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UP News: 21 लोगों का शिकार करने वाली बाघिन को मिली 'उम्रकैद की सजा', टाइगर की हुई रिहाई

Lakhimpur Kheri: आदमखोर बाघिन की बाकी की जिंदगी अब लखनऊ के चिड़ियाघर में गुजरेगी

Lakhimpur Kheri: आदमखोर बाघिन की बाकी की जिंदगी अब लखनऊ के चिड़ियाघर में गुजरेगी

Lakhimpur Kheri Tiger Attack Case: यह पूरा मामला लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके का है, जहां पिछले 2 वर्षों में आदमखोर ब ...अधिक पढ़ें

रिपोर्ट: मनोज शर्मा
लखीमपुर खीरी. यूपी के लखीमपुर खीरी में पिछले 2 वर्षों में 21 लोगों को अपना शिकार बनाने के आरोप में वन विभाग ने एक बाघ और बाघिन को अपने पिंजरे में कैद किया था. वन्य विभाग में जांच के दौरान बाघिन को दोषी और बाघ  को निर्दोष पाया गया. वन विभाग ने दोषी आदमखोर बाघिन को उम्र कैद की सजा सुनाई और निर्दोष पाए गए बाघ के रिहाई के आदेश दिए.

दरअसल, यह पूरा मामला लखीमपुर खीरी के तिकुनिया इलाके का है, जहां पिछले 2 वर्षों में आदमखोर बाघिन ने 21 लोगों को अपना शिकार बनाया था. जिसके बाद वन विभाग ने इलाके में अभियान चलाकर एक बाघिन और एक बाघ को पिंजरे में कैद किया. जब दोनों की जांच की गई तो पाया गया कि बाघिन के आगे के दोनों केनाइन टूटे हुए थे और बाकी के दांत भी घिसे हुए थे. बाघिन की उम्र लगभग 9 साल पाई गई. कैमरा ट्रैप के आधार पर बाघिन लोगों पर हमला कर उनकी जान ले रही थी.

उसी इलाके से पकडे गए बाघ की उम्र लगभग 5 साल थी और वह पूरी तरीके से स्वस्थ था, लेकिन वह इंसानों पर हमला नहीं कर रहा था. इसलिए बाघ को निर्दोष साबित किया गया और दोषी बाघिन को वन विभाग ने उम्र कैद की सजा सुनाते हुए लखनऊ के नवाब वाजिद अली शाह चिड़ियाघर में भेज दिया. साथ ही निर्दोष बाघ के गले में कॉलर आईडी लगाकर दुधवा टाइगर रिजर्व के कोर जोन इलाके में छोड़ दिया.

अब लखनऊ ज़ू में गुजरेगी बाकि की जिंदगी
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर संजय पाठक का कहना है जब से इलाके में जंगली जानवर के हमले की सूचना मिली टीम गठित कर एक अभियान चलाया गया था. अभियान के दौरान एक बाघिन और एक बाघ को पिंजरे में कैद किया था. बाघिन की जांच में पाया उसके दोनों केनाइन टूटे हुए थे और उसकी उम्र 9 साल थी. वह आसानी से मिलने वाले इंसान का शिकार कर रही थी. इसलिए उसे लखनऊ के चिड़ियाघर भेजने का निर्णय लिया गया है, जहां पर बाकी का जीवन गुजरेगा.

छोड़े गए बाघ की होगी निगरानी
डायरेक्टर संजय पाठक ने बताया कि पकड़ा गया बाघ पूरी तरह स्वस्थ है. इसकी उम्र लगभग 5 साल है. जांच में पाया गया कि बाघ जंगल से बाहर जरूर आया है, लेकिन इंसानों पर हमला नहीं कर रहा है. इसके चलते इसके गले में कॉलर आईडी लगाकर दुधवा टाइगर रिजर्व के कोर जोन इलाके में उसको छोड़ दिया गया है, जहां पर 6 महीने तक वन्य विभाग की टीम इसके बिहेवियर और उसके स्वास्थ्य की निगरानी करेगी.

Tags: Dudhwa Tiger Reserve, Lakhimpur Kheri News, UP latest news

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