डिलीवरी मिलने में भी काफ़ी परेशानी होती है.
50 फ़ीसद क्षमता के साथ हो रहा संचलान
रिज़वान ने बताया कि फ़िलहाल 50 फ़ीसद क्षमता के साथ ही टेनियों में गीला व सूखा काम हो रहा है. इसके पीछे की वजह कोविड प्रटोकाल के साथ-साथ सीमित शोधन क्षमता है. उन्होंने पिछली सरकारों को इसके लिए ज़िम्मेदार बताते हुए कहा कि शोधन क्षमता की ओर गौर किए बग़ैर लोगों को टेनरियों के संचालन के लाइसेंस बांट दिए गए. जिसका ख़ामियाज़ा आज भुगतना पड़ रहा है. उन्होंने मेगा लेदर क्लस्टर को चमड़ा उद्योग की उम्मीदों का क्लस्टर बताते हुए कहा कि एक बार फिर चर्म उद्योग पटरी पर लौट सकता है.
न्यूज 18 लोकल के लिए आलोक तिवारी की रिपोर्ट

कानपुर में डेंगू और बुखार से मौतों का ऑडिट करेगी टीम, 136 पहुंचा मरीजों का आंकड़ा

 Kanpur: डेंगू वायरल बुखार की रोकथाम और समय से उपचार सुनिश्चित कराने का आदेश

Viral Fever And Dengu in Kanpur: प्रशासन ने कानपुर के कुरसोली गांव में बुखार और डेंगू से हुई मौतों का आडिट कराने का फैसला किया है. शहर में 27 और ग्रामीण क्षेत्र के 109 डेंगू पीड़ित हैं.

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कानपुर. कानपुर के कुरसोली गांव में बुखार और डेंगू से हुई मौतों की ऑडिट कराई जाएगी. इसकी जिम्मेदारी मंडल आयुक्त डॉ राजशेखर ने अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं सीएमओ को दी है. साथ ही गांव में डेंगू या बुखार के फैलने, मौतों की वजह आदि का अध्ययन करने के लिए उन्होंने जीएस में मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक समिति भी गठित की गई है. मंडल आयुक्त डॉ. राजशेखर ने खुद गांव का निरीक्षण किया और पीड़ितों के परिजनों से मिले. उन्होंने डेंगू, वायरल बुखार की रोकथाम और समय से उपचार सुनिश्चित कराने का आदेश भी दिया.

सीएमओ ने उन्हें बताया कि गांव में डेंगू से अब तक किसी की मौत नहीं हुई है, लेकिन 2 माह में बुखार व विभिन्न बीमारियों से 12 लोगों की मृत्यु हुई है. मंडल आयुक्त डॉ राजशेखर ने बताया कि 3 दिन में मौत के सभी 12 मामलों की ऑडिट करें.

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सीएमओ के पास रिकार्ड नहीं

जिले में डेंगू के मरीजों का आंकड़ा 136 तक पहुंच चुका है. हालांकि सीएमओ के पास इसके रिकॉर्ड नहीं है. बता दें कि शहर के 27 और ग्रामीण क्षेत्र के 109 डेंगू पीड़ित है, जहां 255 घर है. 1300 की आबादी का कुरसोली गांव है. यहाां 322 मामले अब तक विभिन्न प्रकार के बुखार के सामने आए हैं. 1 से 96 लोगों की डेंगू की जांच के लिए नमूने भेजे गए हैं. 182 रिपोर्ट आई, इनमें 29 मामले डेंगू के सामने आए. 26 डेंगू के मरीज पूरी तरीके से स्वस्थ भी हुए हैं. यह रिपोर्ट स्वास्थ्य महकमे ने तैयार की है. हालांकि मंडलायुक्त डॉ राजशेखर ने बुखार वायरल या डेंगू के लक्षण वाले मरीजों की सूची मांगी है ताकि इसको क्रॉस चेक कराया जा सके.

