अप्रैल में बस जाएगा दुधवा में गैंडों का नया आशियाना

दुधवा टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के साथ बाघों, जंगली हाथियों और पांच प्रजाति के हिरणों के साथ गैंडों की बड़ी आबादी के लिए भी मशहूर है.

Prashant Pandey | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 27, 2018, 5:21 PM IST
अप्रैल में बस जाएगा दुधवा में गैंडों का नया आशियाना
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Prashant Pandey | News18 Uttar Pradesh
Updated: March 27, 2018, 5:21 PM IST
यूपी और देशभर के वाइल्ड लाइफर्स के लिए खुशखबरी है. अप्रैल में दुधवा टाइगर रिजर्व में गैंडों का नया आशियाना बस जाएगा. दुधवा में गैंडों के नए आशियाने के बसने के साथ ही दुधवा देश का पहला टाइगर रिजर्व हो जाएगा जहां दो गैंडों के आशियाने होंगे. टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली हैं. सब कुछ ठीक रहा तो अप्रैल में गैंडों का दूसरा कुनबा बस जाएगा. पार्क के डिप्टी डायरेक्टर महावीर कौजलगी कहते हैं, “हम सभी सावधानियां बरत रहे हैं. गैंडों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाना एक चुनौती पूर्ण काम है, पर हम कर लेंगे.” लखीमपुर

दुधवा टाइगर रिजर्व अपनी जैव विविधता के साथ बाघों, जंगली हाथियों और पांच प्रजाति के हिरणों के साथ गैंडों की बड़ी आबादी के लिए भी मशहूर है. दरअसल आज से करीब 100 साल पहले तक इस इलाके में गैंडों की उपस्थिति थी. लेकिन वे धीरे-धीरे विलुप्त हो गए. 1984 में यहां असम से पांच गैंडे लाकर उन्हें पुनर्वासित किया गया. हालांकि इस चुनौतीपूर्ण कार्य में तमाम झटके भी लगे. इनमें से तीन गैंडों की मौत हो गई. लेकिन आज 33 गैंडों का कुनबा दुधवा में फलफूल रहा है. लेकिन दुधवा में गैंडों के ज्यादातर संताने एक ही नर से होने से इनमें जेनेटिक डिसऑर्डर की समस्या की आशंका जीवविज्ञानी जता रहे थे. इसलिए दुधवा में अब बेलरायां रेंज के भादी ताल के आसपास के चालीस हेक्टेयर के क्षेत्र में गैंडों के नए आशियाना को बनाकर तैयार किया गया है.

फेंसिंग से घेरकर गैंडों का सुरक्षित आवास बनाया गया है. ये इलाका दलदली जमीन और गैंडों को प्रिय घास के मैदानों से भरपूर है. गैंडों के बेहोश करने के लिए यूज होने वाली बेहोशी की दवा मंगाने में तमाम औपचारिकताओं के बाद अब दक्षिण अफ्रीका से दवा आ गई है. पार्क प्रशासन ने डब्लूडब्लूएफ के एक्सपर्ट्स को असम से बुलवाया है. डॉ एके शर्मा को काजीरंगा से गैंडों के ट्रांसलोकेशन के लिए विशेष तौर से बुलवाया गया है. साथ ही दुधवा का स्टाफ और वेटेरियन्स भी इस पूरे आपरेशन में शामिल रहेंगे. पहला रिहर्सल हो चुका है. अब फाइनल टच देना बाकी है.

दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर महावीर मुस्कुराते हुए कहते हैं, “हम आशान्वित हैं कि अप्रैल के दूसरे हफ्ते में गैंडों को उनके नए घर में गृहप्रवेश करा दें. इसकी हमनें पूरी तैयारी की है.”'

अभी चार गैंडों को नए घर में ले जाने की योजना है. जिसमें तीन फीमेल और एक मेल गैंडा शामिल है.

दुधवा में अगर गैंडों का नया आशियाना बस गया तो दुधवा टाइगर रिजर्व अपने आप में अनोखा टाइगर रिजर्व होगा. जिसमें दो गैंडों के आशियाने होंगे. उम्मीद है कि गैंडों का नया आशियाना दुधवा टाइगर रिजर्व में सैलानियों को भी ज्यादा आकर्षित करेगा.

 
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