Kanpur: थमा सांसें टूटने का सिलसिला तो अब हैलट अस्पताल के पोर्टल पर मौत के आंकड़ाें को किया जा रहा एडजस्ट

कानपुर हैलट अस्पताल: कोरोना से मौत की रफ्तार थमने के बाद पोर्टल पर एडजस्ट हो रहीं पुरानी मौतें

कानपुर हैलट अस्पताल: कोरोना से मौत की रफ्तार थमने के बाद पोर्टल पर एडजस्ट हो रहीं पुरानी मौतें

कानपुर के हैलट अस्पताल में कोरोना से हुई मौतों को एडजस्ट करने की सिलसिला जारी है. कोरोना से हुई मौतों को छिपाने के प्रयास में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कई लोगों की मौतों को पोर्टल पर अपडेट नहीं किया था. मामले के तूल पकडऩे के बाद अब पुरानी मौतों को पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है.

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कानपुर. कानपुर ( kanpur) के हैलट अस्पताल ( hallet hospital ) में कोरोना से हुई मौतों को एडजस्ट करने की सिलसिला जारी है. कोरोना से हुई मौतों को छिपाने के प्रयास में मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कई लोगों की मौतों को पोर्टल पर अपडेट नहीं किया था. मामले के तूल पकडऩे के बाद अब पुरानी मौतों को पोर्टल पर अपडेट किया जा रहा है. पिछले कई दिनों से कोरोना की रिपोर्ट में रोजाना पुरानी मौतें दिखाईं जा रही हैं. अब भी मेडिकल कॉलेज प्रशासन एक साथ इन मौतों को दिखाने में डर रहा है.

हैलट अस्पताल में हुई और फाइलों में दबी कोरोना से 42 मरीजों की मौतें मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सोमवार को कबूल की थीं. इन्हें पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया था. इससे पहले रविवार को 9 ऐसी ही मौतों को पोर्टल पर अपडेट किया गया. अब जब शहर में कोरोना से मौतें नहीं हो रही हैं तो पुरानी मौते एडजस्ट की जा रही हैं. यह मौतें कब हुर्इं इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई है. इन कोरोना मरीजों की मौत का दिन आंकड़ों में राज ही रहेगा. हैलेट की अलमारियों में बंद फाइलों के कब्रगाह में अभी और भी मौतें दबी हुई हैं. हैलेट के न्यूरोसाइंसेज कोविड अस्पताल, कोविड अस्पताल और कोरोना वार्डों में रोगियों की बीएचटी खंगाली जा रही हैं, तो दबी मौतों का खुलासा हो रहा है.

न्यूज-18 ने पहले ही खुलासा किया था कि जीएसवीएम मेडिकल में लापरवाही की वजह से 160 मौतों को पोर्टल में अपडेट नहीं किया गया था. अब इसके बीच नगर निगम, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अपनी अपनी ढपली पीट रहे हैं. नगर निगम सूत्रों की मानें तो विद्युत शवदाह गृहों के आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल,मई और जून में अब तक कोरोना से जान गंवाने वाले 2397 से ज्यादा लोगों का अंतिम संस्कार विद्युत शवदाह गृह में किया जा चुका है. हालांकि सोमवार को जिला प्रशासन द्वारा जारी अबतक की  रिपोर्ट के मुताबिक आंकड़ा 1819 बैठता है.

इस अन्तर पर जब मंडलायुक्त राजशेखर से सवाल पूछा गया तो वह पहले तो शहर में गिरे कोरोना पॉजिविटी रेट का हवाला देते हैं. बाद में दोबारा पूछने पर उन्होंने बताया कि सभी आंकड़े अपडेट होंगे. वहीं मेडिकल कॉलेज प्रिन्सिपल का कहना है कि कोरोना की पीक के दौरान हैलट अस्पताल का कम्प्यूटर ऑपरेटर बीमार हो गया था, जिसके चलते मौतों को अपडेट नहीं किया गया. अब इन मौतों को अपडेट किया जा रहा है. इनको अपडेट करने का आधार क्या है इस सवाल का उन्होंने सही जवाब नही दिया.

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