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मिसाल: कानपुर में क्यों निकाली गई बछड़े की शव यात्रा..? इस अंतिम संस्कार की हर तरफ हो रही है चर्चा

कई बार ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं.जिनको देखकर हर कोई भावुक हो जाता है.ऐसी ही मानवता भरी कुछ तस्वीरें कानपुर से भी सामने ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: अखंड प्रताप सिंह

कानपुर. कई बार ऐसी तस्वीरें सामने आती हैं. जिनको देखकर हर कोई भावुक हो जाता है. ऐसी ही मानवता भरी कुछ तस्वीरें कानपुर से भी सामने आई हैं. जहां लोगों ने पशु का अंतिम संस्कार ठीक उसी प्रकार कर रहे हैं, जैसे किसी व्यक्ति की मौत के उपरांत उसका अंतिम संस्कार करते हैं. हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार बाकायदा उस जानवर की शवयात्रा निकालकर उसका अंतिम संस्कार ग्रामीणों ने किया है. यह तस्वीरें हर जगह सराही जा रही हैं. हर कोई इसकी चर्चा कर रहा है और ग्रामीणों द्वारा किए गए इस कार्य की चारों ओर प्रशंसा की जा रही है.

मामला कानपुर जिले के भीतरगांव का है. जहां ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए एक गाय के बछड़े की मृत्यु के बाद उसकी शव यात्रा निकाली साथ ही उसका अंतिम संस्कार भी किया. ग्रामीणों ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व ये बछड़ा रोड किनारे एक गड्ढे में पड़ा हुआ मिला था तो उसे निकालकर उसका इलाज कराया पर इलाज के दो दिनों बाद उसकी मृत्य हो गयी जिसके बादग्रामीणों ने उसका अंतिम संस्कार पूरे रीति रिवाज के साथ किया है. गौवंश के शव का हिंदू रीति रिवाज के साथ अंतिम संस्कार क्षेत्र मे चर्चा का विषय बना हुआ है .

गड्ढे में पड़ा था बछड़ा, निकाला, इलाज कराया, लेकिन बचा नहीं पाए
भीतरगांव निवासी जीतेंद्र कुमार ने बताया कि गोवंश का बुरा हाल देखने को मिलता है.उन्हें यह बछड़ा एक गड्ढे में पड़ा दिखाई दिया था, जिसको ग्रामीणों की मदद से गड्ढे से बाहर निकाला और उसका इलाज कराया. लेकिन इलाज के बाद उसकी मौत हो गई थी. 2 दिनों तक शव पड़ा रहा जब किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तब शव के अंतिम संस्कार करने का जिम्मा हम लोगों ने उठाया. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से लगातार आवारा जानवरों की संख्या बढ़ती जा रही है. गोवंश सड़कों पर मरे हुए दिखाई देते हैं. उनके शवों तक को उठाने वाला कोई नहीं है. इस ओर किसी का ध्यान नहीं जाता है.

Tags: Kanpur Dehat, Kanpur News Today

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