कासगंज में फंसे हैं 150 से अधिक असम के कामगार, सामुदायिक रसोई में खाकर कर रहे हैं गुजारा
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कासगंज में फंसे हैं 150 से अधिक असम के कामगार, सामुदायिक रसोई में खाकर कर रहे हैं गुजारा
सभी प्रवासी कामगार फिलहाल कासगंज प्रशासन द्वारा संचालित सामुदायिक रसोई से खाना लेकर अपना पेट भर रहे हैं.

कामगारों (workers) का कहना है कि अब उनके पास घर जाने के लिए किराया भी नहीं बचा है. साथ ही घर का रेंट भी देना है.

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कासगंज. देश में कोरोना वायरस (Corona virus) के कहर के चलते लगे लॉकडाउन (Lockdown) में असम राज्य के डेढ़ सौ से अधिक प्रवासी कामगार कासगंज (Kasganj) में फंसे हुए हैं. इतना ही नहीं असम के अलावा अन्य राज्यों के प्रवासी कामगार भी कासगंज में फंसे हुए हैं. इन लोगों ने देश के प्रधानमंत्री और प्रदेशों के मुख्यमंत्री से अपने गृह जनपद में जाने के लिए गुहार लगाई है. इन कामगारों में पुरुषों के साथ-साथ दर्जनों महिलाएं भी शामिल हैं. कासगंज में फंसे कामगार असम राज्य के जिला नगांव, जिला हजोई, बेस्ट कर्बीआंग लांग और जिला बंगाईगांव सहित कई अन्य जिलों के रहने वाले हैं.

सभी प्रवासी कामगार फिलहाल कासगंज प्रशासन द्वारा संचालित सामुदायिक रसोई से खाना लेकर अपना पेट भर रहे हैं. वहीं, उनका कहना है कि कभी- कभी बिना खाने ही रह जाते हैं. वहीं, 15 हज़ार रुपये  महीना का मकान किराया भरने के पैसे भी अब इनके पास नहीं हैं. ये सभी प्रवासी कामगार अपने राज्य को जाने के लिए असम के मुख्यमंत्री व देश प्रधानमंत्री से गुहार लगा रहे हैं. प्रवासी कामगार विनय व दीपांकर ने बताया कि बीते कई महीनों से वह कासगंज जनपद में डोर टू डोर मार्केटिंग का काम कर रहे थे. लॉकडाउन के चलते उनका काम अब पूरी तरह बंद हो चुका है. वह जिस कंपनी के लिए काम करते थे वह कंपनी भी बन्द हो चुकी है और जनपद कासगंज से अपना कारोबार समेटकर जा चुकी है. ऐसे में अब उनके पास वापस अपने घर जाने के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है. इन प्रवासी कामगारों में अभिजीत, रिचा भद्रा, सुमारानी मंडल, सुनील टंडन और रूबल गोगोई सहित 150 से अधिक कामगार शामिल हैं.

अब उनके पास घर जाने के लिए किराया भी नहीं बचा है
कामगारों का कहना है कि अब उनके पास घर जाने के लिए किराया भी नहीं बचा है,  जिससे वह अपने असम राज्य जा सकें. वहीं, वे लोग जिन मकानों में रहते हैं, उसका किराया भी देना हैं. लेकिन उनके पास मकान का किराया भी देने के लिए रुपये नहीं हैं. इस लिए वे लोग अब जल्द से जल्द घर जाना चाहते हैं. वहीं, कुछ कामगारों के कहना है कि कासगंज जिला प्रशासन से भी उनको अभी तक कोई मदद नहीं मिली है. जब इस बारे में जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह से बात की गयी तो उन्होंने बताया कि दूसरे राज्य के प्रवासियों की लिस्ट बनबाई गयी है. जिसको शासन को भेजा जा रहा है. जल्द ही दूसरे राज्यों के कासगंज में फसे सभी कामगारों को उनके प्रदेश भेज दिया जायेगा.
(रिपोर्ट- अजेंद्र शर्मा)



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