बारिश से बचने के लिए स्कूल की जर्जर इमारत में छिपे किशोर की छत ढहने से दर्दनाक मौत...
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बारिश से बचने के लिए स्कूल की जर्जर इमारत में छिपे किशोर की छत ढहने से दर्दनाक मौत...
हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों को समझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी

14 वर्षीय किशोर आंधी और बारिश से बचने के लिए जर्जर भवन में छिपा था. लेकिन वो ढह गया जिससे वो मलबे के नीचे दब गया और जब तक उसे निकाला जाता उसकी दर्दनाक मौत हो चुकी थी.

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कुशीनगर. जनपद में हुए एक दर्दनाक हादसे (Painful incident) में एक किशोर की जान चली गई. जिसके बाद ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. दरअसल ये हादसा उस वक्त हुआ जब आंधी-बारिश (Thunderstorm) से बचने के लिए 14 वर्षीय किशोर गांव के विद्यालय की एक जर्जर बिल्डिंग में शरण लेने के लिए घुसा लेकिन वो जीर्ण-शीर्ण बिल्डिंग बारिश में भरभरा कर गिर पड़ी और वो उसके मलबे में दब गया. ग्रामीणों ने मलबा हटाकर उसे निकालने का प्रयास किया लेकिन वो सफल नहीं हो सके. सूचना पर पहुंचे पुलिस-प्रशासन के लोगों ने जेसीबी बुलवाकर मलबा हटवाया लेकिन तब तक किशोर की मौत हो चुकी थी.

ग्रामीणों का आरोप
घटना से आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप है कि अधिकारियों की लापरवाही से किशोर की जान गई है. उनका कहना है कि इस जर्जर भवन को डिमॉलिश किए जाने के लिए कई बार अधिकारियों से कहा गया था लेकिन इस पर किसी ने ध्यान नहीं दिया. रिपोर्ट के मुताबिक 14 वर्षीय किशोर आंधी और बारिश से बचने के लिए जर्जर भवन में छिपा था. लेकिन वो ढह गया जिससे वो मलबे के नीचे दब गया और जब तक उसे निकाला जाता उसकी दर्दनाक मौत हो चुकी थी. घटना के बाद गांव वालों का हुजूम मौके पर उमड़ पड़ा. मलबे में दबे मासूम को निकालने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली गई. काफी मशक्कत के बाद मलबा हटाकर मासूम के शव को बाहर निकाला जा सका. मौके पर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे. ग्रामीणों का आरोप है कि कई सालों से स्कूल का पुराना जर्जर भवन परिसर में खड़ा था लेकिन अधिकारी उस ओर ध्यान नही दे रहे थे. स्कूल परिसर में खड़े इस जर्जर भवन को ध्वस्त कने के लिए ग्राम प्रधान से लेकर विभागीय अधिकारियों से कई बार गुहार लगा चुके थे लेकिन अधिकारियों ने इस पर गौर नहीं किया जिससे ये घटना हो गई.

बाद में ग्रामीणों ने शव रखकर विरोध शुरू कर दिया. एसडीएम सदर व सीओ के मनाने के बाद बड़ी मुश्किल से ग्रामीण शांत हुए. काफी मशक्कत के बाद प्रशासन ने गांव वालों को समझा कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा. मृतक की शिनाख्त कुशीनगर के कसया थाना क्षेत्र के सिसवा मठिया गांव निवासी तिलक गुप्ता के 14 वर्षीय पुत्र दीपक गुप्ता के रूप में हुई है. बताया जा रहा है कि वो बच्चों के साथ गांव में खेल रहा था. सोमवार दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और आंधी के बाद बारिश शुरू हो गई. बारिश से बचने के लिए वह अपने दोस्तों के साथ पुराने प्राथमिक विद्यालय के जर्जर भवन में घुस गया. इसी बीच भवन ढह गया और बच्चे तो बच गए लेकिन दीपक की दबकर मृत्यु हो गई.  मौके पर पहुंचे एसडीएम सदर रामकेश यादव ने कहा कि मामले की जांच करवाई जा रही है. पीड़ित परिवार को जो भी संभव मदद होगी वो दी जाएगी.



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First published: June 1, 2020, 11:39 PM IST
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