अपना शहर चुनें

States

कानपुर: बिकरू कांड के आरोपितों पर रासुका की कार्रवाई, पुलिस ने काटा केस डायरी का पहला पर्चा

विकास दुबे (फाइल फोटो)
विकास दुबे (फाइल फोटो)

2 जुलाई 2020 की रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दुर्दांत विकास दुबे को पकड़ने पुलिस की टीम गई थी. दबिश के दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2021, 5:35 PM IST
  • Share this:
कानपुर. उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur) जनपद के बिकरू गांव में आठ पुलिसवालों की हत्या मामले में मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) समेत उसके छह गुर्गे एनकाउंटर में मार गिराए गए. वहीं सभी अन्य आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. जिसके बाद अब बिकरु कांड के आरोपितों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत कार्रवाई शुरू हो गई है. जानकारी के मुताबिक पुलिस ने इस मामले में केस डायरी का पहला पर्चा भी काट दिया है. ऐसे में जल्द ही पुलिस, जेल में बंद सभी आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर लेगी.

2 जुलाई 2020 की रात चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में दुर्दांत विकास दुबे को पकड़ने पुलिस की टीम गई थी. दबिश के दौरान विकास दुबे ने अपने गुर्गों के साथ पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया था. विकास दुबे और उसके साथियों ने सेमी ऑटोमेटिक राइफल से प्रतिबंधित अमेरिकन विंचेस्टर कारतूसों से फायरिंग की थी. पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल इन राइफल व अन्य असलहों को बरामद करने के लिए विकास के मकान को जमींदोज कर दिया था.

इसके साथ ही असलहों की बरामदगी के लिए गांव में स्थित कुएं और तालाब में सर्च ऑपरेशन चलाया गया. इतना ही नहीं पुलिस राइफल को ढूंढने के लिए पंजाब तक गई थी. अभी तक पुलिस को सेमी ऑटोमेटिक राइफल बरामद करने में सफलता नहीं मिल सकी है. जिसके चलते इन्हें ढूंढने के लिए जनता की मदद ली जा रही है.राइफल की सूचना देने वाले को 25 हजार का इनाम देने की घोषणा की गयी है.




80 से ज्यादा पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी दोषी पाए गए

तीन सदस्यीय एसआईटी की जांच रिपोर्ट में 80 से अधिक पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मियों को दोषी पाया गया. जांच रिपोर्ट के करीब 700 पेज मुख्य हैं, जिनमें दोषी पाए गए अधिकारियों व कर्मियों की भूमिका के अलावा करीब 36 संस्तुतियां शामिल हैं. 100 से ज्यादा गवाहियों के आधार पर एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट तैयार की है. 12 जुलाई, 2020 को एसआईटी ने अपनी जांच शुरू की जो 20 अक्टूबर को पूरी हुई. एसआईटी ने मुख्य रूप से 9 बिंदुओं पर जांच को आधार बनाकर रिपोर्ट तैयार की है.
जांच रिपोर्ट में खुलासा

जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि विकास दुबे को मुखबिरी के चलते पहले से ही पुलिस की दबिश के बारे में जानकारी मिल गई थी. दो-तीन जुलाई की मध्यरात्रि कानपुर के बिकरू गांव में दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची पुलिस टीम पर गैंगस्टर के साथियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई थीं, जिसमें एक क्षेत्राधिकारी और एक थानाध्यक्ष समेत 8 पुलिसकर्मी मारे गए थे. वहीं पांच पुलिसकर्मी, एक होमगार्ड और एक आम नागरिक घायल हुआ था.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज