योगी सरकार के 4 साल: कांग्रेस ने बताया नाकामियों का आंकड़ा, बीजेपी को दिया ये बड़ा चैलेंज

कांग्रेस ने यूपी सरकार की नाकामियों का आंकड़ा जारी किया है.

कांग्रेस ने यूपी सरकार की नाकामियों का आंकड़ा जारी किया है.

Yogi Govt 4 Year: योगी सरकार के 4 साल पूरे होने पर कांग्रेस (Congress) ने खुली बहस की चुनौती दी है. कांग्रेस का  कहना है कि योगी सरकार सिर्फ दूसरों की योजनाओं को अपना बताने का काम कर रही है. 

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Rajiv Pratap Singh

लखनऊ. उत्तर प्रदेश की सत्ताधारी योगी सरकार (Yogi Govt 4 year) के आज 4 साल पूरे हुए. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने अपना रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए जहां बीते 4 सालों में प्रदेश के हित में कई अभूतपूर्व कार्य किए जाने का दावा किया है. तो वहीं कांग्रेस ने योगी सरकार के इन दावों को झूठा बताते हुए इस मौके पर योगी सरकार की नाकामियों से जुड़े आंकड़ों वाली 4 साल- चौपट हुआ हाल नाम की पुस्तक का विमोचन किया है. साथ ही यूपी में किसान, नौजवान, रोजगार, महिला सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास जैसे मुद्दे को लेकर योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है. योगी सरकार के 4 साल पूरे होने पर कांग्रेस (Congress) प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि इस सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, गन्ने का 14 दिन में भुगतान, बंद चीनी मिलो को चलाने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और कर्जमाफी की बात कही थी.

लेकिन बीते 4 सालों में इस सरकार का ये आलम है कि NCRB के आकंड़ों के मुताबिक यूपी में 5464 किसान और खेतिहर मजदूर आत्महत्या कर चुके है जिनमें सर्वाधिक बुंदेलखंड के है. आज हर किसान की आमदनी में 17 प्रतिशत की कमी आने के चलते यूपी का हर किसान औसतन करीब 1 लाख का कर्जदार बन गया है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ यूपी के सिर्फ 15 फीसदी से अधिक किसानों को नही दिया गया. इस दौरान न तो बंद चीनी मिले चलवाई गई और न ही आज तक 8447 करोड़ के गन्ना बकाया का भुगतान किया गया. प्रदेश के गन्ना मंत्री सुरेश राणा के जिले शामली तक में 533 करोड का गन्ना बकाया भुगतान नहीं कराया जा सका है.

कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय लल्लू ने कहा कि योगी सरकार के बीते 4 साल के कार्यकाल में घोटालों की लंबी-चौडी लिस्ट है. डीएचएफएल, होमगार्ड वेतन, पीपीई किट, स्वेटर, जूता, मोजा, पशुपालन विभाग, बांदा में चारा घोटाला, स्मार्ट मीटर, पेयजल और सीवर लाइन, पंचायती राज की परर्फार्मेंस ग्रांट, UPPCS परीक्षाओं के पेपरलीक और छात्रवृत्ति के साथ फसलबीमा योजना समेत करीब 40 घोटाले हुए है. इस सरकार ने 14 लाख प्रतिवर्ष रोजगार देने का वायदा किया था, लेकिन आज प्रतिवर्ष सिर्फ 1 लाख रोजगार दे पाई है. 56 लाख के सापेक्ष सरकार सिर्फ 4 लाख रोजगार दे पाई है. जितनी भी भर्तियां हुई उनमें से तमाम के पेपर लीक होने की बात सामने आई. 69 हजार शिक्षक भर्ती में पिछड़ो और दलितों के साथ धोखा किया गया और ग्राम विकास अधिकारी और सब-इंस्पेक्टर जैसी तमाम भर्तियों पूरी हो जाने का बावजूद आज तक उन्हे नियुक्ति पत्र नहीं दिया जा सका है.

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विधान परिषद दल के नेता दीपक सिंह ने एक ओर जहां 4 साल पर योगी सरकार द्वारा झूठा प्रचार कराए जाने के प्रमाण पेश करने का दावा करते हुए कहा कि सरकार बता रही है कि ईज आफ डूइंग बिजनेस में यूपी का दूसरा स्थान है. जबकि कुछ दिनों पहले ही यूपी के औधोगिक विकास मंत्री सतीश महाना ने मेरे सवाल के जवाब में ये लिखित में माना था कि यूपी का ईज आफ डूइंग बिजनेस में यूपी का 12 वें स्थान है. सरकार सिर्फ देश-प्रदेश में जनता के पैसे से प्रचार कराकर अपनी बिगड़ती छवि को बनाने का प्रयास कर रही है. बीजेपी का एक ही काम है कि काटो फीता-बदलो नाम. योगी सरकार सिर्फ दूसरों की योजनाओं को अपना बताने का काम कर रही है. इसलिये सरकार को कांग्रेस खुली बहस की चुनौती देती है कि सरकार जब चाहे कांग्रेस के साथ किसी खुली बहस में अपनी किसी 3 योजनाओं को अपना सिद्द कर के दिखा दे.

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