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UP में जज पर हमले की कहानी में नया मोड़, SP ने कहा- पैसे के लेनदेन पर हुआ विवाद

हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

हत्या का केस दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

Kaushambi ADJ Car Accident: झारखंड के धनबाद (Dhanbad Judge Murder Case) के बाद अब उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक जज पर हमला करने का मामला सामने आया है. पुलिस ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी  है.

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कौशांबी. उत्तर प्रदेश के कौशांबी (kaushambi) जिले में एक अज्ञात कार ने एडीजे की कार को टक्कर मार दी. टक्कर लगने से गाड़ी में मौजूद गनर सहित एडीजे  घायल हो गए. एडीजे अहमद खान (ADJ Ahmed Khan) प्रयागराज से फतेहपुर जा रहे थे. जैसे ही वे कोखराज के पास पहुंचे थे कि उनकी कार को एक इनोवा ने टक्कर मार दी. एडीजे ने कोखराज थाना में अपनी हत्या की आशंका जताते हुए कोखराज थाना में हत्या का प्रयास की तहरीर दिया है. बताया जाता है कि एडीजे जब 2020 में बरेली में तैनात थे तो इनको जान से मारने की धमकी भी मिली थी. इस समय एडीजे अहमद खान फतेहपुर के पॉक्सो कोर्ट में तैनात है. पुलिस तहरीर लेकर जांच में जुट गई है.

कौशांबी में एडीजे फतेहपुर की कार दुर्घटना मामले में एडीजी प्रयागराज प्रेम प्रकाश का बड़ा बयान सामने आया है. एडीजी ने कहा कि हत्या के प्रयास की धारा में एफआईआर दर्ज हुई है. शुरुआती जांच में मामला सिर्फ एक्सीडेंट का है, हत्या के प्रयास का नहीं. जज की कार में इनोवा से टक्कर लगी थी. इनोवा के ड्राइवर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है. जानकारी के मुताबिक, एसपी ने कहा है कि पैसे के लेनदेन पर बात नहीं बनी तो जज ने आरोप लगाया है.

एसपी का बड़ा बयान

एसपी ने बताया, “कल की घटना है. ADJ मो. अहमद खान फतेहपुर के पॉस्को कोर्ट में जज हैं. वह अपनी प्राइवेट सेंट्रो कार से इलाहाबाद से फतेहपुर जा रहे थे. थाना कोखराज के अंतर्गत चाकवन चौराहे पर ओवरटेक करने के चक्कर में एक इनोवा कार से टक्कर हो गई. पहले जज साहेब ने इनोवा गाड़ी चालक से गाड़ी ठीक करवाने के लिए पैसे के लेनदेन को लेकर बातचीत की. आरोपित ने कहा- मैं गाड़ी बनवा दूंगा. हालांकि, बातचीत नहीं बनी तो जज ने चौराहे से एक एप्लिकेशन लिखकर दे दिया कि उन्हें जान से मारने की कोशिश की गई. मामले में जज  की तहरीर पर FIR दर्ज कर जांच की जा रही है. ये एक साधारण घटना है.”

पुलिस कर रही मामले की जांच

कहीं एडीजे की हत्या का प्रयास तो नहीं हुआ या यह एक दुर्घटना है, फिलहाल कोखराज पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है. बताया जा रहा है कि 2020 में एडीजे अहमद खान बरेली में तैनात थे. उस समय इनको जान से मारने की धमकी भी मिली थी. इसकी शिकायत एडीजे ने बरेली जिले में किया था.

ऐसे हुआ हादसा

एडीजे अहमद खान प्रयागराज अपने किसी काम से आये थे और शाम को फतेहपुर लौट रहे थे. जब वे कोखराज के चकवान चौराहे पर पहुंचे ही थे कि तभी तेज रफ्तार इनोवा कार ने उनकी कार को टक्कर मार दी. टक्कर लगने से इनोवा कार का ड्राइवर घायल हो गया. तो एडीजे अखमद खान के गनर को भी चोट आई है. इस टक्कर में खुद एडीजे अहमद खान भी घायल हो गए हैं.
एडीजे अहमद खान की गाड़ी की टक्कर कि सूचना जैसे ही पुलिस को लगी कोखराज पुलिस सहित सीओ सिराथू मौके पर पहुंच गए. पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

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Kaushambi News: कार सवार युवकों ने महिला को अगवा कर किया गैंगरेप, हालत बिगड़ने पर छोड़कर हुए फरार

Kaushambi Gangrape: तीनों अभियुक्तों को भेजा गया जेल

Kaushambi Gangrape Case: मामले में अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने बताया कि मोहब्बतपुर पइंसा कोतवाली क्षेत्र में एक रेप की घटना प्रकाश में आई है. मुकदमा दर्ज करके आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है.

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कौशांबी. यूपी के कौशांबी (Kaushambi) जिले के मोहब्बतपुर पइंसा थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ गैगरेप (Gangrape) जैसी घिनौनी वारदात सामने आई है. टैक्सी का इंतजार कर रही महिला को कार सवार तीन युवकों ने अगवा कर जबरन सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. पीड़ित महिला की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी युवकों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इस मामले में सामूहिक दुष्कर्म, जान से मारने की धमकी एवं एससी-एसटी की धाराओ में कार्यवाई की है. मामले में अपर पुलिस अधीक्षक समर बहादुर ने बताया कि मोहब्बतपुर पइंसा कोतवाली क्षेत्र में एक रेप की घटना प्रकाश में आई है. मुकदमा दर्ज करके आरोपियों  को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है.

