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COVID-19 Update: UP में कोरोना के 411 नए मामले, संक्रमितों को आंकड़ा पहुंचा 10947, अब तक 283 मौत

 Lockdown 2 या Unlock2 : इन राज्यों ने लिया फैसला

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411 नए मामलों के साथ उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या 10947 हो गई है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में कोविड-19 संक्रमण (COVID-19 Infection) से आठ और लोग की मौत के साथ सोमवार को संक्रमण से मरने वालों की संख्या बढकर 283 पहुंच गयी. जबकि 411 नए मामलों के साथ उत्‍तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में अभी तक संक्रमित हुए लोगों की संख्या 10947 हो गई है.

अब तक यूपी में 283 मरीजों की मौत
यूपी के प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कुल 283 मरीजों की मौत कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से हुई है. 4320 लोगों का इलाज चल रहा है, तो 6344 लोग ठीक होकर अस्पतालों से छुटटी पा चुके हैं. प्रसाद ने बताया कि रविवार को प्रदेश में 13236 नमूनों की जांच की गयी जो एक दिन में हुई सबसे ज्यादा जांच है. उन्होंने कहा, ‘हमारी कोशिश है कि बहुत जल्द हम इसे 15 हजार पर लेकर आयें.’

साथ ही बताया कि रविवार को ही पूल टेस्टिंग के माध्यम से पांच-पांच नमूनों के 1113 पूल लगाये गये, जिनमें से 113 पूल में संक्रमण की पुष्टि हुई. दस-दस नमूनों के कुल 183 पूल लगाये गये, जिनमें से 21 पूल संक्रमित हुए.

1299 प्रवासी कामगारों में मिले कोरोना के लक्षण
प्रमुख सचिव ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं ने गांव-गांव घूमकर 13, 69, 136 प्रवासी श्रमिकों एवं कामगारों का परीक्षण किया, उनमें से 1299 लोग में कोविड-19 के लक्षण मिलने पर उनकी जांच की जा रही है. उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप के माध्यम से प्राप्त अलर्ट के आधार पर अब तक ऐसे 67, 288 लोगों को फोन कर उनका हाल चाल पूछा गया और उन्हें सावधान किया गया. साथ ही 151 लोगों ने अवगत कराया है कि वे संक्रमित हैं और किसी ना किसी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है.जबकि 76 लोगों ने बताया कि वे पूर्णत: उपचारित होकर अस्पताल से छुटटी पा चुके हैं और 3245 लोगों ने बताया कि वे पृथकवास में हैं. यूपी के प्रमुख सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि हॉटस्पाट और गैर-हॉटस्पाट क्षेत्रों में अब तक 84, 62, 782 घरों में 4, 30, 90, 178 लोगों का परीक्षण किया गया है.

प्रवासी श्रमिक और कामगारों को लेकर बड़ा एक्‍शन
अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि जिन जिलों में हमारे प्रवासी श्रमिक और कामगार काफी अधिक संख्या में आये हैं, ऐसे 18 जिलों के चार-चार गांवों का चयन किया गया. ये जिले झांसी, कौशाम्बी, प्रयागराज, आजमगढ, बहराइच, बलरामपुर, बांदा, बस्ती, चित्रकूट, जालौन, लखीमपुर खीरी, ललितपुर, महाराजगंज, मिर्जापुर, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती हैं. प्रसाद ने बताया कि इन जिलों में चार-चार ऐसे गांवों का चयन किया गया है, जिनमें प्रवासी कामगार 50 या उससे अधिक संख्या में लौटे हैं और उन्हें लौटे हुए 15 दिन से अधिक का समय हो चुका है.उन्होंने कहा, ‘वहां से हमने बीस—बीस या पच्चीस-पच्चीस लोगों का सैम्पल लिया है. ये वे लोग थे, जो उन गांवों के सामान्य निवासी हैं.'

