UP: पेट से जुड़े दो मासूमों पर भारी पड़ रही गरीबी, पैसों के अभाव में नहीं हो पा रहा है ऑपरेशन

पेट से जुड़े दो मासूमों पर भारी पड़ रही है ग़रीबी
पेट से जुड़े दो मासूमों पर भारी पड़ रही है ग़रीबी

इसके बाद परिजनों ने बच्चों को लखनऊ (Lucknow) केजीएमसी (KGMC) में दिखाया जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन करके दोनों को अलग करने की बात कही.

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कुशीनगर. यूपी के कुशीनगर (Kushinagar) में पेट से जुड़े हुए जुड़वा बच्चे चर्चा का विषय बने हुए हैं. बताया जा रहा है कि ये दोनों बच्चे जन्म से ही पेट से जुड़े हैं, जिससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. दोनों बच्चों को लेकर पूरा परिवार परेशान हैं लेकिन गरीबी के कारण दोनों का इलाज नहीं हो पा रहा है. बेहद गरीबी यह परिवार अपने आंख के तारों के इलाज को लेकर गंभीर तो है लेकिन ऑपरेशन की भारी भरकम फीस उनकी राह रोक रही है.

हाटा तहसील के भलुहा गांव निवासी चंदन कनौजिया के पूरे परिवार की दिनचर्या पेट से जुड़े जुड़वा बच्चों के आस-पास होकर रह गई है. हैरानी की बात यह है कि पेट से जुड़ा होने के बाद भी दोनों बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास भी हो रहा है. यानी दोनों बच्चे सामान्य बच्चों की तरह ही है, लेकिन पेट से जुड़ा होने कारण वे अपनी मर्जी से ना तो चल सकते हैं और ना ही अलग-अलग सो सकते हैं. लाख मिन्नतों के बाद भगवान ने उसकी पत्नी की कोख तो भरी लेकिन जब बच्चों का जन्म हुआ हो उनकी खुशी दुख में बदल गई.

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एक साथ जुड़वा बच्चे तो हुए लेकिन वे दोनों पेट से जुड़े हुए थे. बता दें कि दोनों बच्चों का हाथ, पैर और मुंह तो अलग था लेकिन उनका पेट आपस में जुड़ा हुआ था. इन असामान्य से बच्चों को देखकर पूरा परिवार गम में डूब गया. परिजनों ने बच्चों को गोरखपुर चिकित्सकों को दिखाया लेकिन चिकित्सक इलाज करने को तैयार नहीं हुए. इसके बाद परिजनों ने बच्चों को लखनऊ केजीएमसी में दिखाया जहां चिकित्सकों ने ऑपरेशन करके दोनों को अलग करने की बात कही.
परिवार ने लगाया मदद की गुहार

गरीबी का दंश झेल रहे चंदन कनौजिया को जब बच्चों के इलाज मे भारी भरकम खर्च आने की बात कही तो पूरा परिवार सहम सा गया. परिजन लोगों से मदद करने की गुहार लगा रहे हैं जिससे उनकी आंख के तारों का जीवन सही से बीत सके.
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