खून ही खून और केवल मोबाइल की रोशनी, ये है कानपुर का CHC, देखें Video

सीएचसी में घायल युवक के सिर पर लगी चोट की जांच मोबाइल की रोशनी में की गई.

Healthcare in UP : रविवार रात दो पक्षों में हुए झगड़े के बाद घायलों को इलाज के लिए यहां लाया गया था. लेकिन इस सीएचसी में लाइट नहीं थी. यहां न जेनरेटर की व्यवस्था है और न इन्वर्टर है. ऐसे में मोबाइल की रोशनी में घायलों का इलाज किया गया.

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कानपुर. कानपुर के ब्लॉक ककवन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का हाल देखने के बाद दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल का यह शेर याद आ जाता है – कहाँ तो तय था चराग़ाँ हर एक घर के लिये/कहाँ चराग़ मयस्सर नहीं शहर के लिये. दरअसल, ककवन के इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में न तो लाइट कटने पर न जेनरेटर की व्यवस्था है और न इन्वर्टर की. ऐसे में अगर रात में किसी का इलाज करना हो तो मोबाइल और मोमबत्ती की रोशनी का ही सहारा है. यह स्थिति तब है जब स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर कर दिए जाने के दावे किए जा रहे हैं और प्रशासनिक अधिकारियों की रिपोर्ट कहती है कि वे हफ्ते में दो बार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) का निरीक्षण करते हैं.

ताजा मामला उस वक्त देखने को मिला, जब ककवन ब्लॉक में दो भाइयों के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया. दो पक्षों में जमकर लाठी-डंडे चले. इस खून-खराबे में कई लोग घायल हुए. मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए गांव के सीएचसी भेजा. ककवन के इस सीएचसी में लाइट नहीं थी, न ही इन्वर्टर या जेनरेटर की सुविधा थी.

अंधेरगर्दी : See Video

और तो और वहां रात की ड्यूटी पर कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था. जब सूचना दी गई तो उसके काफी देर बाद डॉक्टर सीएचसी पहुंचे. इस बीच घायलों के खून बहते रहे. आधे घंटे के इंतजार के बाद जब चिकित्सक आए, तो अस्पताल में अंधेरा पसरा था. घायलों के उपचार के लिए डॉक्टर ने अपनी मजबूरी बताई कि यहां न तो लाइट है और न ही जनरेटर चल रहा है. ऐसे में आपलोग अपने-अपने मोबाइल और टॉर्च जला दें, ताकि रोशनी हो सके. तब परिजनों ने मोबाइल की रोशनी दिखाई और डॉक्टर ने घायलों की मरहम-पट्टी की.

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इस पूरे मामले पर सीएससी प्रभारी एसके सिंह से जब बात की गई तो वे बिजली न होने की बात कहकर पल्ला झाड़ते नजर आए. इस बीच घायलों में से किसी के परिजन ने मोबाइल रोशनी में घायलों का इलाज करने का नजारा अपने मोबाइल में कैद कर लिया.

गंगा का बढ़ा जलस्तर,गंगा बैराज के सभी 30 गेट खोले गए

गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से बैराज के सभी 30 गेट खोल दिए गए हैं

प्रदेश भर के स्कूल कालेजों में शुक्रवार व शनिवार की छुट्टी भी घोषित की गई थी. इसके अलावा भारी बारिश से शहरों की सड़कों की जलभराव के चलते जनजीवन काफ़ी प्रभावित भी हुआ है. कानपुर में गंगा नदी का जल स्तर लगतार बढ़ रहा है. वह ख़तरे के निशान से क़रीब बह रही है.

