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बकरे का हिंदू रीति-रिवाज से क‍िया अंतिम संस्कार, शवयात्रा के बाद मुंडवाया सिर, बोले- करूंगा तेरहवीं

बकरे का हिंदू रीति-रिवाज से क‍िया अंतिम संस्कार, शवयात्रा के बाद मुंडवाया सिर, बोले- करूंगा तेरहवीं

Kaushambi: उन्होंने कहा- उसकी आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं भी करूंगा.

Kaushambi: उन्होंने कहा- उसकी आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं भी करूंगा.

Kaushambi News: ग्रामीणों के साथ मिलकर रामप्रकाश फिर बकरे की अंत्येष्टि की तैयारी में जुट गया. बकायदा बकरे की शव यात्रा निकाली गई. इसके बाद उसे अपने निजी खेत में ले जाकर हिंदू रीति रिवाज से अंतिम-संस्कार किया. इतना ही नहीं शुद्धिकरण के लिए उसने अपना सिर भी मुंडवा लिया. रामप्रकाश यादव बताते हैं कि उसको मैंने अपनी जी जान से लगाकर औलाद की तरह पाला था. हमारे पास कोई संतान नहीं है, इसलिए उसी को अपना संतान समझकर पाल लिया. हमने हिंदू-रीति रिवाज में जो होता है उसी तरह अंतिम संस्कार किया है. उसकी आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं भी करूंगा.

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कौशांबी. यूपी के कौशांबी (Kaushambi) जिले में एक बकरे (Goat) की मौत के बाद जहां परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई. वहीं, मृत बकरे के मालिक ने बाकायदा हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार भी किया. शवयात्रा के दौरान राम नाम सत्य के जयकारे भी लगाए गए. इसके अलावा बकरे की मृत आत्मा की शांति के लिए ब्राह्मण भोज का भी आयोजन किया जाएगा है. पशु प्रेम की इस कहानी को सुनकर हर कोई आश्चर्यचकित भी है और लोगों के मन में पशु प्रेम की भावना भी जागृत होने लगी है.

सिराथू तहसील क्षेत्र के सयारा मीठेपुर निहालपुर गांव निवासी रामप्रकाश यादव होमगार्ड के पद पर तैनात हैं. उनकी तैनाती मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय में है. उन्होंने एक बकरा पाल रखा था. राम प्रकाश यादव ने बताया, बकरा का नाम कल्लू था. वह साढ़े 5 साल का था. बकरा घर में रहते-रहते काफी घुल मिल गया था. उसका नाम कल्लू रख दिया गया. बकरे को अपना बेटे जैसा समझकर उसका पालन-पोषण करते थे. बकरा दो दिन से बीमार चल रहा था. उसकी दवा भी कराई गई लेकिन शुक्रवार को अचानक बकरे की मौत हो गई. इसके बाद परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई.

ग्रामीणों के साथ मिलकर रामप्रकाश फिर बकरे की अंत्येष्टि की तैयारी में जुट गया. बकायदा बकरे की शव यात्रा निकाली गई. इसके बाद उसे अपने निजी खेत में ले जाकर हिंदू रीति रिवाज से अंतिम-संस्कार किया. इतना ही नहीं शुद्धिकरण के लिए उसने अपना सिर भी मुंडवा लिया. रामप्रकाश यादव बताते हैं कि उसको मैंने अपनी जी जान से लगाकर औलाद की तरह पाला था. हमारे पास कोई संतान नहीं है, इसलिए उसी को अपना संतान समझकर पाल लिया. हमने हिंदू-रीति रिवाज में जो होता है उसी तरह अंतिम संस्कार किया है. उसकी आत्मा की शांति के लिए तेरहवीं भी करूंगा.

Tags: CM Yogi, Goat market, Kaushambi news, Latest viral video, UP news, Yogi government, कौशाम्बी

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