नाले के जहरीले पानी से 21 भैंसों की मौत, फैक्ट्री मालिक पर एफआईआर

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखनऊ (Lucknow) में फैक्ट्रियों से केमिकल युक्त जहरीला पानी से दूषित नाले में उतरने से 21 भैंसों की मौत हो गई है. जानकारी के अनुसार करीब दो दर्जन भैंस केमिकल युक्त पानी से बीमार हुई हैं. मामले में इंडियन पेस्टिसाइड लिमिटेड के मालिक विशाल अग्रवाल पर एफआईआर दर्ज की गई है.

News18 Uttar Pradesh
Updated: August 31, 2019, 11:23 AM IST
नाले के जहरीले पानी से 21 भैंसों की मौत, फैक्ट्री मालिक पर एफआईआर
लखनऊ में नाले के जहरीले पानी में गईं 21 भैंसों की मौत.
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Updated: August 31, 2019, 11:23 AM IST
उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के लखनऊ (Lucknow) में फैक्ट्रियों से केमिकल युक्त जहरीला पानी से दूषित नाले में उतरने से 21 भैंसों की मौत हो गई है. जानकारी के अनुसार करीब दो दर्जन भैंस केमिकल युक्त पानी से बीमार हुई हैं. पता चला है कि चिनहट के देवा रोड पर बनी फैक्ट्रियों से निकले जहरीले पानी से ये घटना हुई. यही नहीं में उतरे दो युवक भी जहरीले पानी की गंध से बेहोश हो गए. इसके बाद चिनहट के उत्तरधौना गांव में शुक्रवार देर रात हंगामा चलता रहा. मामले में अब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम मौके पर पहुंच गई है और अधिकारी जांच कर रहे हैं. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने लिए कई नमूने लिए हैं. बता दें इस इलाके में प्लाईवुड और कैमिकल की दर्जनों फैक्ट्री चल रही हैं.

पेस्टिसाइड फैक्ट्री के मालिक पर एफआईआर दर्ज

मामले में इंडियन पेस्टिसाइड लिमिटेड के मालिक विशाल अग्रवाल पर एफआईआर दर्ज की गई है.  आईपीसी 477, 270, 277, 429, 352, 504, 506 में चिनहट में एफआईआर दर्ज की गई है. दरअसल शुरुआती जांच में आईपीएल फैक्ट्री के जहरीले पानी से ही भैंसों की मौत का शक जताया गया है. आईपीएल फैक्ट्री के पीछे ही ये नाला स्थित है. चिनहट पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच में जुट गई है.

माना जा रहा है कि फैक्ट्रियों से निकले वेस्ट मैटीरियल से नाले का पानी जहरीला हो गया, जिससे भैंसों की मौत हो गई. तिवारीगंज के पास तारा का पुरवा गांव के लोगों ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे गांव का ही सचिन अपनी भैंसों को देखने निकला. भैंसों को छटपटाते देख वह नाले में उतर गया, जिसके बाद उसकी भी तबियत खराब हो गई. ग्रामीणों ने पुलिस को जानकारी दी. पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को मल्हौर के राजकीय पशु चिकित्सालय भेजा, लेकिन वहां डॉक्टर नहीं मिले. ग्रामीणों ने जब डॉक्टर से फोन पर बात की तो उन्होंने पहले मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही.

इसके बाद सभी गांव वापस पहुंचे, लेकिन तब तक और भैंसों की मौत हो चुकी थी. मामला डीएम तक पहुंचा तो क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकार, एसडीएम सद, चिनहट इंस्पेक्टर और पशु चिकित्सकों की टीम मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की.

टीम ने इस दौरान कई फैक्ट्रियों का भी जायजा लिया. आशंका है कि चैंबर में इकट्टा करने के बाद केमिकल बहाया जाता है. हालांकि फैक्ट्री कर्मियों ने फिल्टर के बाद ही गंदा पानी बहाने का दावा किया है. मामले की जांच की जा रही है.

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First published: August 31, 2019, 10:56 AM IST
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