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Lakhimpur Kheri News: बेटे तलाश में साढ़े 3 साल से भटक रही नेत्रहीन बुजुर्ग मां, जानिए क्या है पूरा मामला

लखीमपुर खीरी में अपने इकलौते बेटे की तलाश में भटक रहीं नेत्रहीन बुजुर्ग मां

लखीमपुर खीरी में अपने इकलौते बेटे की तलाश में भटक रहीं नेत्रहीन बुजुर्ग मां

Lakhimpur Kheri News: साढ़े तीन साल पहले रामवती का बेटा मजदूरी करने नेपाल गया था. अब तक वह नहीं लौटा है. उसकी तलाश में नेत्रहीन रामवती अपने पति छत्रपाल के साथ पुलिस से लेकर प्रशासन की चौखट पर अर्जी लगा रही है. लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 18, 2021, 7:57 PM IST
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मनोज शर्मा

लखीमपुर खीरी. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में पिछले साढे 3 साल से बुजुर्ग नेत्रहीन मां अपने पति के साथ लापता हुए इकलौते बेटे (Missing Son) को तलाश में पुलिस और प्रशासन के आगे गुहार लगा रही है. लेकिन उसका सुनने वाला कोई नहीं है. स्थिति ये है कि साढ़े तीन साल से बुजुर्ग मां-पिता ने घर की रोटी तक नहीं खाई है. जो कोई खाने को दे देता है, उसी को खा लेते हैं और हर जगह जाकर बेटे को खोजने की गुहार लगाते हैं.

मामला लखीमपुर खीरी के खीरी थाना क्षेत्र के निजामपुर गांव का है. यहां रहने वाले बुजुर्ग रामवती और छत्रपाल के इकलौते बेटे कन्हैया को गांव के ही दो युवक संतोष और सुनील मजदूरी करने के लिए नेपाल के जनकपुर ले गए थे. काफी समय बीत गया लेकिन अब तक उनका बेटा वापस घर नहीं आया. उन्होंने बताया कि संतोष और सुनील गांव के मजदूरों को अपने साथ ले जाकर नेपाल में मजदूरी कराते हैं. उन्हीं के साथ इनका एकलौता पुत्र कन्हैया गया था. सारे मजदूर तो वापस आ गए लेकिन उनका पुत्र अभी तक वापस नहीं आया.



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प्रशासन से नहीं मिली कोई मदद

अपने लापता बेटे की तलाश में नेत्रहीन बुजुर्ग दंपत्ति लगातार पुलिस, जिलाधिकारियों के दफ्तर के चक्कर इस उम्मीद से लगा रहा है कि पुलिस और प्रसासन मदद करेगा. उम्मीद है कि बुजुर्ग मां अपने बेटे की आवाज को अपने कानों से सुनेगी. बेटा मां कह कर पुकारेगा उनके बुढ़ापे को सहारा मिल जाएगा. लेकिन अब तक प्रशासन की तरफ से उनको कोई मदद नहीं मिल पाई है.

अब पैदल चल-चल कर थक गए हैं: पिता

वही बुजुर्ग छत्रपाल का कहना है कि जबसे बेटा लापता हुआ है, तब से पैदल चल-चल कर थक गए हैं. लेकिन उनके कदम अब तक अपने बेटे तक नहीं पहुंच पाए. मदद के लिए वह लगातार सरकारी दफ्तरों में चक्कर लगा रहे हैं. इन साढ़े 3 साल में उनको घर का खाना नसीब नहीं हुआ है. रास्ते में कोई कहीं दे देता है तो उसी से खाकर दोनों माता-पिता अपना गुजारा कर लेते हैं.

जान से मारने की धमकी दे रहे युवक

छत्रपाल कहते हैं कि गांव के दोनों युवक शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं. लाठी लेकर आते हैं और जान से मारने की धमकी देते हैं. प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है. इस मामले पर जब प्रशासन के लोगों से जानना चाहा तो किसी ने भी कैमरे के सामने बोलने को स्वीकार नहीं किया.
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