1984 के सिख विरोधी दंगों के 35 मामलों की फिर से जांच करेगी एसआईटी!

1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के राष्ट्रव्यापी सिख विरोधी दंगों में बड़ी तादाद में लोग मारे गए थे. इन दंगों से जुड़े 1254 मामले कानपुर में दर्ज किए गए थे.

News18 Uttar Pradesh
Updated: June 16, 2019, 3:38 PM IST
1984 के सिख विरोधी दंगों के 35 मामलों की फिर से जांच करेगी एसआईटी!
सिख विरोधी दंगों के दोषियों को सजा देने की मांग करते प्रदर्शनकारी.
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Updated: June 16, 2019, 3:38 PM IST
1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़के राष्ट्रव्यापी सिख विरोधी दंगों में बड़ी तादाद में लोग मारे गए थे. इन दंगों से जुड़े 1254 मामले कानपुर में दर्ज किए गए थे. एसआईटी ने (विशेष जांच दल) इन 1254 मामलों में से 35 मामलों को फिर से जांच के लिए चुना है. एसआईटी ने हत्या, लूट, डकैती जैसे गंभीर मामलों को दोबारा जांच से लिए चुना है. दोबारा जांच के लिए चुने गए ज्यादातर मामलों में पुलिस चार्जशीट और फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है.

इन 35 मामलों की दोबारा जांच करने की इजाज़त के लिए एसआईटी जल्द ही कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल करेगी. गौरतलब है कि 1984 में कानपुर में हुए सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एसआईटी बनाई है. पूर्व डीजीपी अतुल की अध्यक्षता में यह जांच दल बनाया गया है. पूर्व डीजी योगेश्वर कृष्ण श्रीवास्तव, सुभाषचंद्र अग्रवाल, रिटायर्ड एसपी बालेंदु भूषण सिंह को एसआईटी का सदस्य बनाया गया है. योगी सरकार ने फरवरी 2019 में सिख दंगों की जांच के लिए एसआईटी बनाई थी.

क्यों भड़के थे दंगे?
1984 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी, जिसके बाद देश के कई शहरों में सिख विरोधी दंगे भड़क उठे थे. इंदिरा गांधी की हत्‍या के बाद दिल्‍ली समेत देश के कई हिस्‍सों में हिंसा भड़की उठी थी, जिसमें व्‍यापक पैमाने पर जानमाल की हानि हुई थी.

भारत सरकार की ऑफिशियल रिपोर्ट के मुताबिक पूरे भारत में इन दंगों में लगभग 2733 लोगों की मौत हुई थी, जिनमें से 2100 मौतें केवल दिल्ली में हुई थीं. CBI जांच के दौरान कुछ सरकारी कर्मचारियों का हाथ भी 1984 में भड़के इन दंगों में सामने आया था. इंदिरा गांधी की हत्या के बाद उनके बेटे राजीव गांधी प्रधानमंत्री बने थे.

रिपोर्ट – ऋषभ मणि त्रिपाठी

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First published: June 16, 2019, 2:43 PM IST
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