लखीमपुर खीरी: किसान को मारने वाले टाइगर का ग्रामीणों ने किया शिकार
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लखीमपुर खीरी: किसान को मारने वाले टाइगर का ग्रामीणों ने किया शिकार
बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया

देवानंद की मौत से गुस्साए ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में शाम पांच बजे करीब जंगल में घुस गए. इसके बाद झाड़ियों में छिपे बाघ को ग्रामीणों ने घेर लिया. ग्रामीणों ने बाघ पर लाठी-डंडे व भाले से हमला कर दिया.

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लखीमपुर खीरी के दुधवा टाइगर रिज़र्व के किसनपुर सेंचुरी से सटे चलतुआ गांव में बाघ के हमले से एक किसान की मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने आदमखोर की लाठी-डंडों से पीटकर मौत के घाट उतार दिया. पीलीभीत जिले के सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव चलतुआ निवासी देवानंद (45) मैलानी से खरीदारी करके साइकिल से गांव आ रहे थे. दोपहर करीब साढ़े तीन बजे गांव के पास पहुंचने पर बाघ ने उन पर हमला कर दिया. बाघ के हमले में देवानंद गंभीर रूप से जख्मी हो गए. उन्हें गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

देवानंद की मौत से गुस्साए ग्रामीण सैकड़ों की संख्या में शाम पांच बजे करीब जंगल में घुस गए. इसके बाद झाड़ियों में छिपे बाघ को ग्रामीणों ने घेर लिया. ग्रामीणों ने बाघ पर लाठी-डंडे व भाले से हमला कर दिया. ग्रामीणों ने बाघ को पीट-पीटकर मार डाला. बाघ के मारे जाने की सूचना मिलते ही दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक महावीर कौजलगी, वन्यजीव प्रतिपालक एसके अमरेश मौके पर पहुंचे. कौजलगी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जंगल के किनारे बैठे बाघ को ग्रामीणों ने पीटपीटकर मार डाला. बाघ के शव को पोस्टमार्टम के लिए आईवीआरआई बरेली भेजा गया है.

उधर ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की लापरवाही की वजह से देवानंद की जान गई. बाघ के गांव में घुसने की सूचना 10-15 दिन पहले ही वन विभाग को दी गई थी. इसके बाद भी बाघ को पकड़ने के लिए कोई टीम नहीं पहुंची.



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