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उत्तर भारत में इन दिनों लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. जिसके चलते यहां की नदियां भी अब उफान मारने लगी है. भारी बारिश का शासन स्तर से एलर्ट भा जारी किए गया है. वहीं, प्रदेश भर के स्कूल कालेजों में शुक्रवार व शनिवार की छुट्टी भी घोषित की गई थी. इसके अलावा भारी बारिश से शहरों की सड़कों की जलभराव के चलते जनजीवन काफ़ी प्रभावित भी हुआ है. कानपुर में गंगा नदी का जल स्तर लगतार बढ़ रहा है. वह ख़तरे के निशान से क़रीब बह रही है. जिसके चलते तटवर्ती इलाक़ों के रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है.

गंगा बैराज के सभी गेट खोले गए
गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने से गंगा बैराज के सभी 30 गेट खलो दिए गए है.  दरअसल, प्रयागराज की तरफ़ से 1.9 लाख क्यूसेक पानी छोड़ गया है. जिसके चलते गंगा नदी उफान पर आ गई है. गंगा बैराज में पानी का अपस्ट्रीम स्तर 113 तक पहुंच गया है. लगातार बारिश के चलते गंगा नदी चेतानवी बिंदु पर बह रही है. जो ख़तरे के निशान से क़रीब 5 सेमी. नीचे है. गंगा बैराज में लोगों को नदी किनारे घाटों पर नहीं जाने दिया जा रहा है.

सहायक नदियां भी उफान पर, सुरक्षित स्थानों पर लोगों को पहुंचाया जा रहा
गंगा नदी का जल स्तर बढ़ने के साथ-साथ उसकी सहायक नदियां भी उफान मारने लगी हैं. जिसके चलते कानपुर के आउटर  इलकों में बाढ़ जैसै हालात उत्पन्न हो गए हैं. लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है. वहीं, जिला प्रशासन की ओर से सभी एहतियात बरते जा रहे हैं.उधर एहतियातन लोगों ने अपने घरों में ताला लगाकर पलायन करने को मजबूर है.

Kanpur News: शराब की बोतलें चोरी करता सीसीटीवी में कैद हुआ पुलिसकर्मी, देखें VIDEO

कानपुर में शराब चुराते CCTV में कैद हुआ पुलिसकर्मी

Kanpur Policeman Viral Video: चार फ्रेम वाले इस इस वीडियो में दिख रहा है कि कर्मचारी चादर तान कर सो रहे हैं. तभी वर्दीधारी एक शख्स दुकान में घुसता है और शराब की बोतलों को उठाने लगता है. इसके बाद वह चार बड़ी बोतलों के साथ नीचे उतरता है और बैग में रखकर चलता बनता हैं.

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कानपुर. कानपुर (Kanpur) में एक खाखीधारी का एक ऐसा कारनामा सामने आया है, जिसने कहीं ना कहीं एक बार फिर विभाग को कटघरे में खड़ा करने का काम किया है. दरअसल, एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसमें एक पुलिसकर्मी (Policeman) वर्दी में अंग्रेजी शराब की दुकान से शराब चोरी करते हुए सीसीटीवी में कैद हुआ है. फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि पुलिसकर्मी दुकान के अंदर घुसता है, फिर शराब की चार छोटी बोतलें उठाकर जेब में रखता है. बाद में चार बड़ी बोतलें लेकर निकल जाता है.

वायरल वीडियो 18 सितंबर की सुबह 8.34 मिनट का बताया जा रहा है. शराब चोरी की पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो जाती है. चार फ्रेम वाले इस इस वीडियो में दिख रहा है कि कर्मचारी चादर तान कर सो रहे हैं. तभी वर्दीधारी एक शख्स दुकान में घुसता है और शराब की बोतलों को उठाने लगता है. इसके बाद वह चार बड़ी बोतलों के साथ नीचे उतरता है और बैग में रखकर चलता बनता हैं.

