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UP में 30% शहरी और 75% ग्रामीण उपभोक्ता नहीं करते बिजली बिल का भुगतान: ऊर्जा मंत्री

यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा
यूपी के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा

उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि बिजली विभाग (Energy Department) 90 हजार करोड़ के घाटे में है. उन्होंने उपभोक्ताओं से सही समय पर बिल जमा करने की अपील की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 11:42 PM IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री श्रीकांत शर्मा (Minister Shrikant Sharma) ने बताया है कि उत्तर प्रदेश का बिजली विभाग (Energy Department) 90 हजार करोड़ के घाटे (Loss) में है. उन्होंने ट्वीट कर इसका खुलासा करते हुए बताया है कि स्थिति ये है कि शहर में 30% और गांव में 75% लोग बिल का भुगतान नहीं करते. उन्होंने सही समय पर बिल जमा करने की अपील की है. ऊर्जा मंत्री ने कहा कि लोग सही समय पर बिल का भुगतान करें तो उन्हें ही सस्ती और निर्बाध बिजली का लाभ मिलेगा.

स्मार्टमीटर उपभोक्ता के घर-घर जाकर लें फीडबैक

इससे पहले मंगलवार को श्रीकांत शर्मा ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया है कि एक माह में हर एक स्मार्ट मीटर उपभोक्ता से व्यक्तिगत संपर्क करें. इस दौरान उनकी समस्याओं के निस्तारण करें और उनका फीडबैक हासिल करें. ऊर्जा मंत्री ने कहा कि पावर कार्पोरेशन के साथ ही वितरण कंपनियों के सभी प्रबंध निदेशक अपने स्तर से इसकी नियमित समीक्षा भी करें.





गलत बिलिंग स्वीकार्य नहीं है

श्रीकांत शर्मा ने ये निर्देश स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं द्वारा बिल जमा करने मे कठिनाई, अधिक बिल आने व समय से बिल न मिल पाने की शिकायतों को संज्ञान मे लेते हुए दिए. उन्होंने कहा कि उपभोक्ता की संतुष्टि ही सरकार की संतुष्टि है. उन्होंने बिलिंग की शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसी सभी शिकायतों पर अविलंब कार्रवाई की जाए. गलत बिलिंग स्वीकार्य नहीं है. ऐसे मामलों में खामी मिलने पर संबंधित बिलिंग एजेंसी के खिलाफ कठोर विधिक कार्रवाई भी हो.



हर फीडर  की पेट्रोलिंग करें अफसर

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली उपकेन्द्र के स्टाफ के साथ डिस्कॉम के प्रबंध निदेशक, निदेशक व अन्य अभियंता भी फीडरों की पेट्रोलिंग करें. इस दौरान वे स्थानीय स्तर पर उपभोक्ताओं से संवाद भी करें. उनकी समस्याओं को सुनकर उनका निस्तारण सुनिश्चित कराएं. उन्हें सस्ती और निर्बाध बिजली के लिए नियमित बिल भुगतान के लिए प्रेरित करें.
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