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UP: एक लाख रुपए घूस देकर पाई 25 जिलों में टीचर की नौकरी, कमाए एक करोड़

अनामिका शुक्ला के नाम पर 25 जिलों में नौकरी करने वाली प्रिय जाटव
अनामिका शुक्ला के नाम पर 25 जिलों में नौकरी करने वाली प्रिय जाटव

बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के दौरान ये बात सामने आई थी कि अनामिका शुक्ला (Anamika Shukla) के नाम से एक टीचर प्रदेश के कई जिलों में काम कर रही है.

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कासगंज. फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर यूपी के 25 जिलों में नौकरी करने वाली टीचर अनामिका शुक्ला (Teacher Anamika Shukla) आखिरकार पुलिस (Police) के हत्थे चढ़ ही गई. हालांकि, इस दौरान अनामिका शुक्ला को 13 महीने की सैलरी करीब एक करोड़ रुपए का भुगतान भी किया गया. दरअसल, बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से डिजिटल डेटाबेस तैयार करने के दौरान ये बात सामने आई थी कि अनामिका शुक्ला के नाम से एक टीचर प्रदेश के कई जिलों में काम कर रही है. इसके बाद उसे नोटिस भेजा गया. जिस पर वह जब इस्तीफा देने कासगंज पहुंची तो फर्जीवाड़ा और वेतन उठाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया.

एक लाख रुपए घूस देकर पाई नौकरी
दरअसल, कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में संविदा पर लगने वाली नौकरी में दस्तावेज की जांच नहीं होती है. साक्षात्कार के दौरान ही असली अभिलेख देखे जाते हैं. चयन मेरिट के आधार पर होता है. ऐसे में अनामिका के दस्तावेजों को आधार बनाया, क्योंकि इसमें ग्रेजुएशन को छोड़ कर हाईस्कूल से इंटर तक 76 फीसद से ज्यादा अंक हैं. जनपद कासगंज में पकड़ी गई कथित अनामिका (असली नाम प्रिया जाटव) के अनुसार, उसकी मुलाकात गोंडा के रघुकुल विद्यापीठ में बीएससी करते वक्त ही मैनपुरी निवासी राज नाम के व्यक्ति से हुई थी. उसने प्रिया को नौकरी की सलाह दी. एक लाख रुपये में दस्तावेज पर नौकरी लगवाने का वायदा किया. उसने ही अगस्त 2018 में इसे नियुक्ति पत्र भी दिला दिया था.


दर्ज हुआ मुकदमा 


बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजली अग्रवाल के अनुसार अनामिका शुक्ला के मूल दस्तावेजों में धुंधली फोटो भी इस कॉकस की मददगार बनी. साक्षात्कार के दौरान यह फोटो देखी जाती है, लेकिन धुंधली होने पर अभ्यर्थी के आधार कार्ड और अन्य पहचानपत्र के आधार पर चयन किया जाता है. जिस तरह से बैंकों में अनामिका शुक्ला के नाम से खाता खुलवाया गया, उससे माना जा रहा है कि आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज फर्जी तैयार कराए गए हैं. कोतवाली सोरों पुलिस ने बेसिक शिक्षा अधिकारी अंजलि अग्रवाल की तहरीर पर अनामिका के खिलाफ धोखाधड़ी एवं कूटरचित अभिलेख तैयार करने के मामले में धारा 420, 467 एवं 468 में मुकदमा दर्ज किया है. वहीं, धारा 471 लगाने की भी तैयारी पुलिस कर रही है. इंस्पेक्टर रिपुदमन सिंह का कहना है मुकदमा दर्ज कर लिया है, लेकिन पूछताछ में नाम सहित कई अन्य जानकारियां मिली है. उनको भी जांच में शामिल किया जा रहा है.

इतना ही नहीं शिक्षिका बनने के बाद में प्रिया ने अनामिका शुक्ला के नाम से कासगंज में खाता खुलवाया. माना जा रहा है कि प्रिया ने बैंक खाते में भी फर्जी दस्तावेज का प्रयोग किया. हालांकि, सरकारी कर्मियों के विभागीय दस्तावेज को भी प्रमाण पत्र के रूप में प्रस्तुत करने पर बैंक खाता खोल देती है, लेकिन बैंक में फोटो प्रमाणपत्र की जरूरत होती है. ऐसे में माना जा रहा है कि अनामिका ने बैंक में आधार कार्ड या अन्य कोई फर्जी दस्तावेज दिया होगा. इसकी भी पुलिस जांच करेगी.

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