5 साल से इस दुर्लभ बीमारी से जूझ रही थी छात्रा, 9 घंटे की सफल सर्जरी ने दी राहत

उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (Allahabad) निवासी 19 वर्षीय छात्रा रजनी कुमारी पिछले 5 साल से लगातार पेट में दर्द, उल्टी, वजन घटने की बीमारी से पीड़ित थीं. उसे ऐसी दुर्लभ बीमारी हुई थी, जो भूमध्य रेखा के आस-पास के क्षेत्रों दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, श्रीलंका, अफ्रीका जैसी जगहों के रहने वाले लोगों में पायी जाती है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 30, 2019, 6:37 PM IST
5 साल से इस दुर्लभ बीमारी से जूझ रही थी छात्रा, 9 घंटे की सफल सर्जरी ने दी राहत
लखनऊ में एक 19 साल की छात्रा को दुर्लभ बीमारी से मिली निजात
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Updated: August 30, 2019, 6:37 PM IST
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद (Allahabad) निवासी 19 वर्षीय छात्रा रजनी कुमारी पिछले 5 साल से लगातार पेट में दर्द, उल्टी, वजन घटने की बीमारी से पीड़ित थीं. पिछले एक साल में उनका मधुमेह भी बढ़ गया था, जिसके कारण उसकी पढ़ाई-लिखाई सब पर ठप हो गई थी. रजनी ने कई जगह इलाज कराया लेकिन आराम कहीं से न मिला. पिछले 5 सालों में पीड़ित मरीज रजनी इलाहाबाद व लखनऊ के कई प्रतिष्ठित निजी व सरकारी अस्पतालों मे चक्कर लगा चुकी थी लेकिन कहीं भी उसे सम्पूर्ण इलाज नहीं मिल सका. आखिरकार रजनी लखनऊ के एक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल अपोलोमेडिक्स पहुंचीं तो पता चला कि उन्हें ट्रापिकल कैल्सिफिक पैंक्रियाटाईटिस (Tropical Calcific Pancreatitis) है.

हॉस्पिटल के गेस्ट्रोसर्जन डॉ. वलीउल्लाह सिद्दीकी ने बताया कि ये दुर्लभ बीमारी भूमध्य रेखा के आस-पास के क्षेत्रों दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों, श्रीलंका, अफ्रीका जैसी जगहों के रहने वाले लोगों में पायी जाती है. इसी कारण इसे ट्रॉपिकल कैल्सिफिक पैंक्रियाटाईटीस कहते हैं. यह बीमारी जीन उत्परिवर्तन के कारण भी हो सकती है. डॉ. वलीउल्लाह सिद्दीकी ने कहा की इस बीमारी का उपचार सर्जरी द्वारा सम्भव है लेकिन दुर्लभ रोग होने के कारण इसका इलाज ज्यादातर अस्पतालों में उप्लब्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि अब रजनी का सफल ऑपरेशन कर लिया गया है. 9 घन्टे तक चली सर्जरी पूरी तरह से रक्तहीन थी. सर्जरी के बाद उसे एक हफ्ते तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया, फिर उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

डॉ. वलीउल्लाह सिद्दीकी ने कहा कि इस बीमारी से बचने के लिये सफेद ब्रेड, पास्ता, शुगर, परिष्कृत खाद्य पदार्थों से पूरी तरह से दूरी बनाकर रखें. रेड मीट, डोनट्स, कुकीज आदि ट्रांस फैट से बचें. यही नहीं चाय-कॉफी, तला भोजन, पिज्जा, मक्खन, अंडे, पनीर और बींस से हमेशा बचकर रहें. इस मौके पर अस्पताल के चेयरमैन डॉ. सुशील गट्टानी ने हॉस्पिटल की पूरी टीम को इस दुर्लभ बीमारी की सफल सर्जरी के लिये बधाई दी.

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First published: August 30, 2019, 6:35 PM IST
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