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संजीत अपहरण-हत्याकांड: बहन बोली- भाई का पार्थिव शरीर नहीं तो कम से कम...

UP: कानपुर के संजीत अपहरण और हत्याकांड मामले की जांच में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

UP: कानपुर के संजीत अपहरण और हत्याकांड मामले की जांच में सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

Kanpur News: संजीत की बहन ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य नहीं जुटा पाई, जिसके चलते सभी जमानत पर छूट गए. सीबीआई जांच में सभी से पूछताछ हो और तत्कालीन पुलिस कर्मियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हो.

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कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर में चर्चित संजीत अपहरण व हत्या कांड (Sanjeet Kidnapping and Murder Case) में सीबीआई (CBI) ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है. मंगलवार देर शाम सीबीआई की टीम लखनऊ से संजीत के घर पहुंची और पिता चमन लाल यादव को दर्ज किए गए मुकदमे की की प्रति पर उनके हस्ताक्षर कराए. लगभग 10 मिनट तक घर पर रुकने के बाद टीम पुलिस आयुक्त के यहां जाने की बात कह कर निकल गई.

वहीं संजीत की बहन रुचि ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाथ जोड़कर धन्यवाद. सीबीआई से इंसाफ की उम्मीद है. भाई का पार्थिव शरीर नहीं तो कम से कम अवशेष ही दे दो ताकि दिल को तसल्ली हो जाए कि संजीत अब इस दुनिया में नहीं है.

मामले की जांच सीबीआई लखनऊ ब्रांच के डिप्टी एसपी हरवीर सिंह सचान कर रहे हैं. संजीत के परिजनों का कहना है कि सीबीआई के घर आने और एफआईआर की कॉपी देने के बाद जांच शुरू होने की पुष्टि हुई है. हालांकि थाना पुलिस की ओर से अब तक कोई जानकारी नहीं दी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपित के खिलाफ मजबूत साक्ष्य नहीं जुटा पाई, जिसका नतीजा रहा कि सभी आरोपी जमानत पर छूट गए.

ये है पूरा मामला

जून, 2020 को हॉस्पिटल की लैब में काम करने वाला संगीत अपने घर से लैब गया मगर लौट के वापस नहीं आया था. बर्रा थाने में अपहरण हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया. किडनैपरों ने चार दिनों तक बंधक बनाए रखने के बाद संजीत की हत्या कर दी थी. 26 जून को देर रात शव को बोरे में भर पांडू नदी में डिस्पोज कर दिया था. इसके बाद 29 जून को संजीत के परिजनों से 30 लाख रुपए फिरौती की मांग की गई. मामले में पुलिस ने 24 जुलाई को एक महिला समेत 5 किडनैपर्स को गिरफ्तार किया था. किडनैपर्स ने पुलिस को बताया था कि संजीत की हत्या अपहरण के बाद चौथे ही दिन कर दी थी, और शव को पांडू नदी में फेंक दिया था.

परिजनों का आरोप है कि पुलिस की हीलाहवाली के चलते उनके बेटे का सुराग नहीं मिला. वहीं सीबीआई की टीम ने एफआईआर की कॉपी देने के बाद अपनी जांच में जुट गई है. संजीत की बहन ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य नहीं जुटा पाई, जिसके चलते सभी आरोपी जमानत पर छूट गए. सीबीआई जांच में सभी से पूछताछ हो और इंसाफ दिलाएं. तत्कालीन पुलिस अधिकारी और कर्मियों पर बर्खास्तगी की कार्रवाई हो.

संजीत की बहन रुचि ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हाथ जोड़कर धन्यवाद. सीबीआई से इंसाफ की उम्मीद है. भाई का पार्थिव शरीर नहीं तो कम से कम अवशेष ही दे दो ताकि दिल को तसल्ली हो जाए कि संजीत अब इस दुनिया में नहीं है.

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