मामला 24 अगस्त का है. सैनी थाना क्षेत्र की एक महिला धाता फतेहपुर अपनी रिश्तेदारी में जाने के लिए टैक्सी में सवार हुई. टैक्सी चालक मोहब्बतपुर पइंसा थाना क्षेत्र के नारा चौराहे पर महिला को छोड़ दिया. महिला टैक्सी से उतर कर अगली टैक्सी का इंतजार करने लगी. करीब छह बजे एक लग्जरी कार सवार युवक रितिक सिंह पटेल, दीपू सिंह और आकाश तिवारी ने महिला को जबरन गाड़ी में अगवा कर उसे धाता फतेहपुर के एक निजी स्कूल में लेकर पहुचे. तीनों ने महिला से जबरिया सामूहिक दुष्कर्म किया. महिला की हालात बिगड़ने पर उसे वहीं छोड़ कर फरार हो गए. युवकों ने खुद को रसूखदार बता कर कहीं शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी. पीड़ित किसी तरह अपने घर पहुंची. पीड़ित ने डर के मारे किसी से शिकायत नहीं की.

गैंगरेप के बाद महिला के घर भी पहुंचे थे आरोपी
26 अगस्त की दोपहर आरोपित युवक नशे की हालात में महिला का घर खोजते हुए पहुंचे। जिसके बाद महिला ने किसी तरह उनसे अपनी जान बचाने में कामयाब हो गई. आरोपित युवकों के जाने के बाद महिला ने अपने पति के साथ मोहब्बतपुर पइंसा थाने पहुंची. पुलिस से अपनी व्यथा बताई. अंत में महिला के मजबूत इरादे के सामने पुलिस ने हार मान आरोपितों को गिरफ्तार कर गंभीर धाराओ में केस दर्ज कर कार्यवाई शुरू कर दिया.

तीनों को भेजा गया जेल
पुलिस ने प्रकरण में आरोपितों के खिलाफ आईपीसी की धारा 376d, 504, 506 व एससी-एसटी एक्ट की धारा में केस दर्ज कर लिया. पीड़ित महिला का मेडिकल अस्पताल में कराया जा रहा है, जबकि तीनों  गिरफ्तार आरोपितों को जेल भेज दिया गया है.

कौशाम्बी: कथित गौकशी मामले में नामजद आरोपियों को HC से बड़ी राहत, जानिए पूरा मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कौशाम्बी गौकशी मामले में आरोपियों पर कानूनी कार्रवाई से रोक लगा दी है.

High Court News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरफ की दंडात्मक कार्रवाई किये जाने पर रोक लगा दी है. कोर्ट से राहत मिलने के बाद नामजद पांचों आरोपी अब इस मामले में गिरफ्तार होकर जेल जाने से बच जाएंगे.

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प्रयागराज. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने यूपी के कौशाम्बी (Kaushambi) जिले में हुए कथित गौकशी (Cow Slaughter Case) के चर्चित मामले में नामजद आरोपियों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ किसी भी तरह की दंडात्मक कार्रवाई किये जाने पर रोक लगा दी है. अदालत ने इस मामले में यूपी सरकार के साथ ही मुकदमा दर्ज कराने वाले विपक्षी को भी नोटिस जारी कर सभी से जवाब तलब कर लिया है. सभी को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए एक महीने की मोहलत दी गई है.

दरअसल इस चर्चित मामले में 10 साल के मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या करने के आरोपियों पर पुलिस के साथ मिलीभगत कर पीड़ित परिवार के 71 साल के बुजुर्ग समेत 5 लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज कराने का आरोप है. आरोप है कि दबंग किस्म के हत्या आरोपियों ने पीड़ित परिवार को इसलिए गोकशी के मुकदमे में फंसाया ताकि वह जेल चले जाएं और अपने परिवार के 10 साल के बच्चे की हत्या के मामले में ठीक से पैरवी न कर सकें.

मामले में कौशाम्बी पुलिस भी सवालों के घेरे में हैं, क्योंकि उसने न सिर्फ तथ्यों की सच्चाई परखे बिना घटना के 18 दिन बाद एफआईआर दर्ज की. बल्कि तहरीर में दी गई शिकायत से अलग भी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया. मामले की सुनवाई कर रही हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने याचिकाकर्ता की तरफ से पेश की गई दलीलों पर सहमति जताते हुए एफआईआर को संदिग्ध माना और इसी आधार पर आरोपियों को राहत दी है.

मुकदमे की अगली सुनवाई नवम्बर महीने के आख़िरी हफ्ते में होगी. अदालत ने राहत पाने वाले आरोपियों को पुलिस जांच में सहयोग देने का भी आदेश दिया है.

