विशेषज्ञों का दावा: UP में पीक से नीचे आया कोरोना, एक सप्ताह में 18.8 प्रतिशत की कमी

(सांकेतिक तस्वीर)

सीएम योगी आदित्यनाथ के सेक्र्रेटरी आलोक कुमार तृतीय ने "राज्य की मॉनीटरिंग करते हुए बताया कि स्टेट में सीपीआर में पिछले डेढ़ हफ्तों में लगभग पांच प्रतिशत अंक की कमी आई है. यह एक अच्छा संकेत है. अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इस बात को साबित करते हैं.

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    लखनऊ. उत्तर प्रदेश ( Uttar Pradesh ) में कोरोना संक्रमण ( corona infection ) के मामलों में तेजी से गिरावट देखी गई है. कोरोना मामलों की निगरानी कर रहे अधिकारियों और एक्सपर्ट्स का दावा है कि कोरोना संक्रमण के मामले पीक पर पहुंचने के बाद नीचे आ रहे हैं.  स्टेट में सीपीआर में पिछले डेढ़ हफ्तों में लगभग पांच प्रतिशत अंक की कमी आई है. यह एक अच्छा संकेत है. अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इस बात को साबित करते हैं. यूपी सीपीआर में 21 अप्रैल से 27 अपै्रल तक में 24.1 प्रतिशत, जबकि 28 अप्रैल और 4 मई के बीच में 18.8 प्रतिशत की कमी आई है.

    सरकारी अधिकारियों और विशेषज्ञों का दावा है कि राज्य में महामारी की स्थिति पर नजर रखने वाले यूपी ने दूसरी लहर में कोरोनोवायरस के मामलों में पीक हासिल किया है.  पिछले 24 घंटों में दर्ज किए गए नए मामलों की संख्या 28,076 के करीब है.  चिकित्सा शिक्षा के प्रमुख सचिव, आलोक कुमार ने कहा कि 38,055 के पीक की तुलना में 10,000 कम है. सक्रिय संक्रमण के मामलों की संख्या भी 2.5 लाख हो गई है.

    सामाजिक वैज्ञानिक और महामारी विज्ञानी आरती कुमार के मुताबिक एक 'पीक' की कोई आधिकारिक परिभाषा नहीं है. इसे एक पेंडमिक कर्व के सबसे ऊपरी बिंदु के रूप में देखा जा सकता है. जहां से एक रोग बढ़ता है और टॉप पर जाने के बाद फिर गिरने लगता है.  कोविड 19 के संदर्भ में, दुनिया भर में डेटा विश्लेषक और सांख्यिकीय मॉडलिंग विशेषज्ञ एक महामारी के पीक को निर्धारित करने के लिए एक उपकरण के रूप में नए मामलों और सक्रिय मामलों का उपयोग करते हैं.  अधिकारियों ने बताया कि इन दो काउंट पर गिरावट को एक संकेतक के रूप में देखा जाता है, जो कि पीक से गुजर चुका है.

    यूपी में दैनिक मामलों की अधिकतम संख्या (38,055) 24 अप्रैल को दर्ज की गई थी और तब से घट रही है. इसी तरह, राज्य में सबसे अधिक सक्रिय मामले (3,10,783) 30 अप्रैल को दर्ज किए गए थे, जिसके बाद से यह गिरावट का रुख दिखा रहा है. सीएम योगी आदित्यनाथ के सेक्र्रेटरी आलोक कुमार तृतीय ने "राज्य की मॉनीटरिंग करते हुए बताया कि स्टेट में सीपीआर में पिछले डेढ़ हफ्तों में लगभग पांच प्रतिशत अंक की कमी आई है. यह एक अच्छा संकेत है. अधिकारियों के मुताबिक, राज्य के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े इस बात को साबित करते हैं. यूपी सीपीआर में 21 अप्रैल से 27 अपै्रल तक में 24.1 प्रतिशत, जबकि 28 अप्रैल और 4 मई के बीच में 18.8 प्रतिशत की कमी आई है.