उन्होंने कहा कि हम ये देखना चाहते थे कि ग्राम निगरानी समितियों ने गृह पृथक-वास के लिए कितना प्रयास किया और प्रवासी कामगारों ने उसका कितना मजबूती से पालन किया. प्रमुख सचिव ने कहा कि 72 गांवों में सैंपल लेकर जांच करायी गयी. इस बात की खुशी है कि जितने भी सैंपल सामान्य नागरिकों के लिये गये, उनमें से कोई संक्रमित नहीं है, यानी कुल 1686 नमूनों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आयी है.

उन्होंने कहा कि यह साबित करता है कि ग्राम निगरानी समितियों की भूमिका काफी अच्छी और सराहनीय रही. प्रवासी कामगारों ने भी अपने सामाजिक दायित्व को समझा और पृथक-वास का पालन किया. प्रसाद ने बताया कि जब प्रवासी बहुत बड़ी संख्या में आ रहे थे तो हम देख रहे थे कि अधिक से अधिक मामले प्रवासियों के निकल रहे थे लेकिन अब प्रवासियों का आना लगभग समाप्त हो गया है। इस समय ज्यादा मामले पश्चिम उत्तर प्रदेश खासकर मेरठ में देखने को मिल रहे हैं. ऐसे में आवश्यक है कि शहरी क्षेत्र के लोग सतर्क रहकर, सावधान रहकर संक्रमण से बचें और दूसरों को भी संक्रमित होने से बचायें.
उन्होंने कहा, 'अब सारी गतिविधियां चूंकि खुल गयी हैं. गांवों में ग्राम निगरानी समितियां गृह पृथक-वास का पालन करा रही हैं लेकिन शहरों में आबादी अधिक होती है, इसलिए एक दूसरे से मिलने की संभावना अधिक रहती है. ऐसे में शहरों की मोहल्ला निगरानी समितियों को भी उतनी ही मजबूती से कार्य करना होगा, जितनी मजबूती से ग्राम निगरानी समितियां कर रही हैं.'

प्रसाद ने दी ये सलाह
प्रसाद ने कहा कि डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया का 'कैरियर' मच्छर है लेकिन कोरोना वायरस का कैरियर मनुष्य है, जितना अधिक संपर्क बढेगा, उतना अधिक संक्रमण का खतरा होगा. उन्होंने कहा कि सिविल डिफेंस और एनएसएस जैसी सामाजिक संस्थाएं भी लगातार लोगों को सतर्क करने के साथ कोरोना से बचाव को लेकर अधिक से अधिक प्रचार करें .

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UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना, कहा- 'ठग का साथ, ठग का विकास, ठग का विश्वास, ठग का प्रयास'

UP: अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर साधा निशाना (File photo)

UP Politics: इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा.

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लखनऊ. प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) के साढ़े चार साल रविवार यानी 19 सितंबर को पूरे हो गए. वहीं, समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने यूपी सरकार पर जबरदस्त हमला किया है. उन्होंने कहा कि, सरकार को दंभी सरकार बताते हुए कहा कि ये जुमलेबाज सरकार है. यही नहीं, उन्होंने कहा कि नहीं चाहिए ऐसी सरकार जिसका सच है, ठगका साथ, ठगका विकास, ठगका विश्वास, ठगका प्रयास.

अखिलेश यादव ने ट्वीट करते हुए लिखा कि, चौवन गुज़रे, छह महीने बचे इस दंभी सरकार के किसान, ग़रीब, महिला व युवा पर अत्याचार के बेरोज़गारी, महंगाई, नफ़रत व ठप्प कारोबार के बहकावे, फुसलावेवाली, जुमलेबाज़ सरकार के नहीं चाहिए ऐसी सरकार, जिसका सच है: ठगका साथ, ठगका विकास, ठगका विश्वास, ठगका प्रयास. बता दें कि, अखिलेश यादव लगातार योगी सरकार पर हमला कर हैं और अलग-अलग मुद्दों को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं.

 पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया ट्वीट

इससे पहले सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि, उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बीजेपी सरकार का सफाया हो जाएगा. उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज मेट्रो के प्रोटोटाइप का उद्घाटन किया गया. सरकार केवल हमारे कामों का ही शिलान्यास और उद्घाटन कर रही है. कानपुर मेट्रो को हमारी सरकार में शिलान्यास हुआ था लेकिन हमें काम नहीं करने दिया गया. लखनऊ मेट्रो को भी आगे नहीं बढ़ाया गया. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में दरार आ गई, ये एक्सप्रेसवे कभी भाजपा का नहीं था. साढ़े चार साल की सरकार में केवल हमारे काम का फीता काटा है.

पूर्वांचल में कितना हुआ विकास? खुद जाकर देखेंगे CM योगी, आज से 4 जिलों का करेंगे दौरा

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज से शुरू होगा 4 जिलों का दौरा (File photo)

CM Yogi Poorvanchal Visit: यूपी में भाजपा सरकार के साढ़े 4 साल पूरा होने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से पूर्वांचल के 4 जिलों के दौरे पर निकल रहे हैं. वे आज अयोध्या और वाराणसी जाएंगे, कल गाजीपुर व जौनपुर में विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लेंगे.

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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज रविवार से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे. सीएम योगी आज लोकभवन में अपनी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक प्रेस ब्रीफिंग के बाद अयोध्या के लिए रवाना होंगे. अयोध्या में वे पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करेंगे. अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे. वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे.

सीएम वाराणसी में ब्लड डोनेशन कैंप की शुरुआत भी कर सकते है. वाराणसी में ही रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद सोमवार को पूर्वांचल के दो जिलों का दौरा करेंगे. सीएम सोमवार को गाजीपुर और जौनपुर का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे. इसके बाद वे लखनऊ लौटेंगे.

यह भी पढे़ं- यूपी में दंगे और साम्प्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में आई कमी, जानिए क्या कह रहे NCRB के आंकड़े

बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आज अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रही है. इस मौके पर सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. सीएम योगी से लेकर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, सांसद इन कांफ्रेस को संबोधित करेंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

पिछड़ों को साधने में जुटी BJP
उत्तर प्रदेश में 2022 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पिछड़ों को एकजुट करने का निर्णय लिया है. जिसके बाद प्रदेश भर में सितंबर और अक्टूबर में भारतीय जनता पार्टी एक बड़े स्तर पर ओबीसी सम्मेलन करने जा रही है. जिससे कि आगामी विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से पिछड़ों की राजनीति कर बीजेपी सत्ता पर फिर से काबिज हो सके.

Lucknow: हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की अर्जी खारिज, पैसा हड़पने का है आरोप

हरियाणवी डांसर सपना चौधरी की अर्जी ख़ारिज

Sapna Chaudhary Latest News: आशियाना में सपना चौधरी के एक इवेंट के टिकट 300 रुपये में ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचे गए थे. आरोप है कि टिकट बेच कर लाखों रुपए कमाए गए थे. बावजूद इसके सपना चौधरी कार्यक्रम में नहीं आई थी.

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लखनऊ. हरियाणवी डांसर सपना चौधरी (Sapna Chaudhary) को एसीजेएम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने सपना चौधरी की उस अर्जी को खारिज कर दिया है जिसमें उन्होंने आशियाना थाने में दर्ज मुकदमे से खुद को आरोपों से मुक्त करने की अपील की थी. दरअसल, 13 अक्टूबर 2018 को आशियाना थाने में पुलिस की ओर से एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी, जिसमें सपना चौधरी पर दर्शकों का पैसा हड़पने का आरोप लगा था.