गौरतलब है कि कौशाम्बी जिले के सैनी थाने के परास गांव के रहने वाले मोहम्मद दाऊद ने इसी साल 24 जून को अपने पड़ोसी 71 साल के बुजुर्ग शेर मोहम्मद और उनके चार बेटों जैद, सादान, अहद और शहजादे के खिलाफ गौकशी किये जाने और धमकी देने व मारपीट किये जाने के मामले में गंभीर धाराओं में नामजद मुकदमा दर्ज कराया. पांचों आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 379, 323, 504, 506 और 452 के साथ ही यूपी प्रिवेंशन आफ काऊ स्लाटर एक्ट 1955 की धारा 3, 5 व 8 के तहत सैनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई.

शिकायतकर्ता दाऊद का आरोप था कि बुजुर्ग शेर मोहम्मद और उनके चार बेटों ने 4 जून को रात के अंधेरे में उनके घर के बाहर बंधी गाय को चोरी कर लिया और उसके काटने के बाद उसके मांस को बेच दिया. कुछ देर बाद एतराज जताने पर आरोपियों ने उनके परिवार पर धावा बोलकर मारपीट व गाली-गलौज की और साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी.

मुक़दमे में नामजद किये गए शेर मोहम्मद व अन्य ने एफआईआर रद्द किये जाने और गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी दाख़िल की. याचिकाकर्ताओं की तरफ से एडवोकेट सहर नकवी ने अदालत के सामने पक्ष रखा. सुनवाई के दौरान एडवोकेट सहर नक़वी ने दलील दी कि विपक्षी मोहम्मद दाऊद ने शेर मोहम्मद और उनके बेटों को फंसाने के लिए फर्जी मुकदमा दर्ज कराया है.

एफआईआर में घटना इसी साल 06 जून की बताई गई है, जबकि एफआईआर के लिए अर्जी 18 दिन बाद 24 जून को दी गई है. कहा यह भी गया कि दाऊद के पास सिर्फ एक गाय थी, जो अब भी उसके दरवाजे पर बंधी रहती है. कोई गाय न तो चोरी की गई है और न ही उसे क़त्ल किया गया है. गांव के लोगों से इस बारे में जानकारी भी ली जा सकती है.

आरोपियों की वकील सहर नक़वी ने यह भी दलील दी कि शिकायतकर्ता मोहम्मद दाऊद व उसके परिवार के लोगों ने आरोपी बनाए गए शेर मोहम्मद के परिवार के तकरीबन दस साल के एक मासूम बच्चे को महज़ मामूली कहासुनी के विवाद में तीन साल पहले बेरहमी से क़त्ल करने के बाद शरीर के टुकड़े कर जंगल में फेंक दिए थे. 14 जून साल 2018 को हुए बच्चे के क़त्ल के मामले में दाऊद और उसके परिवार के लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर हुई थी और सभी को जेल जाना पड़ा था.

दाऊद व अन्य आरोपियों की जमानत रद्द करने के लिए आरोपी बनाए गए शेर मोहम्मद के परिवार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अर्जी भी दाखिल कर रखी है. बच्चे के क़त्ल के मामले में जैद नाम का आरोपी प्रमुख गवाह भी है. आरोप यह भी है कि यूपी काऊ स्लाटर एक्ट की धारा 8 दस साल तक की उम्र के गौवंश को मारने पर ही लगती है. एफआईआर की तहरीर में गाय की उम्र नहीं दी हुई है, इसके बावजूद यह धारा लगाई गई है.

वकील सहर नक़वी के मुताबिक़ बच्चे के क़त्ल के मामले में ठीक तरह से हो रही पैरवी को प्रभावित करने और पीड़ित परिवार पर फर्जी मुकदमा लगाकर उस पर समझौते का दबाव बनाने के लिए ही दाऊद ने पुलिस के साथ मिलीभगत कर फर्जी एफआईआर दर्ज कराई है. मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए अदालत को इस मामले में आरोपियों को फौरी राहत देते हुए सभी पक्षों को सुने जाने के बाद सैनी थाने में दर्ज गोकशी व अन्य धाराओं की एफआईआर को रद्द किये जाने का आदेश देने की गुहार लगाई गई. याचिका में पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किये गए और उस पर शिकायतकर्ता से मिलकर फर्जी मुकदमा दर्ज किये जाने का आरोप लगाया गया. पुलिस ने बच्चे की हत्या और इस मामले में 18 दिन बाद शिकायत दर्ज किये जाने जैसे पहलुओं को देखे बिना ही एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश देनी शुरू कर दी.

मासूम बच्चे का बेरहमी से क़त्ल किये जाने व बाद में पीड़ित परिवार के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने की वजह से ये पूरा मामला काफी चर्चित हुआ था. सियासी गलियारों में भी यह मामला सुर्ख़ियों में बना हुआ था. हाईकोर्ट में मामले की सुनवाई जस्टिस पंकज नक़वी और जस्टिस नवीन श्रीवास्तव की डिवीजन बेंच में हुई. अदालत ने याचिकाकर्ताओं की वकील सहर नक़वी की दलीलों को सुनने के बाद आरोपियों को बड़ी राहत दे दी है. अदालत ने आरोपियों के खिलाफ किसी भी तरफ की दंडात्मक कार्रवाई किये जाने पर रोक लगा दी है. कोर्ट से राहत मिलने के बाद नामजद पांचों आरोपी अब इस मामले में गिरफ्तार होकर जेल जाने से बच जाएंगे. अदालत ने आरोपियों को पुलिस जांच में सहयोग देने को कहा है.

मामले की अगली सुनवाई 29 नवम्बर को शुरू होने वाले हफ्ते में किसी नई बेंच के सामने होगी. इस मामले में सरकार की तरफ से एडिशनल एडवोकेट जनरल एएन मुल्ला ने नोटिस रिसीव की, जबकि मुकदमा दर्ज कराने वाले प्राइवेट विपक्षी दाऊद को कोर्ट के ज़रिये नोटिस भेजा जाएगा. एक महीने में विपक्षी का जवाब दाखिल होने के बाद याचिकाकर्ताओं को अपना रीज्वाइंडर दाखिल करने के लिए दो हफ्ते को मोहलत रहेगी.

कौशाम्बी में दर्दनाक हादसा, जिला अस्पताल में नवजात की जलकर मौत, मचा हड़कंप

UP: कौशाम्बी में एक दर्दनाक हादसे में नवजात की मौत हो गई है.

Kaushambi News: आरोप है कि कौशाम्बी के जिला अस्पताल में SNCU वार्ड का स्टाफ नवजात शिशु को हीटिंग पैड लगाकर नदारद हो गया. दादी देखने गईं तो शिशु के जिस्म से धुआं निकल रहा था. उसका बदन फट गया था.

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अरविंद राणा

कौशाम्बी. उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी (Kaushambi) में जिला अस्पताल की बदइंतजामी की दिल को झकझोर देने वाली तस्वीर सामने आ रही है. अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में भर्ती एक नवजात बच्चे की स्टाफ की लापरवाही से हीटिंग पैड से जलकर मौत हो गई. परिजनों का आरोप है कि स्टाफ नवजात बच्चे को हीटिंग पैड लगाने के बाद नदारद हो गया. तकरीबन घण्टे भर बाद परिजन बच्चे को देखने गए तो बच्चा पूरी तरह से जल गया था. उसकी छाती व पेट जलकर फट गया था.

बच्चे का शव देखकर परिजन चीखने-चिल्लाने लगे. परिजनों ने स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया. मौके पर सीएमएस सहित अस्पताल के स्टाफ एसएनसीयू वार्ड में पहुंच गए. अस्पताल प्रशासन अब अपनी गलती पर मृतक बच्चे के घर वालों से माफी मांग रहा है. मृतक बच्चे के पिता ने मंझनपुर कोतवाली पुलिस को तहरीर दी. पुलिस ने तहरीर लेकर घटना की छानबीन शुरू कर दी है.

फतेहपुर जनपद के हरिश्चंद्रपुर गांव के रहने वाले जावेद की पत्नी को जिला अस्पताल में डिलीवरी हुई. डिलीवरी के बाद नवजात शिशु अपनी माता का दूध नहीं पी रहा था. इस पर डॉक्टर ने शिशु को SNCU में भर्ती करा दिया. आरोप है कि SNCU वार्ड के स्टाफ बच्चे का ठीक से देखभाल नहीं कर रहे थे. स्टाफ बच्चे को हीटिंग पैड लगाकर नदारद हो गया. थोड़ी देर बाद जब दादी शिशु को देखने गई तो शिशु खेल रहा था लेकिन लगभग 7 बजे जब वह दोबारा देखने गई तो शिशु के जिस्म से धुआं निकल रहा था. उसका बदन फट गया था.

पिता जावेद ने गम्भीर आरोप लगाते हुए बताया कि स्टाफ ने शिशु को हीटिंग पैड पर रखा था. अस्पताल के SNCU स्टाफ बाहर घूम रहे थे और मोबाइल पर मस्त थे, जिसके चलते बच्चे की मौत हुई है. उसने यह भी आरोप लगाया कि स्टाफ पैसे लेकर ही काम करता है. डिलिवरी के बाद ही 4 हज़ार रुपए लिए थे. उसके बाद भी पैसों की डिमांड होती रहती थी. लापरवाही कर शिशु को जलाकर मार दिया गया. अब कह रहे हैं कि माफ कर दो. हमें इंसाफ चाहिए.

वहीं जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ दीपक सेठ जांच के बाद कार्यवाही की बात कह रहे हैं. डॉ दीपक सेठ का कहना है कि एनआईसीयू वार्ड में एक बच्चा भर्ती हुआ था. जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई है. बच्चे के परिजनों ने स्टॉफ़ पर लापरवाही का आरोप लगाया है. मामले की जांच की जा रही है. आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

UP के बाढ़ग्रस्त 24 में से 11 जिलों में औसत से कम बारिश, फिर भी क्यों बनी ये हालत?

प्रयागराज. उत्तर प्रदेश के कई जिलों के साथ ही संगम नगरी प्रयागराज (Prayagraj) में भी बाढ़ (Flood) का कहर जारी है.

UP News: उत्तर प्रदेश के 11 जिलों फतेहपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, गाज़ीपुर, चंदौली, आगरा, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, कौशाम्बी, इटावा और जालौन में औसत से कम बारिश हुई. लेकिन फिर भी ये जिले बाढ़ की चपेट में हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में इस समय 24 जिले बाढ़ (Flood) से प्रभावित हैं. और हैरानी की बात है कि जिन जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई वे इलाके भी बाढ़ के पानी में समां गए हैं. यूपी के बाढ़ ग्रस्त 24 जिलों में से 11 जिले कम बारिश वाले हैं. इस सवाल के जवाब से पहले कुछ आंकड़ों पर नज़र ज़रूरी है.

यूपी के 24 जिलों फतेहपुर, गोण्डा, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, गोरखपुर, बहराइच, गाज़ीपुर, चंदौली, आगरा, चित्रकूट, फर्रूखाबाद, कानपुर देहात, भदोही, कौशाम्बी, इटावा, वाराणसी, बलिया, हमीरपुर, बांदा, जालौन, प्रयागराज और मिर्जापुर में बाढ़ आई है. इन इलाकों की करीब 5 लाख से ज्यादा आबादी प्रभावित है. पहली नजर में लगता है कि इन जिलों में जमकर बरसात हुई होगी, लेकिन ऐसा नहीं है. इनमें से 11 जिलों फतेहपुर, शाहजहांपुर, सीतापुर, गाज़ीपुर, चंदौली, आगरा, फर्रुखाबाद, कानपुर देहात, कौशाम्बी, इटावा और जालौन में औसत से कम बारिश हुई है. चंदौली, फर्रुखाबाद और कानपुर देहात में तो औसत से 50 फीसद यानी आधी ही बारिश हुई है, फिर भी बाढ़ आ गई.

इसकी मुख्य वजह है नदियों का उफान. ये जरूरी नहीं कि यूपी से होकर बहने वाली नदियों में उफान तभी आएगा जब यूपी में भारी बारिश होगी. नेपाल, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान से होकर आने वाली नदियां भी तब उफनाने लगती है, जब इन प्रदेशों में भारी बारिश हो जाती है. पिछले एक हफ्ते में मध्य प्रदेश और राजस्थान में जमकर पानी गिरा है. ये सारा का सारा पानी गंगा और यमुना में बहकर यूपी में आ रहा है.

खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गाजीपुर में बाढ़ और राहत कार्यों का जायजा लेने के बाद कहा कि उत्तर प्रदेश के 24 जनपदों के 620 गांवों में बाढ़ का असर है. राजस्थान, हरियाणा, MP से अतिरिक्त जल छोड़े जाने से ये हालत हुई है.

सिंचाई विभाग में फ्लड कंट्रोल के इंजीनियर इन चीफ अशोक सिंह ने बताया कि सबसे ज्यादा पानी का स्तर राजस्थान और एमपी से आने वाली नदियों में दर्ज किया जा रहा है. इसी वजह से यमुना में पानी बढ़ गया है. यमुना प्रयागराज में गंगा से मिल जाती है. ऐसे में पहले से उफनती गंगा में पानी का स्तर और बढ़ गयाअब बनारस के आगे गंगा का जलस्तर बढ़ेगा. बाकी जगहों पर जलस्तर में कमी आने लगी है.

कौशाम्बी में जहरीले खाने के बाद 5 साल की मासूम सहित एक परिवार के 3 लोगों की मौत, 2 गंभीर

UP: कौशाम्बी में खाना खाने के बाद अचानक एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई, दो गंभीर हैं.

Kaushambi Food Poisoning: कौशाम्बी के सराय अकिल थाना के चक पिन्हा गांव में हुई घटना. पुलिस को घर में आटे का डिब्बा मिला है, जिसमें से कीटनाशक दवाई की महक आ रही है. पुलिस जांच कर रही है कि कहीं फूड पाइजनिंग तो इन मौतों की वजह नहीं है.

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कौशांबी. उत्तर प्रदेश के कौशांबी (Kaushambi) जिले के चिन्हा गांव में बीती रात एक ही परिवार के तीन लोगों की खाना खाने के बाद मौत हो गई और दो की हालत गम्भीर है. मरने वालों में 5 वर्षीय मासूम और दो महिलाएं शामिल हैं. वहीं गम्भीर हालात में बीमार दो लोगों को जिला अस्पताल से प्रयागराज रेफर कर दिया गया है.

बताया जा रहा है कि बीती रात परिवार के सभी लोग खाना खाया और थोड़ी देर में सभी की हालत खराब होने लगी. एक 5 साल के मासूम की तो घर पर ही मौत हो गयी और दो महिलाओं ने अस्पताल जाते समय रास्ते मे ही दम तोड़ दिया. पुलिस को अंदेशा है कि हादसे के पीछे फूड पाइजनिंग वजह हो सकती है, लेकिन सही कारण का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा.

बहू की सूचना पर पड़ोसियों ने एंबुलेंस बुलाई
सराय अकिल थाना पुलिस के मुताबिक चिन्हा गांव में हुई इस घटना की जानकारी बहू ने पड़ोसियों को दी. पड़ोसियों ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और सभी को जिला अस्पताल भेजा. अस्पताल जाते समय रास्ते मे ही दो महिलाओं की और मौत हो गयी. दो लोगों की हालत गम्भीर है, जिन्हें जिला अस्पताल से प्रयागराज रेफर कर दिया गया है.

घर से कीटनाशक दवाई की मशीन बरामद

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कौशाम्बी की घटना में पुलिस ने पीड़ित परिवार के घर सेकीटनाशक दवाई की मशीन को बरामद किया है.

