कासगंज में CMO के साथ मिल कोरोना दवाओं की कालाबाजारी कर रहा दलाल गिरफ्तार, एडीएम ने पकड़ा

कोरोना काल में जीवन रक्षक दवाओं व उपकरणों की कालाबाजारी के आरोप में पकड़ा गया वसीम

कोरोना काल में जीवन रक्षक दवाओं व उपकरणों की कालाबाजारी के आरोप में पकड़ा गया वसीम

Black Marketing of Corona Drugs: एसडीएम ललित कुमार ने सीएमओ दफ्तर पर छापा मार कर सीएमओ के साथ कोरोना की दवाओं की कालाबाजारी के आरोप में स्वास्थ्य विभाग के दलाल को गिरफ्तार किया. सीएमओ ने आरोपी को निजी सहायक बताते हुए कार्रवाई को चुनौती दी है.

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कासगंज. उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एसडीएम सदर (SDM City) द्वारा सीएमओ कार्यालय में मारे गए छापे में एक दलाल को पकड़ा गया है. यह दलाल सीएमओ डॉ. अनिल कुमार के साथ मिलकर कोरोना से संबंधित दवाइयां, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीजन जैसी आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी (Black Marketing )कर रहा था.

बता दें कि एसडीएम सदर ललित कुमार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि जिले में कुछ लोग कोविड 19 (Covid 19) से संबंधित दवाइयों, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीजन की कालाबाजारी कर रहे हैं. जिसकी वजह से जिले में इन दवाइयों की कमी हो रही है. कोरोना पीड़ित लोगों को समय से दवाइयां, सैनिटाइजर, मास्क और ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हो पा रही है. इसके बाद मंगलवार को एसडीएम ललित कुमार ने सीएमओ कार्यालय पर छापामार कार्रवाई की, जहां से स्वास्थ्य विभाग के दलाल वसीम को गिरफ्तार किया. इस पर फर्जी तौर से स्वास्थ्य विभाग में जीवन रक्षक दवाइयों समेत अन्य वस्तुओं की सप्लाई करने का आरोप लगाया गया है. इधर, सीएमओ ने आरोपी दलाल को अपना निजी सहायक बताते हुए एसडीएम की कार्रवाई को चुनौती दी है.

शिकायत के बाद हुई कार्रवाई

मंगलवार की दोपहर एसडीएम सदर ललित कुमार ने सीएमओ कार्यालय से संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार किया. इसकी शिनाख्त जिला शामली के नौकुआं निवासी वसीम के रूप में हुई है. आरोप है कि संबंधित व्यक्ति काफी दिनों से अस्पताल में जीवन रक्षक दवाइयों सहित संक्रमण काल में काम आने वाले उपकरणों एवं अन्य सामान की कालाबाजारी करता था. इतना ही नही शहर के दवा विक्रेताओं से इसकी मिलीभगत थी. इस बारे में लगातार शिकायतें एसडीएम को मिल रही थी.
दलाल के बचाव में आए सीएमओ

एसडीएम ने आरोपित को 107/116 में पाबंद कर उसे जेल भेजा है. वसीम की गिरफ्तारी के बाद सीएमओ डॉ. अनिल कुमार उसके बचाव में आए हैं. उन्होंने एसडीएम को लिखित पत्र जारी कर आरोपित को अपना निजी सहायक एवं संक्रमण काल में विभाग का मददगार बताते हुए उनकी इस कार्रवाई को चुनौती दी है. पूरे दिन जारी रहे हाई वोल्टेज ड्रामा के बाद जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के दबाव के चलते आरोपित वसीम को कोतवाली से ही एक लाख का मुचलका भरवाकर उसे छोड़ दिया गया है.

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