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कानपुर में 'जय श्रीराम' न बोलने पर पीटने की कहानी गुरुग्राम की तरह झूठी साबित हुई

कानपुर में 'जय श्रीराम' न बोलने पर पीटने की कहानी गुरुग्राम की तरह झूठी साबित हुई

अफवाह के चलते कानपुर में फैला तनाव

अफवाह के चलते कानपुर में फैला तनाव

शहर में लोगों की जुबान पर ये फसाना था कि ऑटो वाले को 'जय श्रीराम' कहने को कहा. जब उसने मना किया तो उसपर हमला कर दिया गया.

    यूपी के कानपुर में बुधवार आधी रात एक ऑटो चालक आतिब को कुछ लोगों ने पीट दिया. बाद में कथित तौर पर आतिब ने आरोप लगाया कि उसे 'जय श्रीराम' नहीं बोलने की वजह से पीटा गया था. हालांकि, पुलिस की जांच में दूसरी ही कहानी सामने आई है.

    इस मामले में एसपी साउथ रवीना त्यागी ने बताया, शुरुआती जांच में पता चला है कि पीड़ित और आरोपी एक साथ बैठकर शराब पी रहे थे. उसी दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ और फिर मारपीट हुई. जय श्रीराम के नारे लगवाने के विरोध में पीटने की बात गलत है. बाकी आरोपों की जांच की जा रही है.

    क्या था मामला
    बता दें कि पहले खबर आई थी कि पिटाई का विरोध करने पर उसे सुलभ शौचालय में बंधक बनाकर सिर पर पत्थर मार दिया. युवक को पहले केपीएम पहुंचाया गया फिर हैलट में प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया.

    इस घटना के बाद पूरे शहर में मॉब लिंचिंग की अफवाह फैल गई थी. शहर में लोगों की जुबान पर ये फसाना था कि ऑटो वाले को 'जय श्रीराम' कहने को कहा. जब उसने मना किया तो उसपर हमला कर दिया गया. पर पुलिस की तफ्तीश में कुछ और ही सच्चाई सामने आई.

    इस घटना को लेकर शहर में अभी भी अफवाहों का बाजार गर्म है. इलाके में तनाव की स्थिति बनी है. बाबूपुरवा नई बस्ती निवासी आतिब ऑटो चलाता है. उसके परिजनों ने बताया कि रात करीब नौ बजे आतिब घर आ रहा था. तभी बाकरगंज चौराहे पर खटिकाना मोहल्ला निवासी सुमित, राजेश और शिवा ऑटो में बैठ गए और चारराड चौराहे तक छोड़ने को कहा.

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    Tags: Kanpur news, Uttar pradesh news

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