UP: मास्क न लगाने पर 1000 और थूकने पर 500 रुपये जुर्माना, कोरोना महामारी अधिनियम-2020 में हुआ संशोधन

उत्तर प्रदेश में मास्क नहीं पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने और सार्वजनिक जगह पर थूकने पर चालान किए जा रहे हैं. (सांकेत‍िक तस्‍वीर)

उत्तर प्रदेश में मास्क नहीं पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करने और सार्वजनिक जगह पर थूकने पर चालान किए जा रहे हैं. (सांकेत‍िक तस्‍वीर)

Lucknow News: यूपी में कोरोना महामारी अधिनियम-2020 में आठवां संशोधन किया गया है. इसके तहत अब बिना मास्क पकड़े जाने पर ₹1000 जुर्माना लगेगा, वहीं दोबारा बिना मास्क के पाए जाने पर ₹10 हजार रुपए भरना होगा. यही नहीं सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर ₹500 का जुर्माना लगेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 20, 2021, 4:01 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण (COVID-19) के विकराल रूप को देखते हुए यूपी सरकार (UP Governemnt) ने कोरोना महामारी अधिनियम-2020 (Corona Pandemic Act-2020) में आठवां संशोधन किया है. इस नए संशोधन के तहत अब बिना मुंह ढके निकलने पर जुर्माने की राशि तय कर दी गई है. इसमें घर के बाहर बिना मास्क, गमछा, स्कार्फ के निकलने पर ₹1000 जुर्माने का प्रावधान किया गया है. वहीं दोबारा बिना मास्क के पाए जाने पर ₹10000 का जुर्माना लगेगा. यही नहीं सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर ₹500 का जुर्माना लगेगा. यूपी सरकार ने महामारी अधिनियम में संशोधन कर जुर्माना राशि शामिल की है.

इसमें ये भी साफ किया गया है कि सभी मामलों में जुर्माना लगाने की शक्ति, संबंधित न्यायालय या कार्यपालक मजिस्ट्रेट या ऐसे पुलिस अधिकारी, जो चालान करने वाले पुलिस अधिकारी की श्रेणी से ऊपर का हो लेकिन निरीक्षक की श्रेणी से नीचे का न हो, में निहित होगी.

देवरिया में शख्स ने भरा 10 हजार का जुर्माना

बता दें पुलिस ने लगातार इस पर एक्शन भी शुरू कर दिया है. देवरिया में ऐसे ही एक शख्स द्वारा दो दिन में मास्क न पहने के नियम का दूसरी बार उल्लघन करने पर 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया.
कोरोना महामारी अधिनियम-2020 में आठवां संशोधन

corona amendment
कोरोना महामारी अधिनियम-2020 में आठवां संशोधन


खुद मुख्यमंत्री ने आज टीम-11 की बैठक साफ कर दिया है कि मास्क की महत्ता के बारे में लोगों को जगरूक किया जाए. अपील न मानने वाले लोगों के खिलाफ जुर्माना लगाने की कार्रवाई हो. कंटेनमेंट जोन और क्वारन्टीन सेंटर के प्राविधानों को सख्ती से लागू करें. निगरानी समितियों से संवाद बनाकर उनसे फीडबैक प्राप्त किया जाए.



इनपुट: अनामिका सिंह
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