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700 करोड़ का गन्ना भुगतान बकाया, फिर भड़के किसान, गन्ना विभाग और बजाज चीनी मिल के खिलाफ खोला मोर्चा

700 करोड़ का गन्ना भुगतान बकाया, फिर भड़के किसान, गन्ना विभाग और बजाज चीनी मिल के खिलाफ खोला मोर्चा

विरोध प्रदर्शन करते गन्ना किसान.

विरोध प्रदर्शन करते गन्ना किसान.

Lakhimpur: गन्ना विभाग (Sugarcane Department) के अधिकारियों और बजाज ग्रुप (Bajaj Group) की चीनी मिल (Sugar Mill) के प्रबंधन में हो रही लापरवाही के कारण किसान (Farmers) परेशान हैं. किसानों को अब तक पिछले वर्ष के गन्ने का ही भुगतान नहीं हो सका है. उधर, सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aadityanath) पहले ही प्रदेश के सभी जिलों गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) को शत प्रतिशत भुगतान का निर्देश दे चुके हैं. गौरतलब है कि गन्ने का करीब 700 करोड़ रुपए (700 Cr) का भुगतान बकाया है, ऐसे में किसान भड़क गए हैं और बजाज चीनी मिल प्रंबधन और गन्ना विभाग के खिलाफ धरना-प्रर्दशन का मोर्चा खोल दिया है.

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लखीमपुर. गन्ना विभाग के अधिकारियों और बजाज ग्रुप की चीनी मिल के प्रबंधन में हो रही लापरवाही के कारण किसान परेशान हैं. किसानों को अब तक पिछले वर्ष के गन्ने का ही भुगतान नहीं हो सका है. उधर, सीएम योगी आदित्यनाथ पहले ही प्रदेश के सभी जिलों गन्ना किसानों को शत प्रतिशत भुगतान का निर्देश दे चुके हैं. पिछले दिनों हुई लखीमपुर घटना और अब गन्ने के भुगतान में देरी से किसानों के बीच काफी रोष है. गौरतलब है कि गन्ने का करीब 700 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है, ऐसे में किसान भड़क गए हैं और बजाज चीनी मिल प्रंबधन और गन्ना विभाग के खिलाफ धरना-प्रर्दशन का मोर्चा खोल दिया है.

711 करोड़ रुपए हैं बकाया
दरअसल, लखीमपुर खीरी जिलें में ही बजाज ग्रुप की 3 गोला, पलिया और खंभारखेडा समेत 3 चीनी मिलें है. जिसमें बजाज की गोला चीनी मिल पर पिछले वर्ष का ही करीब 274 करोड़, पलिया चीनी मिल पर करीब 266 करोड़ और खंभारखेडा चीनी मिल पर करीब 171 करोड़ रुपए का यानी कुल 711 करोड़ रुपए का गन्ना मूल्य बकाया है. मौजूदा पेराई सत्र में भी गन्ना मूल्य के सैकड़ों करोड़ रूपए का अब तक भुगतान नही किया गया है. इस कारण इस क्षेत्र के गन्ना किसानों नें पिछले वर्ष के गन्ना बकाया का भुगतान न होने तक इन चीनी मिलों को इस वर्ष अपना गन्ना न देने का ऐलान कर दिया है. इसके अलावा बकाया भगुतान न हो जाने तक अपना गन्ना किसी दूसरी चीनी मिलो में भेज जाने की मांग को लेकर गन्ना विभाग के खिलाफ धरना-प्रर्दशन शुरू कर दिया है.

मजबूरी में कर रहे हैं प्रदर्शन
न्यूज 18 से बात करते हुए पलिया के बिजौरिया गांव के गन्ना किसान विक्की रूप राय बताते है कि ‘पलिया चीनी मिल पर सिर्फ हमारा ही पिछले वर्ष का 10 लाख रुपया बकाया है. हम लोगों की आर्थिक स्थित खराब हो गई है. क्योंकि हमें चीनी मिल तक अपना 50 क्विंटल गन्ना पहुंचाने के लिए भी हर बार करीब 1500 रुपए से अधिक खर्च करने पड़ते हैं. हम किसानों को कोई 1 रुपया भी उधार नही देता. हम लोग अब मजबूरन अपने बकाये पैसे के लिये धरना-प्रर्दशन कर रहे है. हम लोगों ने ये तय किया है कि अब जब तक हमारा पिछले वर्ष का बकाया पैसा नही मिल जाता, तब तक हम इस चीनी मिल को अपना गन्ना नही देंगे. गन्ना विभाग और सरकार हमारी मदद कर हमारा गन्ना किसी दूसरी चीनी मिल में भेजे जाने की कृपा करे. वरना इस बार भी हमारे गन्ने का मूल्य ये चीनी मिल नही दे पाएगी और हम सभी किसान कर्ज में डूब जायेंगे.’

किसानों के पास नहीं कोई और विकल्प
हांलाकि विधानसभा चुनाव से पहले लखीमपुर में एक बड़े स्तर पर गन्ना किसानों की नाराजगी को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने पलिया स्थित बजाज चीनी मिल के अधिकारियों पर FIR तो करवा दी है. लेकिन बकाया भुगतान कराने की कोई व्यवस्था नही हो पा रही है. लखीमपुर के जिला गन्ना अधिकारी ब्रजेश पटेल बताते है कि बजाज चीनी मिलों पर बकाये के बावजूद उन्हे गन्ना देने के अलावा किसानों के पास तत्काल कोई विकल्प मौजूद नहीं है. क्योंकि लखीमपुर की सम्पूर्णानगर और बेलरायां जैसी सहकारी चीनी मिलों की हालत पहले ही खराब है. अन्य निजी चीनी मिलों के पास इतनी क्षमता नही है कि वे इन क्षेत्रो के किसानों के भी गन्ने की पेराई कर सके. इस कारण विरोध-प्रर्दशन करने वाले किसानों को समझाने की कोशिश की जा रही है.

Tags: Lakhimpur, Sugarcane Farmer, Sugarcane Farmers

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