लखीमपुर खीरी: आज से बंद हो जाएगा दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व

सत्र के अंतिम दिन दुधवा के वन्यजीवों को देखने के लिये बड़ी संख्या में सैलानी जिप्सियों से जंगल में पहुंचे जहां उन्होंने बाघ, बारहसिंघा व एक सींध वाले गैंडों के हाथी पर बैठकर दीदार किये.

Prashant Pandey | News18 Uttar Pradesh
Updated: June 15, 2018, 11:25 AM IST
लखीमपुर खीरी: आज से बंद हो जाएगा दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व
दुधवा टाइगर रिजर्व की फाइल फोटो.
Prashant Pandey | News18 Uttar Pradesh
Updated: June 15, 2018, 11:25 AM IST
दुधवा और पीलीभीत टाइगर रिजर्व शुक्रवार से 6 महीने के बंद कर दिया जाएगा. इसके साथ ही दुधवा, चूका, किशनपुर के गेट भी पर्यटकों के लिए बंद करा दिए गए. दुधवा नेशनल पार्क के निदेशक रमेश कुमार पांडे ने बताया कि इस बार दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र बेहतर रहा है. अंतिम दिनों तक पर्यटक मौजूद हैं और दुधवा में टाइगर साइटिंग भी खूब हुई है. सत्र के अंतिम दिन दुधवा के वन्यजीवों को देखने के लिये बड़ी संख्या में सैलानी जिप्सियों से जंगल में पहुंचे जहां उन्होंने बाघ, बारहसिंघा व एक सींध वाले गैंडों के हाथी पर बैठकर दीदार किये.

बता दें कि प्रदेश का इकलौता दुधवा टाइगर रिजर्व हर साल देशी विदेशी सैलानियों से खचाखच भरा रहता है. 884 वर्ग किमी में फैले विशालकाय साल व सागौन के मनमोहक वन में बाघ, गैंडा, हाथी, भालू, पाढ़ा, चीतल, काकड़, सांभर, मगर, वानर व बारहसिंगा आदि वन्यजीव ,खुलेआम विचरण करते हैं. दुधवा की इसी सुन्दरता व वन्यजीवों के दीदार करने के लिये हर साल हजारों की संख्या में देशी विदेशी सैलानियों की भीड़ दुधवा पर्यटन परिसर में उमड़ती है.

गौरतलब है कि दुधवा के घने जंगलों के बीच पहली बार तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पक्षी महोत्सव (बर्ड फेस्टिवल) का आयोजन किया गया था. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व वन मंत्री सहित कई वीवीआईपी के अलावा विदेशी पक्षी विशेषज्ञ शामिल हुए थे. कई देशों से पहुंचे पक्षी विशेषज्ञों को दुधवा का माहौल काफी पसंद आया था.

 
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