Noida से पं. बंगाल के लिए जुगाड़ गाड़ी में निकला 2 मजदूर परिवार, लू और भूख से हलकान
Kanpur News in Hindi

Noida से पं. बंगाल के लिए जुगाड़ गाड़ी में निकला 2 मजदूर परिवार, लू और भूख से हलकान
मजदूरों का यह परिवार भूख और गर्मी झेलकर सफर पर चल पड़ा है

कानपुर देहात में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला है, जहां 2 मजदूर परिवार (Two Laborers Families) नोएडा से जुगाड़ गाड़ी से निकले हैं और उन्हें पश्चिम बंगाल जाना है. अभी उन्हें इस गर्मी में 8 दिन का सफर और करना पड़ेगा.

  • Share this:
कानपुर. उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों को उनके गंतव्य तक पहुँचाने के लिए दिन रात काम कर रही है लेकिन सड़क पर चलते श्रमिक कुछ और ही स्थिति बयान कर रहे हैं. हर दिन दुःख का एक नया चेहरा देखने को मिल रहा है. ऐसी ही एक कहानी जुगाड़ गाड़ी के चालक महेश और उसके परिवार की है. कानपुर देहात में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जहां 2 मजदूर परिवार नोएडा से जुगाड़ गाड़ी से निकले हैं और उन्हें पश्चिम बंगाल जाना है.

खस्ताहाल जुगाड़ गाड़ी से कर रहे हैं सफर

यह परिवार पिछले 3 दिनों से सफर कर रहा है. हर 40 किलोमीटर बाद ये लोग अपनी रोकते हैं और 1 घंटे का आराम करने के बाद फिर से सफर की शुरुआत करते हैं. इस गाड़ी की लाइट टूटी है. गाड़ी के खस्ताहाल होने के बावजूद यह इस श्रमिक परिवार को गंतव्य तक पहुंचाने का एकमात्र सहारा है. यह तस्वीर सरकार के उन दावों पर बड़ा सवाल उठाती है जिनमें वो हर श्रमिक को बसों से उनके गंतव्य तक सुरक्षित भेजने की बात कहती है. ऐसे दृश्य हर सड़क और हाईवे पर दिख रहे हैं लेकिन जिले के अधिकारी इनके लिए कोई व्यवस्था नहीं करते हुए दिखाई दे रहे हैं.



अगले 8 दिनों तक कर पाएंगे सफर



जुगाड़ गाड़ी के चालक महेश ने बताया कि वह बीते 3 दिनों पहले दो जुगाड़ गाड़ियों से 2 परिवारों के साथ नोएडा से पश्चिम बंगाल जाने के लिए निकला है.  वह कानपुर देहात की सीमा में पहुंचे हैं. महेश के अनुसार अगले 8 दिन जब वह लगातार गाड़ी चलाएगा तब जाकर वह अपने गांव पहुंच पाएगा.

बच्चों को चुन्नी से ढककर गर्मी से बचा रहे

महेश की पत्नी सुलेखा ने बताया कि मासूमों के साथ अपने घर जाने के लिए यह सफर वह कभी नहीं भूल पाएगी. तेज धूप में खुले आसमान के नीचे बच्चों को अपनी चुन्नी से ढककर उसे सफर तय करना है. मई की गर्मी में इस तरह खुले आसमान के नीचे सफर करना सेहत के लिए बिलकुल ठीक नहीं है. बच्चों को लू भी लग सकती है लेकिन उससे बड़ी लड़ाई पेट की भूख से है इसलिए ये लोग किसी भी स्थिति में अपने गाँव पहुंचना चाहते हैं.

ये भी पढ़ें: UP: 8 विदेशी तबलीगी जमातियों की जांच पूरी, कोर्ट में पेश की जाएगी चार्जशीट

Agra-Lucknow Expressway पर हादसे में 2 अप्रवासी मजदूरों की मौत, 20 घायल
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज

corona virus btn
corona virus btn
Loading