आशियाना में सपना चौधरी के एक इवेंट के टिकट 300 रुपये में ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचे गए थे. आरोप है कि टिकट बेच कर लाखों रुपए कमाए गए थे. बावजूद इसके सपना चौधरी कार्यक्रम में नहीं आई थी. सपना चौधरी के न आने के चलते वहां पर दर्शकों ने काफी हंगामा और तोड़फोड़ भी किया था. आशियाना थाने की किला चौकी के सब इंस्पेक्टर फिरोज खान ने 13 अक्टूबर 2018 को सपना चौधरी, रत्नाकर उपाध्याय ,अमित पांडे, पहल इंस्टिट्यूट के इबाद अली, नवीन शर्मा और जुनैद अहमद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

टिकट बिकने के  बाद भी नहीं पहुंची थीं सपना चौधरी
एफआईआर के मुताबिक 13 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे से रात 10 बजे तक स्मृति उपवन में सपना चौधरी सहित अन्य कलाकारों के कार्यक्रम का आयोजन होना था, इसके लिए टिकट भी बेचे गए थे. हजारों लोग कार्यक्रम को देखने के लिए मौजूद थे, लेकिन रात 10 बजे तक सपना चौधरी नहीं आई तो दर्शकों ने काफी हंगामा किया था. विवेचना के बाद सपना चौधरी के खिलाफ 1 मार्च 2019 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल हुई थी, जिस पर कोर्ट ने 26 जुलाई 2019 को संज्ञान भी ले लिया था. हालांकि इस मामले में सपना चौधरी समेत अन्य आरोपियों को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है.

कोर्ट ने कहा आरोप तय करने के लिए पर्याप्त सबूत
इसके बाद सपना चौधरी की ओर से खुद को इन आरोपों से मुक्त करने की अर्जी  एसीजेएम कोर्ट में डाली गई थी. अर्जी में कहा गया था कि उन्होंने कोई पैसा नहीं लिया है और न ही टिकट का पैसा उन्हें मिलने के पत्रावली में कोई सबूत है. सपना चौधरी ने अर्जी में कहा कि उन्हें इस मामले में गलत तरीके से फंसाया जा रहा है. इस पर कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस स्तर पर आरोपी सपना चौधरी के खिलाफ आरोप तय करने के पर्याप्त सबूत पत्रावली में मौजूद हैं.

UP News Live Updates: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज से 4 जिलों के दौरे पर

आज से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Uttar Pradesh News Live, September 19, 2021: अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे। वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 19, 2021, 09:02 IST
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लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) आज रविवार से चार जिलों के दौरे पर रहेंगे. सीएम योगी आज लोकभवन में अपने सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक प्रेस ब्रिफिंग के बाद अयोध्या के लिए रवाना होंगे. अयोध्या में सीएम योगी पिछड़ा वर्ग सम्मेलन के समापन सत्र को सम्बोधित करेंगे. अयोध्या के बाद सीएम योगी करीब 5 बजे तक वाराणसी के लिए रवाना होंगे। वाराणसी में पीएम मोदी के जन्मदिन के उपलक्ष्य में संगठन की तरफ से 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक चलाए जा रहे सेवा समर्पण अभियान के कार्यक्रम में शामिल होंगे. सीएम वाराणसी में ब्लड डोनेशन कैम्प की शुरुआत भी कर सकते है. वाराणसी में ही रात्रि विश्राम करेंगे. इसके बाद सोमवार को पूर्वांचल के दो जिलों का दौरा करेंगे. सीएम सोमवार को गाजीपुर और जौनपुर का दौरा कर विकास योजनाओं की जमीनी हकीकत परखेंगे. इसके बाद वे लखनऊ लौटेंगे.

बुंदेलखंड और गंगा एक्सप्रेस वे एक दिन UP के लिए बनेंगी लाइफ लाइन- सुनील बंसल

Prayagraj: पहले उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को काम कराने के लिए देनी पड़ती थी

Yogi Government News: उन्होंने कहा है कि यूपी में पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था. इसलिए उद्योग नहीं लगते थे. लेकिन योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर नकेल कसने के बाद उद्योगों के लिए यूपी में बेहतर माहौल तैयार हुआ है.

