आगरा हादसा: कंडक्टर ने बताया आखिर एक्सप्रेसवे से नाले में कैसे गिरी बस?

Yamuna Expressway Accident: आगरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर जो हादसा हुआ उसकी असली वजह बताई बस कंडक्टर असनीस मिश्रा ने...

News18Hindi
Updated: July 9, 2019, 10:52 AM IST
आगरा हादसा: कंडक्टर ने बताया आखिर एक्सप्रेसवे से नाले में कैसे गिरी बस?
Yamuna Expressway Accident: आगरा के पास यमुना एक्सप्रेस-वे पर जो हादसा हुआ उसकी असली वजह बताई बस कंडक्टर असनीस मिश्रा ने...
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Updated: July 9, 2019, 10:52 AM IST
सुबह के साढ़े चार बज रहे थे. बस में करीब 52 यात्री थे और ज्यादातर यात्री सो रहे थे. सड़कों पर ज्यादा वाहन थे नहीं, इसलिए बस भी बाईं साइड की पहले लाइन में चल रही थी. बस कंडक्टर अशनीश मिश्रा का कहना है कि उसे ये तो सही-सही याद नहीं कि बस की वास्तविक रफ्तार कितनी थी, लेकिन उन्हें इतना जरूर पता है कि बस एक तेज झटके के साथ पुल की रेलिंग पर चढ़ गई. कोई कुछ समझ पाता इससे पहले ही तेज रफ्तार बस करीब 35 मीटर रेलिंग पर चल पड़ी. बस में एक और तेज झटका लगा कुछ सेंकेंड के लिए बस रेंलिंग से उतरी और वापस चढ़ गई. बस ड्राइवर कुछ नहीं कर पाया...और बस रेलिंग तोड़ती हुई 40 फीट नीचे नाले में गिर गई. बस कंडक्टर अशनीश मिश्रा के मुताबिक तीन से चार मिनट के भीतर सब कुछ बदल गया और हमारे वश में कुछ नहीं रहा. हादसा कितना भयंकर था इसका अंदाजा इसी बात से लग सकता है कि बस नाले में गिरने से पहले ही उसे पहिए उखड़कर अलग हो चुके थे.

जांच में पता चला स्पीड तेज थी
बस कंडक्टर अशनीश मिश्रा को स्पीड का अंदाजा भले ही न हो लेकिन प्राथमिक जांच में पता चला है कि बस की स्पीड करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रही होगी. इसके अलावा बस ड्राइवर कृपाशंकर इस रूट से अंजान था. उसने अधिकारियों से नए रूट पर भेजने का विरोध किया था. लेकिन फिर भी उसे इस रूट पर बस चलाने के लिए भेजा गया.

तेज शोर के साथ नीचे गिरी बस

सुबह का समय था. गावों में आज भी शौच के लिए लोग घर से जल्दी निकल जाते हैं. पास में ही 50 मीटर की दूरी पर एक गांव है बघेल की थार. निहार सिंह नाम का युवक भी आसपास ही था. शोर मचते ही वो नाले की तरफ दौड़ा. उसने देखा कि यात्रियों से भरी एक टूटी हुई बस नाले में आधी डूबी पड़ी है. कोई चीख रहा था, कोई बस से बाहर आने की कोशिश कर रहा था. मंजर खौफनाक था. निहार सिंह ने भी हिम्मत दिखाई. उसके पास खुद का मोबाइल नहीं था. बस में किसी ने उसे बचाने के लिए पुकारा. वह पानी में उतरा और एक यात्री का मोबाइल लेकर तुरंत 100 नंबर डायल कर दिया. निहार सिंह शायद जानता था कि वह अकेला लोगों को नहीं बचा पाएगा, इसलिए उसने शोर मचाकर गांव वालों को इकट्ठा कर लिया.

agra hadsa
आगरा-यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुआ बस हादसा इतना खतरनाक था कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए।


गांव वालों ने सबसे पहले मंगाई JCB
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नाला करीब 20 फीट गहरा है. आधी से ज्यादा बस डूबी हुई थी. बस को सीधा करने के लिए JCB की जरूरत थी. सरकारी JCB आने में देर थी. ऐसे में पड़ोस के गांव में रहने वाले एक व्यक्ति से JCB मंगा ली गई. लेकिन लोगों को राहत तय वक्त पर नहीं मिल सकी और एक दिल दहला देने वाले हादसे में 29 जानें चली गईं.

नींद का एक झोंका पड़ गया भारी
बस कंडक्टर असनीस शुक्ला ने बताया कि घटना से करीब दो-तीन घंटे पहले ही बस कन्नौज में रुकी थी. उस वक्त ड्राइवर बिल्कुल ठीक था, लेकिन घटना से ठीक पहले ड्राइवर को एक झपकी आई थी. बस वही काल बन गई. खबर लिखे जाने तक ड्राइवर और कंडक्टर दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा था.

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First published: July 9, 2019, 10:50 AM IST
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