Lockdown: कुशीनगर में फंसे 175 विदेशी बौद्ध भिक्षु, तंबुओं में ली पनाह

कुशीनगर में फंसे 175 विदेशी बौद्ध भिक्षु
कुशीनगर में फंसे 175 विदेशी बौद्ध भिक्षु

इसके अलावा कुशीनगर घूमने आये 36 विदेशी पर्यटक भी लॉकडाउन के चलते अपने वतन नहीं लौट पाये. ये बौद्ध भिक्षु बौद्ध तीर्थ स्थलों का पैदल भ्रमण करते हुए नेपाल स्थित भगवान बुद्ध के जन्म स्थल लुम्बिनी से आ रहा था.

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कुशीनगर. वैश्विक महामारी कोरोना (coronavirus) के चलते भारत मे हुए लॉकडाउन (Lockdown) के कारण 175 विदेशी बौद्ध भिक्षु और पर्यटक कुशीनगर में फंस गये हैं. फंसे हुए विदेशी बौद्ध भिक्षुओं और पर्यटकों में से 139 थाईलैंड से है जबकि 36 पर्यटक रूस, अमरीका, जापान, चिली और मैक्सिको आदि देशों के है. ये सभी विदेशी नागरिक अपने अपने देशों के दूतावासों से वतन वापसी की गुहार लगा चुके हैं लेकिन स्थिति सामान्य ना होने के कारण कुशीनगर स्थित बिभिन्न बौद्ध मॉनेस्ट्रीयों में ठहरे हुए है. आधुनिक सुख सुविधाओं से सम्पन्न ये विदेशी नागरिक लॉकडाउन की वजह से पेड़ों की डालियों पर आशियाना बना कर और अस्थाई तंबुओं में रह कर अपना जीवन काट रहे है.

बौद्ध धर्म को मानने वाले इन बौद्ध भिक्षुओं के दिन की शुरूआत भगवान बुद्ध की उपासना से होता है. उसके बाद दोपहर का भोजन करने के बाद ये बौद्ध भिक्षु विपश्यना करते हैं. बता दें कि कुशीनगर महात्मा बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली (मृत्य स्थान) होने के कारण यह जगह अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के रूप में विश्व विख्यात है. इसके अलावा बौद्ध सर्किट के पांच महत्वपूर्ण स्थलों में कुशीनगर का विशेष स्थान है. इस धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल को देखने के लिए पूरे विश्व से पर्यटक और बौद्ध भिक्षु प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में यहां आते है.

थाईलैंड से आए बौद्ध भिक्षुओं का दल



थाईलैंड से भी 139 बौद्ध भिक्षुओं का एक दल बौद्ध सर्किट के भ्रमण पर निकला लेकिन लॉकडाउन के चलते यह दल कुशीनगर में फंस गया. इसके अलावा कुशीनगर घूमने आये 36 विदेशी पर्यटक भी लॉकडाउन के चलते अपने वतन नहीं लौट पाये. ये बौद्ध भिक्षु बौद्ध तीर्थ स्थलों का पैदल भ्रमण करते हुए नेपाल स्थित भगवान बुद्ध के जन्म स्थल लुम्बिनी से आ रहा था. लेकिन इसी बीच लॉकडाउन हो गया जिसके बाद यहां रूकना इनकी मजबूरी हो गई.
भोजन के बाद करते हैं विपश्यना

हालांकि इन विदेशी पर्यटकों और बौद्ध भिक्षुओं को जिला प्रशासन और एलआईयू की तरफ से हर सम्भव मदद करने का प्रयास किया जा रहा है. जिससे इन्हें किसी प्रकार की परेशानी ना हो साथ ही इनका दूतावास भी लगातर इनके संपर्क में है. थाई मंदिर के विपश्यना स्थल पर रहने वाले इन बौद्ध भिक्षुओं का स्वास्थय परीक्षण भी हो चुका है. जिसमें ये स्वास्थय पाये गये हैं इसके बावजूद इन्हें बाहर ना निकलने की हिदायत दी गई है.

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