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प्रयागराज. योगी सरकार (Yogi Government) का साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन महामंत्री सुनील बंसल (Sunil Bansal) ने कहा है कि यूपी हर क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा है कि यूपी में कहीं पर पूर्वांचल एक्सप्रेस वे बन रहा है. कहीं पर बुंदेलखंड एक्सप्रेस और कहीं पर गंगा एक्सप्रेस वे बनने की शुरुआत हो रही है. भाजपा संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि ये एक्सप्रेस वे ही एक दिन चलकर भविष्य में यूपी की लाइफ लाइन बनेंगे. क्योंकि सड़कें बनने के बाद कनेक्टिविटी बढ़ती है और कनेक्टिविटी से विकास के रास्ते भी खुलते हैं. उन्होंने कहा है कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार दोनों मिलकर शहर के साथ गांवों का भी तेजी से विकास कर रहे हैं.

बीजेपी संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने कहा है कि हाइवे के साथ ही डिफेंस कॉरिडोर बन रहा है, बड़े-बड़े उद्योग लगेंगे. जिससे लोगों को रोजगार मिलेगा और उनके जीवन में भी खुशहाली आएगी. उन्होंने कहा है कि यूपी में पहले अपराधियों और माफियाओं का बोलबाला था. इसलिए उद्योग नहीं लगते थे. लेकिन योगी सरकार द्वारा माफियाओं पर नकेल कसने के बाद उद्योगों के लिए यूपी में बेहतर माहौल तैयार हुआ है. जिसके बाद उद्योगों ने करोड़ों का यूपी में निवेश किया है. पहले उद्योगपतियों और पूंजीपतियों को काम कराने के लिए रिश्वत देनी पड़ती थी और अपराधियों को रंगदारी भी देनी पड़ती थी. लेकिन योगी सरकार में माफियाराज पूरी तरह से समाप्त हो चुका है और कानून का राज है.

यह भी पढ़ें- सीएम योगी का सपा पर तंज, कहा- जब एक समय उत्तर प्रदेश बेहाल था और सैफई में होता था नाच-गाना!

उन्होंने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के बाहर नौकरी कर रहे लाखों श्रमिक घर वापस आये और लौटकर दोबारा नहीं गए. बंसल के मुताबिक 2017 के पहले सपा और बसपा की 15 सालों की सरकारों में 80 लाख लोगों ने रोजगार की तलाश में प्रदेश छोड़ा था. लेकिन योगी सरकार में श्रमिकों का केवल पलायन ही नहीं रुका है, बल्कि प्रदेश के बाहर रोजगार की तलाश मे गए लाखों युवा कामगार लौटकर यूपी आये हैं और उन्हें अब यहीं पर काम मिल रहा है. उन्होंने कहा है कि यूपी की योगी सरकार चाहे कानून व्यवस्था का मामला हो या फिर ईमानदार और पारदर्शी सरकार देने की बात रही हो हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आया है.

यूपी में दंगे और साम्प्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में आई कमी, जानिए क्या कह रहे NCRB के आंकड़े

सोशल मीडिया पर सख्ती से यूपी में दंगे और सांप्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में आई कमी

UP Crime Report: नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़े बता रहे है कि यूपी सांप्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में खासा कमी आयी है, लेकिन इसमें बड़ी भूमिका सोशल मीडिया ने निभाई है.

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लखनऊ. चुनाव नजदीक आते ही सोशल मीडिया (Social Media) पर शिकायतों, झूठी सूचनाओं और अफवाहों पर पुलिस (Police) की पैनी नजर है. ऐसे मामलों में पुलिस ने एक हजार से ज्यादा मुकदमे दर्ज किए हैं और 35 हजार से ज्यादा पोस्ट के खिलाफ संबंधित कंपनी को कार्यवाई के लिए रिपोर्ट किया है. इतना ही नहीं सौ से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया है. सोशल मीडिया पर लगाम और सख्त पुलिसिंग की वजह से पिछले तीन सालों में कोई दंगा या सांप्रदायिक तनाव नहीं हुआ है.

