Home /News /uttar-pradesh /

अपने आप में म्यूजियम है कानपुर का यह आदमी

अपने आप में म्यूजियम है कानपुर का यह आदमी

गोपाल

गोपाल खन्ना के कलेक्शन में हैं आठवीं सदी से लेकर वर्ल्ड वॉर टू की एंटिंक वस्तुएं

कानपुर के एक ऐसे शक्ख जो अपने आप में चलता फिरता म्यूजियम हैं. गोपाल के पास आठवीं सदी से लेकर मुगल काल व वर्ल्ड वॉर टू के समय की एंटीक चीजें मौजूद हैं. उन्होंने अपने घर पर ही कानपुर इतिहास समिति के सहयोग से इन्हें डिस्प्ले कर रखा है. गोपाल का कहना है कि इतिहास में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति उनके घर आकर इनको देख सकता है.

अधिक पढ़ें ...

    आपने देश दुनिया के कई संग्रहालयों में गए होंगे और वहां पर एंटिक वस्तुओं को देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी ऐसे आदमी के बारे में सुना है जिसके पास म्यूजियम जितनी एंटिक वस्तुओं का अच्छा खासा कलेक्शन हो. अगर नहीं तो आइए आपको मिलाते हैं कानपुर के एक ऐसे शक्ख जो अपने आप में चलता फिरता म्यूजियम हैं. गोपाल के पास आठवीं सदी से लेकर मुगल काल व वर्ल्ड वॉर टू के समय की एंटीक चीजें मौजूद हैं. उन्होंने अपने घर पर ही कानपुर इतिहास समिति के सहयोग से इन्हें डिस्प्ले कर रखा है. गोपाल का कहना है कि इतिहास में रुचि रखने वाला कोई भी व्यक्ति उनके घर आकर इनको देख सकता है और इनके बारे में जानकारी हासिल कर सकता है.

    1935 का पंखा है मौजूद आज भी गर्मियों में देता है ठंडी हवा
    गोपाल ने बताया कि उनके पास एक टेबल फैन मौजूद है जो उनके दादाजी ने 1935 में खरीदा था. उन्होंने बताया कि यह पंखा आज भी चलता है और गर्मियों में ठंडी हवा देता है. इसके अलावा उनके पास तरह-तरह की पेंसिलों का भी कलेक्शन है. उनके पास इंग्लैंड की बनी कापिंग पेंसिल, रबड़ की पेंसिल, नीम की बनी हुई पेंसिल व लेड की पेंसिल मौजूद है. उन्होंने बताया कि उनके पास दुनिया भर के म्यूजियमों की पेंसिलें भी मौजूद हैं.

    वर्ल्ड वार टू की दूरबीन व 1917 का कैमरा कलेक्शन को बनाता है और भी खास
    गोपाल बताते हैं कि उनके पास पीतल का बाक्स दो सौ वर्ष पुराना तो वहीं लोहे के बाॅक्स डेढ़ सौ साल तक पुराने हैं जिनका उपयोग लोग रुपये रखने के लिए किया करते थे.वहीं, सौ साल पुराने पिक्चर पोस्ट कार्ड व अजंता की गुफाओं के एएसआई द्वारा जर्मनी से छपवाए गए पोस्ट कार्ड का दुर्लभ संग्रह है. ये कलर्ड पोस्टकार्ड वर्ष 1930 में छपवाए गए थे. वे बताते हैं कि आज लगभग 90 वर्ष बाद अजंता की गुफाओं में उपयोग किये गए रंगों का क्षरण हो चुका है. वहीं, जो तस्वीर पोस्टकार्ड में है वह अजंता के गौरव को ज्यादा बेहतर दर्शाती है. इसलिये यह बेहद खास है.इनके संग्रह में इस वक्त 12 पोस्ट कार्ड हैं. इतना ही नहीं गोपाल के संग्रह में द्वितीय विश्व युद्ध के समय की दूरबीन , 1917 का कैमरा , 1950 के आस पास का जर्मनी मेड कैमरा है.

    आज भी जल रहा है 1950 का बल्ब
    उन्होंने बताया कि उनके एंटिक कलेक्शन 1950 का ओसराम का एक बल्ब जो अब भी हरे रंग की रौशनी देता है. वो उनके संग्रह को और अद्भुत बनाता है.इस बल्ब में पीतल का होल्डर लगा है. इसके अलावा एक कलम दान,इत्रदानी जो कि बेल्जियम की बनी बताई जाती है ये औरंगजेब के समय की है. ज्यामितीय रचनाओं में प्रयोग किये जाने वाले प्रकार ( कम्पास ) के 90 वर्षों तक विभिन्न रुपों का कलेक्शन है. काॅपर का तीन किलो का इमामजस्ता जिसे खलड़ भी कहते है, इसका उपयोग सोने और चांदी को कूट कर ठोस बनाने के लिये किया जाता है. उनके पास निजी संग्रह के तौर पर एक शताब्दी पुराना एक परिवार का फोटोग्राफ भी है.

    15 साल की उम्र से है शौक
    गोपाल बताते हैं कि मैं एंटिक चीजों का कलेक्शन करने का शौक अपने दादा जी से मिला था.15 वर्षीय इन एंटिक चीजों का सहेजने में लगे हुए हैं. गोपाल का कहना है कि एंटिक चीजों को बहुतएहतियात
    के साथ रखनी पड़ती हैं. वह दिन में करीब 4 से 5 घंटे इन एंटीक चीजों को संवारने के लिए देते हैं. उनका कहना है कि इसके पीछे का उद्देश्य लोगों को इतिहास से रूबरू कराना है. कानपुर इतिहास समिति इसमें पूरा सहयोग करती है. वह आगे भी इस तरह की वस्तुओं को सहेजते रहेंगे.

    (रिपोर्ट: आलोक तिवारी)

    Tags: Kanpur news

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर