लाइव टीवी

कौशांबी लोकसभा क्षेत्रः BJP और SP-BSP गठबंधन की टक्कर, लेकिन 'जीत' राजा भइया के कब्जे में

News18Hindi
Updated: May 4, 2019, 5:15 PM IST
कौशांबी लोकसभा क्षेत्रः BJP और SP-BSP गठबंधन की टक्कर, लेकिन 'जीत' राजा भइया के कब्जे में
राजा भइया ने यहां सपा के उसी नेता को अपना उम्मीदवार बनाया जिसने परिसीमन के बाद हुए चुनाव में पहली बार इस सीट को सपा की टिकट पर जीता था.

राजा भइया ने यहां सपा के उसी नेता को अपना उम्मीदवार बनाया जिसने परिसीमन के बाद हुए चुनाव में पहली बार इस सीट को सपा की टिकट पर जीता था.

  • Share this:
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से सटी कौशांबी लोकसभा सीट 2008 में परीसमीन के बाद बनी थी. इससे इसका कुछ हिस्सा इलाहाबाद और उसके आसपास के जिलों प्रतापगढ़ व फूलपुर लोकसभा हिस्सा हुआ करता था. जाहिर ऐसे में नेहरू के इस गढ़ में बड़े-बड़े नेताओं की टक्कर बनी रहती है. इस बार भी रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भइया की सबसे ज्यादा नजर प्रतापगढ़ के बाद इसी सीट पर है.

राजा भइया ने यहां सपा के उसी नेता को अपना उम्मीदवार बनाया जिसने परिसीमन के बाद हुए चुनाव में पहली बार इस सीट को सपा की टिकट पर जीता था. करीब 1,903.17 स्‍क्वॉयर फीट किलोमीटर वाले इस क्षेत्र में लोकसभा चुनाव 2019 के पांचवे चरण में आगामी छह मई को वोट डाले जाएंगे. परिसीमन के बाद जब सीट अलग हुई तो सपा के पास गई लेकिन 2014 की मोदी लहर में यहां बीजेपी के उम्मीदवार जीते. इस बार फिर से बीजेपी अपनी सफलता को दोहराने के उद्देश्य उतरेगी. जबकि उसकी राह में रोड़ा बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी का गठबंधन और राजा भइया का उम्मीदवार भी खड़ा है.

vinod sonkar

कौशांबी लोकसभा चुनाव 2019 के प्रत्याशी

भारतीय जनता पार्टी का विश्वास अपने पिछले चुनाव में जीते हुए उम्मीदवार विनोद कुमार सोनकर पर बना हुआ है. वे इस बार भी बीजेपी की उम्मीदवारी करेंगे. लेकिन इस बार गठबंधन में ये सीट सपा के पास आई है और उनका उम्मीदवार बदल गया है. क्योंकि दो बार से उनके उम्मीदवार रहे शैलेंद्र ‌सिंह अब जनसत्ता पार्टी लोकतांत्रिक के उम्मीदवा हैं. इसलिए सपा ने इस बार इंद्रजीत सरोज पर विश्वास जताया है. जबकि सीट पर कांग्रेस ने भी अपना उम्मीदवार गिरिश चंद्र पासी को उतारा है.

यह भी पढ़ेंः पीएम मोदी के बनारस की पड़ोसी सीट पर BJP क्यों नहीं लड़ रही है चुनाव, 2014 में 10 साल बाद खिला था कमल


Loading...

कौशांबी लोकसभा चुनाव 2014 के परिणाम
2014 आम चुनाव के परिणामों पर नजर डाली जाए तो इस आरक्षित सीट पर सपा-बसपा का गठबंधन का दबदबा है. लेकिन चूंकि पिछले चुनाव में सपा प्रत्याशी शैलेंद्र सिंह 288746 वोट और बसपा प्रत्याशी सुरेश पासी को 201196 वोट मिले थे और जीतने वाले बीजेपी उम्मीदवार विनोद कुमार सोनकर को 331593 ही वोट मिला था. इसलिए माना जा रहा है इस बार बीजेपी के लिए यह सीट निकालना आसान नहीं होगा. क्योंकि जीत हार का अंतर बीजेपी और सपा प्रत्याशी में 42 हजार 900 वोट का ही था. जबकि बसपा प्रत्याशी के पास दो लाख से ज्यादा वोट था.

indrajit saroj 2
सपा उम्मीदवार इंद्रजीत सरोज


ऐसे में इस बार माना जा रहा है कि सपा प्रत्याशी इंद्रजीत सरोज काफी दमदार उम्मीदवार के तौर पर उभरेंगे. लेकिन उनकी राह का कांटा कांग्रेस प्रत्याशी गिरिश चंद्र पासी बने हुए हैं. उनका पासी और अनुसूचित जाति व जनजाति के वोटरों पर अच्छी पकड़ है. वो गठबंधन को मिलने वाला वोट काट सकते हैं.

कौशांबी लोकसभा सीट का समीकरण
इलेक्‍शन कमीशन के अनुसार कौशांबी में 2009 में 1,391,312 वोटर थे. इसमें 754,584 पुरुष और 636,728 महिलाएं थीं. वहीं, 2011 में हुई मतगणना के अनुसार कौशांबी में 15,99,596 लोग रहते हैं. इनमें करीबन आठ लाख से ज्यादा पुरुष और सात लाख से ज्यादा महिला आबादी है.

girish chandra pasi
कांग्रेस उम्मीदवार गिरिश चंद्र पासी


हालांकि इलाहाबाद जैसा एजुकेशन हब के महज 55 किलोमीटर दूर होने के बाद भी यहां की साक्षरता दर 61.28 फीसदी ही है. लेकिन जब आर्थ‌िक मामले की बात की जाती है तो इसे देश के 250 अति पिछड़े जिलों में शामिल है. यहां भी दलित-पिछड़ा और मुस्लिम फैक्टर इस बार काफी चर्चा में है. यहां मुस्लिम आबादी 13 प्रतिशत बताई जाती है.

कौशांबी में कुल पांच विधानसभाएं आती हैं, जो कि प्रतापगढ़ जिले की कुंडा व बाबागंज विधानसभा और कौशांबी जिले की मंझनपुर, चैल व सिराथू विधानसभा हैं.

यह भी पढ़ेंः आजमगढ़ लोकसभा सीट: अखिलेश के सामने कितनी मजबूत है दिनेश लाल यादव की दावेदारी

गोरखपुर लोकसभा सीट: यहां रवि किशन नहीं सीएम योगी की प्रतिष्ठा दांव पर है

अमेठी लोकसभा सीट: जब राजीव गांधी के सामने मेनका गांधी की हुई थी जमानत जब्त

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए इलाहाबाद से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: May 4, 2019, 5:13 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...