घर से कीटनाशक दवाई की मशीन बरामद
एक ही परिवार में तीन लोगों की मौत की सूचना पर जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच कर रहे हैं. पुलिस ये जांच कर रही है कि कहीं इन लोगो की मौत का कारण फूड प्वाइजनिंग से तो नहीं हुई है. पुलिस को घर में कीटनाशक दवाई की मशीन भी मिली हैं. ये भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं ये कीटनाशक दवाई घर में तो नही छिड़की गई थी.

आटे के डिब्बे से कीटनाशक की महक
पुलिस को घर में आटा का डब्बा भी मिला है, जिसमें कीटनाशक दवाई की महक आ रही है. पुलिस आशंका जता रही कि हो सकता है कीटनाशक दवा घर मे भी छिड़का गया हो और वो आटे के डब्बे में पहुंच गई हो, जिससे आटा जहर बन गया हो. फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है.

दिल्‍ली-सहारनपुर हाईवे से मंडोला विहार कनेक्‍ट होगा, साइट देखने पहुंचे एनएचएआई अधिकारी

मंडोला विहार साइट का निरीक्षण करती एनएचएआई अधिकारियों की टीम.

Delhi SaharanpurHighway को मंडोला विहार से कनेक्‍ट करने के लिए एनएचएआई के अधिकारियों की टीम साइट पर पहुंची और निरीक्षण किया. टीम जल्‍द ही रिपोर्ट मुख्‍यायल को सौंप देगी.

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नई दिल्‍ली. दिल्‍ली-सहारनपुर हाईवे आवास विकास परिषद की मंडोला विहार योजना से कनेक्‍ट होगा. परिषद मंडोला विहार में जमीन देने को तैयार हो गया है. इसके बाद नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों की टीम साइट का निरीक्षण करने मंडोला विहार पहुंची और जहां पर ब्रिज उतरेगा, वहां पर जमीन निरीक्षण किया. इस संबंध में एनएचएआई के अधिकारी का कहना है कि जल्‍द ही काम शुरू हो जाएगा.

आवास विकास परिषद की दिल्‍ली से जुड़ी हुई लोनी के पास मंडोला विहार योजना है. इसमें करीब 5000 फ्लैट तैयार हो चुके हैं. यहां रहने वाले ज्‍यादातर लोगों का दिल्‍ली आवागमन होता है, इन लोगों की सुविधा के लिए दिल्‍ली सहारनपुर हाईवे से योजना को जोड़ा जा रहा है. इसके लिए एनएचएआई को पांच एकड़ से अधिक जमीन की आवश्‍यकता है, जिसे परिषद ने देने के लिए मंजूरी दे दी है. इसके बाद एनएचएआई के अधिकारियों की टीम जमीन का निरीक्षण करने मंडोला विहार पुहंची और कई घंटे रुक कर निरीक्षण किया. यह टीम जल्‍द ही रिपोर्ट प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर को देगी, जो मुख्‍यालय भेजी जाएगी. इस संबंध में एनएचएआई में दिल्‍ली सहारनपुर हाईवे के प्रोजेक्‍ट डायरेक्‍टर मुदित गर्ग ने बताया कि आवास विकास परिषद के अधिकारियों के साथ साइट का निरीक्षण किया जा चुका है. काम शुरू होने के दो साल के अंदर योजना दिल्‍ली सहारनपुर से कनेक्‍ट हो जाएगी और लोग 20  मिनट में अक्षरधाम पहुंचे सकेंगे.

इन्‍हें राहत होगी

दिल्‍ली सहारनपुर हाइवे बनने के बाद दिल्‍ली से उत्‍तर पूर्वी दिल्‍ली के इलाकों की ओर जाने वाले वाहन चालकों को राहत होगी. वे एलेवेटेड रोड से बगैर रुके जा सकेंगे. अभी उन्‍हें जाम में फंसते हुए जाना पड़ता है.  इसके अलावा बागपत,मुजफ्फरनगर की ओर जाने वालों भी सुविधा होगी,उनका समय बचेगा,अभी लोनी होकर वाहन चालकों को जाना पड़ता है, लोनी पार करने में घंटे भर से ज्‍यादा लग जाता है. पूरा हाइवे बनने के बाद समय की बचत होगी.

UP Election: BSP ने बदला ब्राह्मण सम्मेलन का नाम, अब प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में विचार गोष्ठी, ये है पूरा कार्यक्रम

बसपा आज से यूपी में लगातार छह ब्राह्मण सम्मेलन करने जा रही है. अब इसका नाम बदलकर प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में गोष्ठी कर दिया गया है.  (File Photo: मायावती)

UP Assembly election News: अयोध्या से आगाज के बाद 29 जुलाई तक बसपा अलग-अलग ज़िलों में इस गोष्ठी का आयोजन करेगी. इसमें 24-25 को अम्बेडकर नगर, उसके बाद 26 जुलाई को इलाहाबाद में, फिर 27 को कौशाम्बी, 28 को प्रतापगढ़ और 29 जुलाई को सुल्तानपुर में कार्यक्रम होना है.