पुलिस कह रही जांच की बात
मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र की एक दुकान का बताया जा रहा है. पूरा खुलासा तब हुआ जब स्टॉक के मिलान के दौरान शराब की बोतलें कम मिली. इसके बाद जब मैनेजर ने सीसीटीवी फुटेज देखा तो पूरा मामला सामने आ गया. उधर वीडियो वायरल होने के बाद कल्याणपुर थाना प्रभारी निरीक्षक का कहना है कि एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है. इसकी जांच कराई जाएगी. जांच में दोषी पाए जाने के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. न्यूज़ 18 इस वीडियों की पुष्टी नहीं करता.

UP: कानपुर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की दबंगई, दंपति को जमकर पीटा

UP: कानपुर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टरों की दबंगई

Kanpur Hospital: स्वरूप नगर इंस्पेक्टर अश्विनी पांडेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर उसका मेडिकल कराया जा रहा है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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कानपुर. कानपुर (Kanpur) के हैलट अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों ने रविवार को इंसानियत को शर्मसार कर दिया. जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के हैलट अस्पताल में आए दिन डॉक्टरों की दबंगई के किस्से देखने और सुनने को मिलते हैं. कोमा में पड़े पिता को ट्यूब नली लगाने के लिए कहना बेटे को भारी पड़ गया. जूनियर डॉक्टर ने पहले तो फटकारा और फिर जमकर पीटा. बचाने पहुंचीं महिला को भी नहीं बख्शा. उसे इतनी बेरहमी से पीटा कि बेहोश हो गई. जान बचाकर भागे दंपति ने स्वरूप नगर थाने में तहरीर दी.

पीड़ित के बेटे कमल ने बताया कि 4 दिन पूर्व वह अपने पिता का इलाज कराने के लिये देव नगर रायपुरवा से हैलट लाए थे. वार्ड 14 के बेड नम्बर 20 पर भर्ती पिता की पेशाब की नली कल से बदलने के लिये डॉक्टरों से गुहार लगा रहे थे. इसी बात को लेकर जूनियर डॉक्टर भड़क गए और मारपीट करने लगे बचाने आई पत्नी शकुंतला को भी जमकर पीटा जिसके चलते पत्नी बेहोश हो गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने बेहोश महिला को इमरजेंसी भेजा मगर भयभीत परिजन महिला को थाने लेकर पहुंचे. इंस्पेक्टर के मुताबिक मेडिकल कराया गया है. मामले में एनसीआर दर्ज की गई है, अभी जांच की जाएगी.

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जहां से परिजनों से प्राथना पत्र ले कर उनके अनुरोध पर महिला को इलाज व मेडिकल के लिये उर्सला अस्पताल भेजा. बताया जा रहा है कि ऐसा नजारा देखकर अन्य मरीज व तीमारदार इतनी दहशत में आ गए कि किसी ने भी डर के मारे दंपति को बचाने की हिम्मत तक नहीं जुटाई. किसी तरह दंपति हैलट इमरजेंसी से भागते हुए स्वरूप नगर थाने पहुंचे. उन्होंने जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. संजय काला से भी शिकायत की है. पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने दो जूनियर डॉक्टर व दो वार्ड ब्वॉय समेत चार के खिलाफ एनसीआर दर्ज की है. स्वरूप नगर इंस्पेक्टर अश्विनी पांडेय ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर उसका मेडिकल कराया जा रहा है और उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन, IT की कार्रवाई जारी

Kanpur News: अभिनेता सोनू सूद का सामने आया रिच ग्रुप कनेक्शन (File photo)

Sonu Sood News: हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी यहां से लैपटॉप पेन, ड्राइव व डॉक्युमेंट्स भी ले कर गए है. वहीं रिच उद्योग लिमिटेड के खाते और लाकर भी सील किये गये है.

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कानपुर. यूपी के कानपुर (Kanpur) में रिच समूह का कनेक्शन बालीवुड के मशहूर अभिनेता सोनू सूद (Sonu Sood) से सामने आया है. 20 करोड़ की कर चोरी के मामले में इनकम टैक्स (Income Tax) की टीम ने रिच ग्रुप पर छापेमारी में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे है. कानपुर में फर्जी इनवॉइस जारी करने वाली कंपनी रिच ग्रुप और रिच उद्योग के मालिकों ने अपने कई चपरासियों को बोगस कंपनियों का डायरेक्टर बना रखा था. इस बात का खुलासा आयकर विभाग की संयुक्त टीमों के छापों के बाद चल रही जांच में हुआ है. फर्जी बिलिंग की पुष्टि के बाद विभाग ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है. सूत्रों के मुताबिक, अभिनेता सोनू सूद द्वारा लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में निवेश के लिए भी रिच समूह के जरिये फर्जी बिल जारी किए गए.

सूत्रों के मुताबिक, लखनऊ के इन्फ्रास्ट्रक्चर समूह में अभिनेता सोनू सूद ने संयुक्त उद्यम अचल संपत्ति परियोजना में निवेश किया है. यह निवेश कर चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है. जांच में पता चला है कि ग्रुप फर्जी बिलिंग में शामिल है. हालांकि आयकर विभाग के अधिकारी यहां से लैपटॉप पेन, ड्राइव व डॉक्युमेंट्स भी ले कर गए है. वहीं रिच उद्योग लिमिटेड के खाते और लाकर भी सील किये गये है. ये निवेश टैक्स चोरी और बिलिंग में गड़बड़ी करके किया गया है. जांच में पता चला है कि ग्रुप फर्जी बिलिंग में शामिल है.

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वहीं रिच समूह पर आयकर विभाग की छापे की कार्रवाई अभी जारी है, जिसमें समूह के चार ठिकाने हैं. आयकर अधिकारियों की जांच में निकला है कि इनमें से किसी कंपनी में कोई काम नहीं होता, सिर्फ फर्जी इनवाइस जारी की जाती हैं. इन कंपनियों ने अपने चपरासी व अन्य चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ही निदेशक बना रखा है ताकि सभी कंपनियां अलग-अलग नजर आएं.

Terrorist Arrest: संदिग्ध आतंकी हुमेद की कार को ATS ने कानपुर से किया बरामद, छापेमारी जारी

संदिग्ध आतंकी हुमेद की कार को ATS ने कानपुर से किया बरामद

Kanpur News: आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी.

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कानपुर. देश में दहशत फैलाने के लिए आए आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद अब दहशतगर्दों के हौसले टूटते नजर आ रहे हैं. इसी कड़ी में रविवार को कानपुर (Kanpur) में यूपी एटीएस (ATS) ने हुमेद नाम के संदिग्ध आतंकी की गाड़ी बरामद कर लिया है. दरअसल, छह संदिग्ध आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद से पुलिस से हुमेद नाम के शख्स की सरगर्मी से तलाश कर रही है. हुमेद गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी ओसामा का बेहद करीबी बताया जा रहा है. हुमेद की रिश्तेदारी कानपुर में है. जिसके चलते एटीएस की टीम ने कानपुर में भी छापा मारा था.

सूत्रों के मुताबिक एटीएस ने हुमेद की कार को बरामद किया है. बताया जा रहा है कि इसी कार से आतंकी असलहे सप्लाई करते थे. सफेद रंग की इस कार का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों में किया जाना था. कानपुर के रोशन नगर इलाके से एटीएस ने कार को बरामद किया गया. जिसके बाद से रोशन नगर क्षेत्र में हड़कंप मच गया. एटीएस की कार्रवाई लगातार चल रही है. शहर के कई इलाकों में छापेमारी की जा रही है. अगर सूत्रों के मुताबिक, चमनगंज, बेगमगज इस प्रकार आबाद नाला रोड, फेज बाग, जाजमऊ, रोशन नगर जैसे तमाम इलाकों में एटीएस के जवानों ने कुछ लोगों से पूछताछ की.