नेशनल क्राइम रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आंकड़े बता रहे है कि यूपी सांप्रदायिक तनाव वाली घटनाओं में खासा कमी आयी है, लेकिन इसमें बड़ी भूमिका सोशल मीडिया ने निभाई है. सीएम योगी के निर्देश पर सोशल मीडिया पर झूठ या अफवाह फैलाने वालों पर सख्ती से कार्यवाई की जा रही है. जिस वजह से कानून-व्यवस्था को चुस्त करने में पुलिस को काफी मदद मिली है. नवम्बर 2019 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा श्रीराम जन्मभूमि के फैसले के बाद सिर्फ पांच दिनों में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले पर 78 मुकदमे दर्ज किए गए. साथ ही 14,380 सोशल मीडिया पोस्ट पर कार्यवाई के लिए संबंधित कम्पनी को रिपोर्ट किया गया.

CAA प्रोटेस्ट के दौरान इतने मामले आए सामने
प्रदेश में सीएए को लेकर सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर किए गए आपत्तिजनक, भ्रामक, पोस्ट, मैसेज और वीडियो आदि को लेकर 2019 में 10 से 27 दिसंबर के बीच कुल 95 मुकदमे दर्ज कर 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया. इस दौरान कुल 21,388 सोशल मीडिया पोस्ट के ऊपर कार्यवाई के लिए संबंधित कम्पनी को रिपोर्ट किया गया. पिछले साल लॉकडाउन के दौरान सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर 889 मुकदमे दर्ज किए गए, इनमें से 225 मुकदमे अफवाह या भ्रामक सूचना से संबंधित टिप्पणी, 454 मुकदमे सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित करने वाली टिप्पणी और 210 मुकदमे अन्य विभिन्न प्रकार की टिप्पणियों के बारे में भी किए गए.

सोशल मीडिया के माध्यम से शिकायतों का भी हुआ निस्तारण
पुलिस ने सोशल मीडिया पर शिकायत करने वालों की भी मदद की है. सोशल मीडिया पर चार सालों में 29 लाख 25 हजार शिकायतें मिलीं हैं, जिनमें से छह लाख 25 हजार 160 शिकायतें कार्यवाई योग्य मिलीं और कार्यवाई भी की गई. इसके अलावा थानों में शिकायतों की हीलाहवाली करने पर 14,462 मुकदमे सोशल मीडिया के माध्यम से दर्ज कराया गया है. सोशल मीडिया के माध्यम से पुलिस ने लोगों की मदद भी की है. पिछले साल लॉकडाउन के दौरान सिर्फ अप्रैल में करीब एक लाख 70 हजार ट्वीट पुलिस को मिले, जिनमें से अधिकांश आपातकालीन संचलन की अनुमति, भोजन-खाद्य पदार्थ की आपात व्यवस्था, चिकित्सीय सहायता, कोरोना संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना और लॉकडाउन के उल्लंघन से संबंधित थे.

सीएम योगी का सपा पर तंज, कहा- जब एक समय उत्तर प्रदेश बेहाल था और सैफई में होता था नाच-गाना!

UP: जब एक समय उत्तर प्रदेश बेहाल था और सैफई में होता था नाच-गाना! (File Photo)

UP Politics: पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश द्वारा की गयी प्रगति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लोग व अधिकारी कहते थे कि राम मंदिर पर फैसला आएगा ऐसा हो जाएगा, वैसा हो जाएगा. मैंने कहा कि देखना एक मच्छर भी नहीं मरेगा, मैं सब संभाल लूंगा.