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लखनऊ. बहुजन समाज पार्टी (BSP) आज राम की नगरी अयोध्या (Ayodhya) से यूपी विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election) के प्रचार अभियान का आगाज करने जा रही है. इसी क्रम में पार्टी का ब्राह्मण सम्मेलन आज अयोध्या में आयोजित होना है. हालांकि अब इस का नाम पार्टी ने प्रबुद्ध वर्ग के सम्मान में विचार गोष्ठी कर दिया है. जानकारी के अनुसार आज 23 जुलाई को अयोध्या में देवकाली के तारा जी रिजॉर्ट में ये कार्यक्रम होना है. इसमें बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा ब्राह्मणों को संबोधित करेंगे. सतीश चंद्र मिश्रा दोपहर 1 बजे अयोध्या पहुंचेंगे. इस पूरी कवायद को विधानसभा चुनाव को लेकर ब्राह्मणों को बसपा के मंच पर लाने की कोशिश माना जा रहा है.

अयोध्या से आगाज के बाद 29 जुलाई तक अलग-अलग ज़िलों में इस गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा. इसमें 24-25 को अम्बेडकर नगर में कार्यक्रम होना है. उसके बाद 26 जुलाई को इलाहाबाद में गोष्ठी होगी, फिर 27 को कौशाम्बी, 28 को प्रतापगढ़ और 29 को सुल्तानपुर में कार्यक्रम होना है. इन सभी कार्यक्रमों में मुख्य अतिथि सतीश चंद्र मिश्रा रहेंगे. वहीं नकुल दुबे व अन्य बसपा के विधायक व सांसद मौजूद रहेंगे.

वैसे बसपा द्वारा सम्मेलन का नाम बदलने के पीछे हाईकोर्ट का एक आदेश अहम कारण माना जा रहा है.  दरअसल इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 11 जुलाई साल 2013 को मोती लाल यादव द्वारा दाखिल पीआईएल संख्या 5889 पर सुनवाई करते हुए यूपी में सियासी पार्टियों द्वारा जातीय आधार पर सम्मेलन- रैलियां व दूसरे कार्यक्रम आयोजित करने पर पाबंदी लगा दी थी. जस्टिस उमानाथ सिंह और जस्टिस महेंद्र दयाल की डिवीजन बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि सियासी पार्टियों के जातीय सम्मेलनों से समाज में आपसी मतभेद बढ़ते हैं और यह निष्पक्ष चुनाव में बाधक बनते हैं.

अयोध्या में BSP के ब्राह्मण सम्मेलन से पहले पढ़ लें हाईकोर्ट का यह आदेश

अदालत ने जातीय सम्मेलनों पर पाबंदी लगाते हुए चुनाव आयोग और सरकार के साथ ही चार प्रमुख पार्टियों कांग्रेस -बीजेपी, सपा और बसपा को नोटिस जारी कर उनसे जवाब तलब कर लिया था और सभी से हलफनामा देने को कहा था.

इनपुट: मोहम्मद शबाब

कौशांबी पुलिस बनी हैवान! मामूली विवाद में दलित युवक पर किया थर्ड डिग्री का इस्तेमाल

सांकेतिक फोटो.

UP News: उत्तर प्रदेश के कौशांबी पुलिस ने मामूली विवाद में दलित युवक (Dalit Youth) को थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर 151 का चालान किया है. मामला चरवा थाना के बरियावा चौकी का है.

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कौशांबी. उत्तर प्रदेश के कौशांबी पुलिस ने मामूली विवाद में दलित युवक (Dalit Youth) को थर्ड डिग्री का इस्तेमाल कर 151 का चालान किया है. मामला चरवा थाना के बरियावा चौकी का है, जंहा दलित युवक सुरेश का आरोप है कि उसको बरियावा चौकी इंचार्ज अरुण कुमार मौर्य और चौकी के दो सिपाहियों ने सुरेश को अर्धनग्न कर के जमकर पीटा है. सुरेश ने मामले की शिकायत जिले के पुलिस अधीक्षक से की है. चरवा थाना के बरियावा चौकी के अंर्तगत रहने वाला सुरेश पेशे से मजदूर है. सुरेश का एक पड़ोसी है जो बरियावा चौकी में चौकीदार है.

सुरेश का आरोप है कि चौकीदार रोजाना हमारे घर के बाहर कूड़ा फेकता है, जिससे कभी कभी विवाद होता है. सुरेश का कहना है कि बीते 18 जुलाई को वह मजदूरी करने चला गया था. उसी दिन पुलिस उसके घर गयी और मेरी पत्नी से मेरे बारे में पूछा और बोला कि जब वह घर आय तो उसे चौकी भेज देना. सुरेश ने बताया कि मजदूरी कर जब वह पहुंचा तो पत्नी के कहने पर पत्नी और बच्चे के साथ चौकी गया, जंहा चौकी इंचार्ज ने कहा बैठ जाओ.

