टॉपर बिटिया लिपिका के नाम पर होगी मोहल्ले की सड़क!

लिपिका देश के एजुकेशन सिस्टम और पॉलिटिकल सिस्टम में थोड़ा अमेंडमेंट चाहती हैं कहती हैं एजुकेशन क्रिएटिविटी आधारित हो और पालिटिक्स को एजुकेशन से न जोड़ा जाए.

Prashant Pandey | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 16, 2018, 5:55 PM IST
टॉपर बिटिया लिपिका के नाम पर होगी मोहल्ले की सड़क!
लिपिका के घर मिलने गए डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह. Photo: News 18
Prashant Pandey | News18 Uttar Pradesh
Updated: May 16, 2018, 5:55 PM IST
आईएससी बोर्ड में देश की टॉपर लखीमपुर खीरी की बिटिया लिपिका अग्रवाल के नाम से उनके मोहल्ले की सड़क का नाम रखा जाएगा. योगी सरकार ने बच्चों में प्रतिस्पर्धा के लिए ये योजना चलाई है. लिपिका के घर मिलने गए डीएम शैलेन्द्र कुमार सिंह ने ये घोषणा की. वैसे लिपिका सोशल मीडिया से कोसों दूर है. वह न ट्विटर पर है, न फेसबुक पर, न इंस्टाग्राम पर यही नहीं लिपिका व्हाट्सएप्प भी नहीं यूज करतीं. लिपिका को शौक है तो बस नॉवेल पढ़ने का, वह भी पढ़ाई से समय मिलने के बाद. खीरी जिले के लखनऊ पब्लिक स्कूल की छात्रा लिपिका को न मूवी बहुत पसंद हैं, न सोशल मीडिया का क्रेज. उसे तो बस नावेल पढ़ना पसन्द है.

आईएससी बोर्ड में लिपिका अग्रवाल ने देश में टॉप किया है. लिपिका को 99.5 फीसदी नम्बर मिले हैं. लिपिका का भाई हर्षवर्धन अग्रवाल भी बिट्स पिलानी से इंजीनियरिंग कर रहे हैं. 5 से 6 घंटे तक नियमित पढ़ाई करने वाली लिपिका के पसंदीदा नावेल राइटर अमिश त्रिपाठी हैं. लिपिका कहती हैं कि हाईस्कूल में फेसबुक चलाया था, पर पढ़ाई में डिस्टर्ब हुआ तो छोड़ दिया. तब से अब तक लिपिका ने इंटरनेट का प्रयोग जरूर नोट्स बनाने में किया. लिपिका के पिता प्लाईवुड फैक्ट्री के मालिक हैं. मां शानू अग्रवाल हाउसवाइफ हैं. पर दोनों ने बिटिया की पढ़ाई के लिए घर में माहौल बनाया.

खुशी से चहकते हुए लिपिका कहती हैं,'मां पापा और भाई तीनों का सपोर्ट रहा. 97 परसेंट का भरोसा तो था कि आएंगे ही. पर इतने नम्बर पर नो वर्ड्स.' बेटी की सफलता पर माता-पिता के पास फोन पर बधाइयों का सिलसिला चल रहा है. नाते रिश्तेदार दोस्त बधाई दे रहे हैं. मीडिया वाले नम्बर ढूंढ-ढूंढ फोन किए जा रहे हैं. फोटोग्राफर्स में फोटो लेने की होड़ लगी है. पिता बिटिया की सफलता से इतने खुश हैं कि आंखों मे खुशी के आँसू हैं. कहते हैं,'बिटिया ने सर ऊंचा कर दिया. गला रुंध जाता है. शब्द गले में अटक जाते हैं.' मां शानू अग्रवाल भी खुशी से लबरेज हैं. भाई हर्षवर्धन कहते हैं,'सी इज वेरी स्टूडियस, वी आर प्राउड आफ हर.'

लिपिका बायो स्ट्रीम से पढ़ाई कर रही हैं. अब डॉक्टर बन देश की सेवा करना चाहती हैं. कहती हैं कि मुझे बचपन से बीमारियों को जानने का शौक है. डॉक्टरी से ही जनसेवा करूंगी. इससे बड़ी देश सेवा और कोई नहीं हो सकती इसीलिए डॉक्टरी को कॅरियर के रूप में चुनां है. लिपिका ने नीट की परीक्षा भी दी है. आॅल इंडिया की तैयारी कर रही हैं. कहती हैं पूरा विश्वास है सेलेक्शन होगा. अपनी सफलता का श्रेय लिपिका अपने मां-बाप भाई और स्कूल स्टाफ को देती हैं. एलपीएस के प्रिंसिपल अरविंद वर्मा भी अपनी स्टूडेंट की इतनी बड़ी सफलता पर गदगद हैं. कहते हैं,'लिपिका स्टूडियस है,फोकस्ड है, सिर्फ पढ़ाई, पढ़ाई, पढ़ाई ही उसके मन में बसी रहती है. मेरे जीवन की सबसे बड़ी सफलता है ये.'

लिपिका देश के एजुकेशन सिस्टम और पॉलिटिकल सिस्टम में थोड़ा अमेंडमेंट चाहती हैं कहती हैं एजुकेशन क्रिएटिविटी आधारित हो और पालिटिक्स को एजुकेशन से न जोड़ा जाए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लिपिका के फेवरेट पॉलिटिकल लीडर हैं.
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