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कानपुर शेल्टर होम केस: एक्शन में CM योगी, प्रोबेशन अधिकारी को किया सस्पेंड

यूपी में 15 आईपीएस अधिकारियों के तबादले (File pic)

इसके अलावा अधिकारी पर कार्रवाई करते हुए शेल्टर होम में कोरोना वायरस (coronavirus) की रोकथाम के लिए जारी गाइडलाइन का पालन न करवाने को भी कार्रवाई का कारण बताया गया है.

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कानपुर. कानपुर (Kanpur) के राजकीय बालिका संरक्षण गृह (Shelter Home Case) में लड़कियों के कोरोना संक्रमित व सात के गर्भवती पाए जाने पर योगी सरकार (Yogi Government) ने एक्शन लिया है. कानपुर शेल्टर होम मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार को सस्पेंड कर दिया है. इसके साथ ही शेल्टर होम के सुपरिटेंडेंट को भी सस्पेंड किया गया है. जिला प्रोबेशन अधिकारी अजीत कुमार को सस्पेंड किए जाने को लेकर जारी आदेश में कहा गया है कि शेल्टर होम के संबंध में गलत सूचनाएं फैलाए जाने के खिलाफ एक्शन नहीं लेने और विभाग का पक्ष नहीं रखे जाने के कारण उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है.

इसके अलावा अधिकारी पर कार्रवाई करते हुए शेल्टर होम में कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए जारी गाइडलाइन का पालन न करवाने को भी कार्रवाई का कारण बताया गया है. वहीं शेल्टर होम के सुपरिटेंडेंट मिथलेश पाल को भी राज्य सरकार ने सस्पेंड कर दिया है. मामला सामने आने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी ने स्वरूप नगर थाने में अज्ञात पत्रकारों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कराया था. जिसके बाद में महिला आयोग की जांच, बाल संरक्षक के सदस्यों की जांच और शासन से आई टीम की रिपोर्ट के बाद आनन-फानन में जिला प्रोबेशन अधिकारी को निलंबित कर दिया गया.

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बता दें कि उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित महिला संवासिनी गृह में एक के बाद एक 7 युवतियों के गर्भवती पाए जाने और 57 के कोरोना संक्रमित होने का मामला सामने आया था. शेल्टर होम की बच्चियों के गर्भवती और कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने उत्‍तर प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी को नोटिस भेजा था. आयोग ने सूबे के मुख्य सचिव और डीजीपी से इस मामले में जवाब मांगा गया था. इसके अलावा इस मामले में राज्य महिला आयोग ने भी कानपुर डीएम से रिपोर्ट मांगी थी.