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टॉम आॅल्टर की दुधवा सफारी की कहानी, सोनू गाइड की जुबानी

Prashant Pandey | ETV UP/Uttarakhand
Updated: October 1, 2017, 7:04 PM IST
टॉम आॅल्टर की दुधवा सफारी की कहानी, सोनू गाइड की जुबानी
दुधवा टाइगर रिजर्व में टॉम आॅल्टर

टॉम जब दुधवा टाइगर रिजर्व घूमने आए थे तो वो झींगुरों की आवाजों में भी जंगल का संगीत देखते थे.

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फ़िल्म अभिनेता, टीवी कलाकार और रंगमंच में अपने अभिनय का लोहा मनवाने वाले टॉम आॅल्टर को जंगलों से भी बहुत प्यार था. मसूरी में जन्मे टॉम को जब भी वक्त मिलता था, वो वाइल्ड सफारी करने निकल जाते थे.

यही नहीं जंगलों की परख और समझ इतनी थी कि टॉम जब दुधवा टाइगर रिजर्व घूमने आए थे तो वो झींगुरों की आवाजों में भी जंगल का संगीत देखते थे.

2014 में टॉम यूपी का दुधवा टाइगर रिजर्व घूमने आए थे. एक वाइल्ड लाइफ की शार्ट फ़िल्म भी शूट की. दुधवा के साल फारेस्ट टॉम को इतने भाए कि वो फिदा ही हो गए. बोले 'दुधवा इज डिफरेंट'.

टॉम के साथ बिताए पलों को शेयर करते हुए दुधवा के सोनू गाइड कहते हैं कि वह गजब के शख्स थे. हजारों लोग आते हैं, चले जाते हैं. पर टॉम साब का जवाब नहीं. वाइल्ड लाइफ में जैसे मैं उनका गाइड नहीं वह मेरे गाइड बन गए थे.

किसी फिल्म की शूटिंग के सिलसिले में दुधवा में तीन दिन प्रवास में वो कभी शायर नजर आए, कभी कलाकर तो कभी वाइल्ड लाइफर. पर सबसे बड़ी बात ये थी कि वो एक उम्दा इंसान थे. सोनू याद करते हुए बताते हैं वो कभी सीढ़ियों पर यूं ही बैठ जाते थे, कभी जमीन पर. न कोई एटीट्यूड न तामझाम.

जंगल के नियम कानून को इतना फालो करते थे कि पूछिए मत. एक और बात बताते हुए सोनू कहते हैं कि उनका 'हुजूर' कहना तो बस जान ही निकाल लेता था. चाहे चपरासी हो, ड्राइवर हो या अफसर वो सबको हुजूर कहके ही तवज्जो देते थे.

सोनू कहते हैं, 'टॉम साहब में कोई गुरुर नहीं था. जंगल मे जुगनुओं और झींगुरों की आवाज पर भी वो शेरो शायरी करने लगते थे.' सोनू गाइड कहते हैं टॉम साब ने तीन दिनों में ज़िन्दगी का फलसफा सिखा दिया था. हर किसी को इज्जत देना और इंसान को इंसान समझना उनसे बेहतर शायद कोई ही जानता हो. टॉम आल्टर की मौत से सोनू भी गमगीन हैं.
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उनके साथ बिताए पलों को याद करते हैं. टॉम साहब भारत के सभी नेशनल पार्क्स को घूम चुके थे. फ़्लोरा फना से लेकर जंगलों के ग्रास लैंड, जानवरों की आदतों से भी वो बावस्ता थे.

दुधवा की आबोहवा टॉम को इतनी भाई थी कि वो कहते थे एक बार फिर आऊंगा दुधवा फ्री होकर, पर अब शायद वो कभी नहीं आ पाएंगे. सोनू गाइड उनको याद करते हुए भावुक हो जाते हैं और अपने साथ खिंचवाई तमाम तस्वीरें दिखाने लगते हैं.

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First published: October 1, 2017, 5:37 PM IST
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