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कानपुर में संत शोभन सरकार की अंतिम यात्रा में जुटे हजारों, 4200 अनुयायियों पर 4 मुकदमे दर्ज

कानपुर में संत शोभन सरकार की अंतिम यात्रा में जुटे हजारों, 4200 अनुयायियों पर 4 मुकदमे दर्ज

. (फाइल फोटो)

. (फाइल फोटो)

संत शोभन सरकार (Saint Shobhan Sarkar) के ब्रह्मलीन होने के बाद उनके अंतिम दर्शन को 4000 अनुयायी जुटे थे. पुलिस ने महामारी अधिनियम (Pandemic Act) के तहत इन 4000 अनुयायियों के खिलाफ 4 मुकदमे दर्ज कराएं हैं.

कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) जिले में संत शोभन सरकार (Saint Shobhan Sarkar) के हजारों अनुयायियों के खिलाफ लॉकडाउन (Lockdown) उल्लंघन के आरोप में गुरुवार को चार मामले दर्ज किए गए. संत शोभन सरकार को अंतिम विदाई और श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों गुरुवार को लोगों का हुजूम चौबेपुर स्थित उनके सुनौहरा आश्रम में एकत्र हुआ. संत शोभन का बुधवार को निधन हो गया था.

शोभन सरकार के ब्रह्मलीन होने के बाद उनके अंतिम दर्शन को 4000 अनुयायी जुटे थे. पुलिस ने महामारी अधिनियम के तहत इन 4000 अनुयायियों के खिलाफ 4 मुकदमे दर्ज कराएं हैं. दो थानों की पुलिस ने कुल 4200 अज्ञात लोगों के खिलाफ लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में केस दर्ज किया है.

20 से अधिक लोगों का इकट्ठा होना मना है
चौबेपुर के थाना अध्यक्ष विनय तिवारी ने कहा, ‘हमने भीड़ को आश्रम की तरफ बढ़ने से रोकने की कोशिश की लेकिन हमारे तमाम प्रयास विफल साबित हुए.’ इस घटना का वीडियो विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों से वायरल भी हुआ है. तिवारी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण किसी भी अंत्येष्टि कार्यक्रम में 20 से ज्यादा लोगों का इकट्ठा होना मना है, मगर आश्रम में हजारों की भीड़ पहुंच गई. इस मामले में करीब 4000 लोगों के खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं.

अनुयायी सरकारी कर्मचारी भी हुए शामिल
उन्नाव के डौंडियाखेड में 1000 टन सोना की भविष्यवाणी से दुनिया भर में चर्चित हुए शोभन सरकार का बुधवार निधन हो गया था. उनकी इच्छा के अनुसार चौबेपुर के पास गंगा घाट पर उन्हें जल समाधि दी गई थी. बाबा के ब्रह्मलीन होने की खबर के बाद उनके हजारों अनुयायी आश्रम से लेकर गंगा के पास जल समाधि देने तक मौजूद रहे. इसमें कई अधिकारी, सांसद, मंत्री और विधायक भी मौजूद थे. यहां तक कि आसपास के जनपदों में जो सरकारी कर्मचारी उनके अनुयायी थे, वे भी अपने काम को छोड़कर उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए. उनकी अंतिम यात्रा का वीडियो वायरल हो रहा है. पुलिस अफसरों ने मुकदमा दर्ज कराने का आदेश दिया.

पुलिस ने चौबेपुर थाने में तीन मुकदमे दर्ज कराएं हैं. इनमें पहला थाना प्रभारी विनय तिवारी ने सुनोड़ा घाट पर 2000 लोगों के खिलाफ तो दूसरा उपनरीक्षक अंजलि तिवारी ने बंदी माता किराए पर 1200 सौ लोगों के जुटने का मुकदमा दर्ज कराया है. तीसरा मुकदमा उप निरीक्षक देवेंद्र कुमार ने बेला रोड क्रॉसिंग पर जुटे 900 अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखवाया है.

सोशल डिस्टेंसिंग का नहीं रखा गया ध्यान
इस अंतिम यात्रा में मौजूद भक्तों ने इस बात का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा कि लॉकडाउन चल रहा है, ऐसे में सोशल डिस्टेंसिंग का भी ध्यान रखना है. जिस बात को श्रद्धालु भूल गए और शिवली से लेकर चौबेपुर थाना क्षेत्र तक यानी कानपुर देहात से लेकर कानपुर नगर के थाने तक अंतिम यात्रा में लगभग 200 से ज्यादा वाहन मौजूद थे. हर एक वाहन में पांच से छह व्यक्ति मौजूद थे, जबकि लॉकडाउन में स्पष्ट निर्देश है कि दोपहिया वाहन पर एक और चार पहिया वाहन में केवल 2 लोग यात्रा कर सकते हैं. इन सभी बातों को अनुयायियों ने दरकिनार कर दिया.

4 मुकदमों में 4200 अज्ञात लोगों को बनाया गया है आरोपी
चौथा मुकदमा शोमी थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ लिखा गया है. पुलिस महानिरीक्षक मोहित अग्रवाल ने बताया कि, लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में कानपुर देहात के शिवली और कानपुर नगर के चौक थाने में 4 मुकदमे दर्ज किए गए है, इसमें 4200 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है. जैसे ऐसे पुलिस की जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे यह पता लगाया जाएगा कि वह गाड़ियां किसकी थी और कौन-कौन से लोग उसमें मौजूद थे.

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Tags: COVID-19 pandemic, Lockdown, Police, Up news in hindi, UP police

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