इसके बाद शुरू की पिटाई
सुरेश के मुताबिक थोड़ी देर में उसका पड़ोसी जगतपाल जो इसी चौकी में चौकीदार है, चौकी इंचार्ज से कुछ बात कर के चौकी से चला गया. चौकी इंचार्ज ने सुरेश को बुलाया और विवाद का कारण पूछा. सुरेश ने चौकी इंचार्ज को बताया कि जगतपाल मेरे घर के बाहर अक्सर कूड़ा और नाले का पानी बहता है, लेकिन फिर भी हम कुछ नही बोलते. इतना सुनते ही चौकी इंजार्ज अरुण ने गाली देते हुए मारपीट की और सिपाहियों से कहा इसको बन्द कर दो. सिपाहियों ने हमे कमरे में बंद कर के दोनों हाथ बांध कर बहुत मारा. सुरेश का आरोप है कि उसकी पत्नी से भी सिपाहियों ने मारपीट की.

अवैध धर्मांतरण: कौशांबी में मिला उमर कनेक्शन, एक मदरसे में हर महीने 12 लाख की विदेशी फंडिंग!

अवैध धर्मांतरण मामले में गिरफ्तार उमर गौतम के कौशाम्बी में भी लिंक मिले हैं.

Kaushambi News: एलआईयू रिपोर्ट के बाद कौशांबी पुलिस अलर्ट हो गई है. शुरुआती जांच में मदरसे में 12 लाख रुपये हर महीने विदेशी फंडिंग की बात सामने आई है. पुलिस और अन्य एजेंसियां अब मदरसे में विदेशी मौलवी और बच्चों के रिकार्ड खंगालने में जुटी हैं.

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फतेहपुर/कौशाम्बी. उत्तर प्रदेश के फतेहपुर (Fatehpur) जिले में अवैध धर्मांतरण (Illegal Religious Conversion) के आरोपी विजय सोनकर की गिरफ्तारी के बाद उमर गौतम का कौशांबी (Kaushambi) कनेक्शन भी सामने आया है. जब इस मामले की रिपोर्ट एलआईयू ने यूपी एटीएस समेत पुलिस के उच्चाधिकारियों को सौंपी तो कौशांबी पुलिस अलर्ट हो गई है. पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक कौशांबी जिले के सैय्यद सरावा गांव में स्थित एक मदरसे में विदेशी मौलवी मुस्लिम बच्चों के तालीम दिया करते हैं. इसके साथ ही देश के कई अन्य प्रांतों से आए कुछ हिन्दू बच्चों को भी बेहद गोपनीय तरीके से इस्लामिक तालीम दिए जाने की बात सामने आई है.

पता चला है कि मदरसे में हिन्दू बच्चों को ऐसा कपड़ा पहनाया जाता था की उन पर कोई शक न कर सके. इसके अलावा इस मदरसे में हर महीने 10 से 12 लाख की विदेशी फंडिंग की बात भी सामने आई है. विभागीय सूत्रों के अनुसार इस मदरसे में अवैध धर्मांतरण के आरोपी उमर गौतम का भी आना-जाना था.

आपको बता दें कि फतेहपुर जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र के पुरमई गांव के रहने वाले विजय सोनकर ने करीब डेढ़ महीने पहले दिल्ली के गाजियाबाद इलाके में किसी मौलाना के बहकावे में आकर इस्लाम धर्म कबूल लिया था. जब विजय सोनकर वापस घर आया तो अपने परिवारवालों पर भी जबरन धर्मांतरण का दबाव बना रहा था. इतना ही नही वह अपनी छोटी बहन का निकाह भी एक मुस्लिम युवक से करना चाह रहा था. जब पत्नी पूनम सोनकर ने इस्लाम धर्म कबूलने से मना कर दिया तो उसके साथ मारपीट कर उसे छोड़ने की धमकी दे रहा था. जिसके बाद महिला अपने मायके कौशांबी के अफजलपुरवारी गांव गई और पूरी बात अपने परिवारवालों को बताई.

जानकारी के मुताबिक महिला पूनम सोनकर की तहरीर पर 26 जून को खखरेरू थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश 2020 के तहत सुसंगत धाराओं में आरोपी पति और दो अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पति विजय सोनकर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने जब आरोपी विजय सोनकर से पूछताछ की तो उसने बताया कि वह दिल्ली के गाजियाबाद इलाके में डेढ़ महीने पहले ही इस्लाम धर्म कबूल कर चुका है. अब परिवारवालों पर भी जबरन धर्मांतरण का दबाव बना रहा था. सूत्रों की माने तो जिस मौलाना ने विजय सोनकर का धर्मांतरण कराया है, वह उमर गौतम से जुड़ा हुआ है. जिसकी पृष्टि स्वयं एडीजी कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने 28 जून को किए गए प्रेसवार्ता में की थी.

अवैध धर्मांतरण मामले में फ़तेहपुर से उमर गौतम का कौशांबी कनेक्शन सामने आने के बाद जब न्यूज़ 18 ने प्रमुखता से खबर दिखाई तो कौशांबी पुलिस भी अलर्ट हो गई. वहीं इस मामले में अब चरवा पुलिस, एलआईयू समेत अन्य जांच एजेंसियां भी मामले की छानबीन शुरू में जुट गई है. बताया जाता है कि लोकल इंटेलिजेंस की शुरुआती जांच में मदरसे में 12 लाख रुपये हर महीने विदेशी फंडिंग की बात सामने आई है. इसके अलावा पुलिस टीम ने मदरसे में तालीम देने वाले विदेशी मौलवी और पढ़ने वाले छात्रों का रिकार्ड खंगालकर मामले की जांच तेज कर दी है.
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