कानपुर: लैब टेक्नीशियन की हत्या पर प्रियंका बोलीं- UP में गुंडाराज, सरेंडर कर चुकी कानून व्यवस्था
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कानपुर: लैब टेक्नीशियन की हत्या पर प्रियंका बोलीं- UP में गुंडाराज, सरेंडर कर चुकी कानून व्यवस्था
UP में गुंडाराज, सरेंडर कर चुकी कानून व्यवस्था (file photo)

इस किडनैपिंग (Kidnapping Case) केस में पुलिस पर आरोप भी लगे हैं कि उसने अपहृत युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए भी दिलवा दिए.

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  • Last Updated: July 24, 2020, 12:56 PM IST
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कानपुर. उत्तर पदेश के कानपुर (Kanpur) के बर्रा से अपहृत लैब टेक्नीशियन (Lab Technician) के अपहरण (Kidnapping) मामले में गुरुवार देर रात बुरी खबर आई है. इस मामले में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने भी शुक्रवार सुबह इस मामले पर ट्वीट कर योगी सरकार पर निशाना साधा. प्रियंका गांधी ने लिखा है कि उप्र में कानून व्यवस्था दम तोड़ चुकी है. आम लोगों की जान लेकर अब इसकी मुनादी की जा रही है. घर हो, सड़क हो, ऑफिस हो कोई भी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करता. विक्रम जोशी के बाद अब कानपुर में अपहृत संजीत यादव की हत्या. पुलिस ने किडनैपर्स को पैसे भी दिलवाए और उनकी हत्या कर दी गई. एक नया गुंडाराज आया है.

प्रियंका गांधी ने आगे आरोप लगाते हुए लिखा कि एक नया गुंडाराज आया है. इस जंगलराज में कानून-व्यवस्था गुंडों के सामने सरेंडर कर चुकी है. बता दें एक महीने से अपहरण (kidnapping) के इस मामले में कानपुर पुलिस (Kanpur Police) की लापरवाही भी सामने आई है. इस किडनैपिंग केस में पुलिस पर आरोप भी लगे हैं कि उसने अपहृत युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए भी दिलवा दिए.


इन 4 पुलिस अफसरों पर गिरी गाज



सीएम के निर्देश के बाद शासन से मिली जानकारी के अनुसार जनहित में अपर पुलिस अधीक्षक, दक्षिणी कानपुर नगर, आईपीएस अपर्णा गुप्ता  और मनोज गुप्ता तत्कालीन सीओ को निलंबित कर दिया गया है. इसके अलावा लापरवाही बरतने के आरोप में पूर्व प्रभारी निरीक्षक थाना बर्रा रणजीत राय और चौकी इंचार्ज राजेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है.

सर्विलांस सेल कॉल को ट्रेस नहीं कर पाई

आपको बता दें कि बर्रा थाना क्षेत्र में रहने वाला 30 साल का संजीत एक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन था. 22 जून की शाम अस्पताल से घर के निकला लेकिन पहुंचा नहीं, उसके एक सप्ताह बाद 29 जून को फिरौती के लिए पहला फोन आया. जिसके बाद पान की गुमटी से परिवार का गुजर-बसर करने वाले संजीत के पिता चमन लाल ने इसकी जानकारी पुलिस को दी. पुलिस ने नंबर नोट करने के बाद उन्हें हिदायत दी कि जब भी अपहरणकर्ता का फोन आए तो वह लंबी बात करें लेकिन बर्रा थाना पुलिस और सर्विलांस सेल कॉल को ट्रेस कर अपहरणकर्ता की लोकेशन का पता नहीं लगा पाई. अपहरणकर्ता लगातार 30 लाख की फिरौती न देने पर युवक की हत्या करने की धमकी दे रहे थे.
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