COVID-19 Update: UP में 155 और नए मामले आए सामने, कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 4000 पार
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COVID-19 Update: UP में 155 और नए मामले आए सामने, कोरोना संक्रमितों की संख्‍या 4000 पार
यूपी के 75 जिलों में फैला कोरोना. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

यूपी में कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection)के 155 नए मामले सामने आने के बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4057 हो गयी. वहीं, अब तक 95 लोग इस वायरस की वजह से अपनी जान गंवा चुके हैं.

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लखनऊ. उत्‍तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण (Covid-19 Infection)के 155 नए मामले सामने आने के बाद कुल मामलों की संख्या बढ़कर 4057 हो गयी. जबकि राज्य में इस संक्रमण से सात और लोगों की मौतों के साथ मृतकों की संख्या 95 पहुंच गयी है. उत्‍तर प्रदेश स्वास्थ्य विभाग (Uttar Pradesh Health Department) की ओर से देर शाम जारी बुलेटिन में बताया गया कि मेरठ से दो तथा जालौन, महोबा, मैनपुरी, गौतमबुद्ध नगर, मुरादाबाद से एक-एक व्यक्ति की मौत की खबर है.

यूपी के 75 जिलों में फैला कोरोना
बुलेटिन में कहा गया कि राज्य में अब तक 75 जिलों से कोरोना संक्रमण के 4057 प्रकरण सामने आये हैं, जिनमें से 1797 का इलाज चल रहा है जबकि 2165 लोग स्वस्थ हो चुके है जिन्हें अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है.

अब तक 95 लोगों की मौत
राज्य में कोरोना संक्रमण से अब तक 95 लोगों की मौत हुई है. सबसे अधिक 24 लोगों की मौत आगरा में हुईं. मेरठ में 17, मुरादाबाद में दस, कानपुर नगर में छह, फिरोजाबाद, मथुरा और गौतम बुद्ध नगर में चार-चार, अलीगढ में तीन, गाजियाबाद, मैनपुरी और झांसी में दो-दो तथा जालौन, महोबा, प्रतापगढ, संत कबीर नगर, हापुड, ललितपुर, इलाहाबाद, एटा, बिजनौर, कानपुर देहात, अमरोहा, बरेली, बस्ती, बुलंदशहर, लखनउ, वाराणसी और श्रावस्ती में एक-एक व्यक्ति की मौत कोरोना संक्रमण की वजह से हुई.



इससे पहले प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया था कि 4878 लोगों का परीक्षण किया गया. कुल 426 पूल में 2082 नमूनों की जांच की गई. इसके साथ उन्‍होंने बताया कि प्रदेश में आशा कार्यकर्ताओं द्वारा दो लाख 62 हजार 638 प्रवासी कामगारों का सर्वेक्षण किया गया और 305 लोगों में कोरोना से जुडा कोई ना कोई लक्षण पाया गया, जिन्हें सर्दी, खांसी या सांस लेने में दिक्कत थी. उनके नमूने लेकर परीक्षण कराया जा रहा है. प्रसाद ने कहा, 'प्रवासी कामगारों के लिए एक व्यवस्था की गयी है. आशा कार्यकर्ता उनके घर जाकर उनका हालचाल पूछती हैं. सर्वेक्षण के आधार पर डेटाबेस तैयार किया जाता है और फिर चिकित्सा विभाग आगे की कार्रवाई करता है.’ यही नहीं,  प्रदेश में जो प्रवासी कामगार एवं श्रमिक आ रहे हैं, उनकी ‘थर्मल स्क्रीनिंग’ भी की जा रही है.

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