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एटीएस की छापेमारी के बाद भी कानपुर पुलिस एक्शन मोड में दिखी. डीसीपी वेस्ट बीबी जी एस मूर्ति ने बताया कि सभी थानेदारों को चेकिंग के निर्देश दिए और संदिग्ध वाहनों की विशेष तौर पर चेकिंग की जा रही है. डीसीपी वेस्ट मूर्ति ने एटीएस की अपनी कार्रवाई पर कोई भी टिप्पणी करने मना कर दिया.

बड़ी साजिश की थी तैयारी
आतंकियों ने देश में दहशत फैलाने की बड़ी साजिश रची थी. उनके निशाने पर कई नामचीन लोग भी थे. इसी के साथ ही कई शहरों में धमाके करने की भी योजना आतंकवादियों ने बना रखी थी. वहीं उत्तर प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में भी आतंकी दहशत फैलाने वाले थे.

कानपुर: घटिया पाइपलाइन डालकर करोड़ों का खेल, 24 अभियंताओं पर FIR, EOW के पास जाएगा केस

कानपुर: घटिया पाइप लाइन केस, 24 अभियंताओं पर FIR, अब EOW कसेगी शिकंजा.

Jal Nigam Corruption : घटिया पेयजल पाइप लाइन डाले जाने के मामले में जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बैराज इकाई शमीम अख्तर ने 24 अभियंताओं के खिलाफ फजलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. जिन 24 अभियंताओं पर यह मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें से 16 रिटायर हो चुके हैं. मामला एक करोड़ से अधिक के घोटाले का है, इसलिए पुलिस इसे EOW को ट्रांसफर करेगी.

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कानपुर. जेएनएनयूआरएम (JNNURM) के तहत शहर में बिछाई गई पाइपलाइन (Pipeline) में बड़ा घोटाला सामने आया है. पाइपलाइन बिछाने का यह काम शुरू से ही विवादों में रहा, जिसकी कई बार शिकायत के बाद अधिकारियों ने जांच की. घटिया पेयजल पाइप लाइन जिसको लेकर हंगामा भी हुआ. इसके बाद जल निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर बैराज इकाई शमीम अख्तर ने 24 अभियंताओं के खिलाफ फजलगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया है. जिन 24 अभियंताओं पर यह मुकदमा दर्ज हुआ है उनमें से 16 रिटायर हो चुके हैं. आरोपियों में मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता परियोजना, प्रबंधक परियोजना अभियंता, सहायक परियोजना अभियंता शामिल हैं.

पेयजल पाइप लाइन को बिछाने में 870 करोड़ रुपये योजना पर खर्च हुए. जब यह कार्य कराया जा रहा था तो उस समय संबंधित अभियंता, अवर अभियंता, प्रोजेक्ट मैनेजर ने घटिया पाइपलाइन लगाने वाले ठेकेदार पर न तो अंकुश लगाया और न ही उसकी जांच रिपोर्ट बनाई. जिसके बाद जब इसमें घोटाले के आरोप लगे तो इसको लेकर जांच शुरू की गई. करोड़ों रुपये के इस कार्य में इन अभियंताओं पर लगभग 870 करोड़ रुपये के कार्य में बंदरबांट होने का आरोप लगा. घटिया पाइपलाइन लगाई गई. जोहर पांच से 15 मीटर के बीच लाइन लीकेज निकली, जिसके बाद परियोजना प्रबंधक अभिनव खिलाफ फजलगंज में मुकदमा दर्ज कराया.

इस पूरे मामले पर एडिशनल डीसीपी डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया गंगा बैराज इकाई के अधिकारी द्वारा सदर थाने में तहरीर दी गई और मुकदमा दर्ज कराया गया. डॉ अनिल ने बताया कि यह मामला एक करोड़ रुपये से अधिक का है, इसलिए विवेचक ने अपनी रिपोर्ट में एक करोड़ से ज्यादा के मामले की बात का जिक्र किया है. इसे इकॉनामिक ऑफेंस विंग को भेजने के लिए कार्यवाही की जा रही है.

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