लाइव टीवी

कानपुर की सोनाक्षी को ब्रिटिश सरकार से मिली 46 लाख की प्रतिष्ठित Chevening Scholarship

Shyam Tiwari | News18 Uttar Pradesh
Updated: September 19, 2019, 2:22 PM IST
कानपुर की सोनाक्षी को ब्रिटिश सरकार से मिली 46 लाख की प्रतिष्ठित Chevening Scholarship
कानपुर की सोनाक्षी ने ब्रिटिश सरकार की प्रतिष्ठित शेवनिंग स्कॉलरशिप हासिल की है.

कानपुर (Kanpur) की सोनाक्षी बाजपेई को ब्रिटिश सरकार की तरफ से 46 लाख की शेवनिंग स्कॉलरशिप (Chevening Scholarship) मिली है. ये स्कॉलरशिप हासिल करने वाली सोनाक्षी देश के 50 लोगों में शामिल हैं.

  • Share this:
कानपुर. बेटियां बोझ नही हैं, मौका मिले तो वह भी आपका सिर गर्व से ऊंचा कर सकती हैं. ऐसा ही कर दिखाया है कानपुर (Kanpur) की सोनाक्षी बाजपेई ने. सोनाक्षी को यूके सरकार (UK Government) की तरफ से 46 लाख की शेवनिंग स्कॉलरशिप (Chevening Scholarship) मिली है. पूरे विश्व से 1800 और भारत से 50 लोगों को इस स्कॉलरशिप के लिए चुना गया है. अब वह लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स एंड पॉलीटिकल साइंस (Lodon School Of Economics and Political Science) से मास्टर ऑफ पब्लिक पॉलिसी (Master of Public Policy) की पढ़ाई करेंगीं. दिव्यांगों और समाज की सेवा के लिए सोनाक्षी ने इंफोसिस की अपनी नौकरी छोड़ दी है.

इंफोसिस की नौकरी छोड़ पढ़ाई शुरू की

जो जमाने की परवाह नही करते वही इतिहास रचते हैं. यह लाइन कानपुर के रतनलाल नगर में रहने वाली सोनाक्षी बाजपेई पर बिलकुल सटीक बैठती हैं. बीटेक के बाद इंफोसिस जैसे सस्थान में नौकरी छोड़ने के फैसले पर लोगों ने सवाल जरूर उठाए लेकिन सोनाक्षी का उद्देश्य रुपए कमाना नहीं बल्कि दिव्यांगो औऱ जरुरतमंद लोगों की सेवा करना है. जिसके लिए उसने अपने प्रयास जारी रखे. ब्रिटिश सरकार की ओर से उनको 46 लाख रुपए की स्कॉलरशिप दी गई है.

दुनिया भर से 1800 और भारत से 50 लोगों को मिली है ये स्कॉलरशिप

आपको बता दें कि यूके सरकार की ओर से पूरी दुनिया से 1800 लोगों का इस स्कॉलरशिप के लिए चयन किया गया, जिसमें से 50 होनहार भारत से हैं. सोनाक्षी का कहना है कि वह बचपन से ही दिव्यांगों की सेवा करना चाहती थीं. मैथ और साइन्स में अच्छी होने की वजह से आर्ट्स की जगह उसे साइन्स की पढ़ाई करनी पड़ी. सोनाक्षी की शुरुआती शिक्षा दीक्षा कानपुर के मरियमपुर कान्वेंट स्कूल से हुई. उसके बाद आईएनएस इंजीनियरिंग कॉलेज से इंजीनियर की पढ़ाई पूरी की. सोनाक्षी को इंफोसिस में नौकरी करने का भी मौका मिला. इसके बाद उन्होंने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस, मुंबई से डिसेबिलिटी एंड सोशल वर्क से परास्नातक की डिग्री भी हासिल की. इतना ही नहीं टाटा स्टील कंपनी में एक्जीक्यूटिव के पद पर काम करने के बाद वह सेंटर फॉर वूमेन डेवलपमेंट स्टडीज से जुड़ी.

पति मानस पेरिस से कर रहे हैं एमबीए

सोनाक्षी के पति मानस भी एमबीए की पढ़ाई करने पेरिस गए हुए हैं. सोनाक्षी ने बताया कि उनको पढ़ाई के समय से ही पीपल विद डिसेबिलिटी और जेंडर इक्वलिटी पर काम करने का बहुत शौक था. उन्होंने कई वर्षों तक इसके लिए काम भी किया है इसी लग्न के चलते उन्होंने इस स्कॉलरशिप के लिए प्रयास किए थे जिसमें उनको सफलता मिली. वह भविष्य में भी इन मुद्दों पर काम करना चाहती है और साथ ही अपने शहर में भी इसके लिए रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम चलाने की उनकी ख्वाहिश है.
Loading...

मां की बीमारी से हुआ पीड़ा का एहसास

अपनी मां को देख कर सोनाक्षी को दिव्यांगों की पीड़ा का अहसास हुआ. सोनाक्षी मां गीतान्जली को आर्थराइटिस है. जिससे उन्हे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. सोनाक्षी की मां अपनी बेटी की उपलब्धि पर फूली नहीं समा रही हैं. उसका कहना है कि बेटी में समाज और दिव्यांगों की सेवा का जज्बा बचपन से ही है. वहीं अपने बेटी में मदर टेरेसा का अक्स देखती हैं. उनका कहना है कि बेटी को पढ़ाने से समाज सुधरता है.

खुद का रिहैबिलिटेशन सेंटर बनाने का सपना

सोनाक्षी विदेश से पढ़ाई कर वापस लौटेगी तो उसे सरकारी एजेन्सियों के साथ सलाहकार के रूप में काम करने का मौका मिलेगा. जिसके बाद वह खुद का रिहैबिलिटेशन सेन्टर चलाना चाहती हैं. सोनाक्षी उन लोगों के लिए जीता जागता उदाहरण हैं जो बंधे बंधाए ढर्रे पर चलते रहते हैं और कुछ अलग करने की चाहत रखते हुए भी कदम बढ़ाने से डरते रहते हैं. सोनाक्षी जैसी बेटियां ही बेटी पढ़ाओ अभियाना की असली ब्रान्ड एम्बेस्डर हैं.

ये भी पढ़ें:

योगी आदित्यनाथ के रिपोर्ट कार्ड पर अखिलेश बोले- ढाई साल में ढाई कोस भी नहीं चल सकी सरकार
सीएम योगी बोले- जनसंख्या कम होने के बावजूद मुसलमानों को योजनाओं का मिला ज्यादा लाभ

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए कानपुर से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: September 19, 2019, 2:22 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...