लखीमपुर खीरी: पेट से जुड़ी जुड़वा बेटियां पर भारी पड़ रही गरीबी, मदद की गुहार

पेट से जुड़ी जुड़वा बेटियां पर भारी पड़ रही गरीबी
पेट से जुड़ी जुड़वा बेटियां पर भारी पड़ रही गरीबी

जुड़वा बच्चों (Twins Baby) को मेडिकल परीक्षण के लिए लखनऊ (Lucknow) के एक अस्पताल में भेजा गया है'

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 4, 2020, 8:28 PM IST
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लखीमपुर खीरी. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखीमपुर खीरी (Lakhimpur Kheri) में एक गरीब दलित परिवार के घर जुड़वा बच्चियों के जन्म के बाद खुशियों के साथ एक संकट भी साथ आया है. दरअसल रमिया बेहेड ब्लॉक के ग्राम डंडुरी निवासी रामकुमार के घर दोनों बच्चियों का जन्म हुआ है. नवजात बच्चियां आपस में जुड़ी हुईं हैं इसके बाद परिजनों ने आर्थिक मदद की अपील की है. ताकि सर्जरी के खर्च का इंतजाम करके नवजात शिशुओं का शरीर अलग किया जा सके.

आपस में जुड़ी हुईं जुड़वा बेटियां
आमतौर पर संयुक्त शिशुओं को उनकी शारीरिक रचना के कारण सीजेरियन सेक्शन डिलीवरी की आवश्यकता होती है, लेकिन इस मामले में वे घर पर एक सामान्य प्रसव के माध्यम से पैदा हुई'. नवजातों को शुक्रवार सुबह उनके पिता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां कर्मचारियों ने कहा कि वे स्वस्थ हैं' वहां से जुड़वा बच्चों को मेडिकल परीक्षण के लिए लखनऊ के एक अस्पताल में भेजा गया है'

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मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मनोज अग्रवाल ने बताया कि संयुक्त जुड़वा बच्चों की मृत्युदर बहुत अधिक है और उस पर लड़कियों के जन्म पर जीवित रहने की संभावना और कम हो जाती है' उन्होंने कहा, "हम शिशुओं के इलाज की संभावना की जांच करेंगे'.



कुशीनगर में पेट से जुड़े हुए जुड़वा बच्चे

इससे पहले यूपी के कुशीनगर में पेट से जुड़े हुए जुड़वा बच्चे चर्चा का विषय बने हुए हैं. बताया जा रहा है कि ये दोनों बच्चे जन्म से ही पेट से जुड़े हैं, जिससे काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है. दोनों बच्चों को लेकर पूरा परिवार परेशान हैं लेकिन गरीबी के कारण दोनों का इलाज नहीं हो पा रहा है. बेहद गरीबी यह परिवार अपने आंख के तारों के इलाज को लेकर गंभीर तो है लेकिन ऑपरेशन की भारी भरकम फीस उनकी राह रोक रही है.

(रिपोर्ट- मनोज कुमार)
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