संजीत यादव हत्याकांड: CM योगी से मिलने पैदल ही निकले परिजन, पुलिस ने रोका
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संजीत यादव हत्याकांड: CM योगी से मिलने पैदल ही निकले परिजन, पुलिस ने रोका
CM योगी से मिलने पैदल ही निकले परिजन

योगी सरकार (Yogi Government) ने संजीत यादव हत्याकांड मामले में सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश की है. वहीं पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस संजीत के शव को पंडू नदी में तलाश रही है.

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  • Last Updated: August 14, 2020, 8:04 PM IST
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कानपुर. लैब टेक्नीशियन संजीत यादव (Sanjeet Yadav) के अपहरण और हत्या (Kidnapping and Murder Case) के मामले में सीबीआई (CBI) की जांच शुरू नहीं होने से नाराज परिजनों ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के लिए पैदल ही लखनऊ के लिए चल पड़े. हालांकि रास्ते में कानपुर के नौबस्ता चौराहे पर पुलिस ने उन्हें रोक लिया. पुलिस की कार्रवाई से नाराज मां, बहन और पिता समेत दूसरे अन्य साथी-संबंधी वहीं सड़क पर ही धरने पर बैठ गए. इस दौरान लोगों की पुलिस से झड़प भी हुई. अधिकारियों के काफी समझाने पर परिजन माने और घर की तरफ वापस लौटे गए. परिजनों की मांग थी कि उनको मुख्यमंत्री से मिलवाया जाए.

जिसके बाद अधिकारियों के द्वारा 15 अगस्त के बाद सीएम से मुलाकात करवाने के आश्वासन पर परिजन माने. संजीत की बहन रुचि का कहना है कि वह अपने को इंसाफ दिलाने के लिए संघर्ष कर रही है. कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. जिसके चलते परिजनों के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने के लिए लखनऊ जा रहे थे. पुलिस ने रास्ते में रोक लिया. रुचि के मुताबिक अब पुलिस वाले आरोप लगा रहे हैं कि हमारी वर्दी फाड़ दी.

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जबकि पुलिस वालों ने मेरे भाई की तस्वीर का कांच तोड़ दिया. उन्होंने बताया कि  भाई का शव आज तक बरामद नहीं हुआ है. इस मामले में एसपी दक्षिण दीपक भूकर ने कहा मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश हो चुकी है. जब तक सीबीआई जांच शुरू नहीं होती लोकल पुलिस मामले की इन्वेस्टिगेशन जारी रखेगी.
सीबीआई जांच की सिफारिश

इससे पहले योगी सरकार ने सीबीआई (CBI) जांच की सिफारिश की है. वहीं पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद उनकी निशानदेही पर पुलिस संजीत के शव को पंडू नदी में तलाश रही है. हफ्ते भर से ज्यादा का वक्त गुजर जाने के बाद भी अभी तक संजीत का शव पुलिस के हाथ नहीं लगा है. बता दें एक महीने से अपहरण के इस मामले में कानपुर पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है. इस किडनैपिंग केस में पुलिस पर आरोप भी लगे हैं कि उसने अपहृत युवक के परिजनों से अपहरणकर्ताओं को 30 लाख रुपए भी दिलवा दिए.
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