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लखनऊ. प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) के साढ़े चार साल रविवार यानी 19 सितंबर को पूरा हो गया. इससे पहले प्रदेश में पिछली सरकार का गुंडाराज समाप्त करके कानून का राज स्थापित होने के सम्बन्ध में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि प्रदेश में अब कोई माफिया किसी सरकारी या गरीब की जमीन पर कब्जा नहीं कर पा रहा है. प्रयागराज में 100 एकड़ भूमि हमारे सुपुर्द की गई है और गुंडे और अपराधी पस्त हो चुके हैं. बीते साढ़े चार वर्षों में यूपी में एक भी दंगा नहीं हुआ है. जनता ने हमें समर्थन दिया और हमने उन्हें सुरक्षा दी. समाजवादी सरकार पर तीखी टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा एक वह भी समय था जब उत्तर प्रदेश बेहाल रहता था और सैफई में नाच-गाना होता रहता था.

मुख्यमंत्री ने बीजेपी प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए ये विचार व्यक्त किये. उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के भरपूर परिश्रम से ही हम देश और प्रदेश में जन कल्याण का शासन दे रहे हैं. भाजपा जिन मूल्यों और आदर्शों को लेकर राजनीति में आई, लगातार उन्हीं का पालन किया जो हमारे का विषय होना चाहिए. उन्होंने कहा कि हमारे लिए व्यक्ति से बड़ा दल है और दल से बड़ा देश है. इसलिए भाजपा कार्यकर्ताओं का एकमात्र लक्ष्य सत्ता प्राप्ति और शासन करना नहीं है. सेवा समर्पण का भाव ही इस पार्टी को सबसे अलग करता है.

उन्होंने कहा कि जब हम 2017 में सरकार में आए तब प्रदेश के 75 जनपदों में से मात्र 12 जनपदों में मेडिकल कॉलेज थे और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं का भी अभाव था. अगर तब कोरोना महामारी आ गई होती तो प्रदेश की क्या हालत होती? उत्तर प्रदेश ने कोरोना प्रबंधन का मॉडल सेट किया और इतने कम समय में जनता के लिए स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाएं. कांग्रेस का नाम लिए बगैर उन्होंने तंज किया कि इसके विपरीत देश में जब आपदा आती है तो एक पार्टी के लोग इटली भाग जाते हैं. उन्होंने कहा कि यूपी ने जिन लोगों को प्रधानमंत्री के पद तक पहुंचाया, वे लोग यूपी से बाहर जाते हैं तो यूपी की बुराई करते हैं. देश से बाहर देश पर टिप्पणी करते हैं, देवी-देवताओं पर टिप्पणी करना, राम और कृष्ण को नकारना उनकी प्रवृत्ति का हिस्सा है.

एक मच्छर भी नहीं मरेगा
पिछले साढ़े चार वर्षों में प्रदेश द्वारा की गयी प्रगति की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लोग व अधिकारी कहते थे कि राम मंदिर पर फैसला आएगा ऐसा हो जाएगा, वैसा हो जाएगा. मैंने कहा कि देखना एक मच्छर भी नहीं मरेगा, मैं सब संभाल लूंगा और जब राम जन्म भूमि का फैसला आया तो उस दिन प्रदेश में राम राज्य था. सीएम योगी ने कहा की हमें गर्व होना चाहिए कि अयोध्या, मथुरा, काशी व गंगा, यमुना और सरस्वती, त्रिवेणी का संगम, प्रयागराज उत्तर प्रदेश में है. हमें इन आस्था केन्द्रों पर गौरव की अनुभूति होनी चाहिए.

UP : बीजेपी सरकार के साढ़े चार साल पूरे, आज सीएम योगी आदित्यनाथ पेश करेंगे रिपोर्ट कार्ड

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज पेश करेंगे अपनी सरकार का रिपोर्ट कार्ड

UP Political News: बुकलेट में विकास की ढेर सारी बातें है, लेकिन उन सब पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की भगवान श्रीराम के साथ के साथ छपी तस्वीर है.

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लखनऊ. आज यानी 19 सितंबर को प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) के साढ़े चार साल पूरे हो गए. इस मौके पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) एक प्रेस कांफ्रेंस कर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. चुनाव से पहले सरकार जनता के सामने रिपोर्ट कार्ड भी पेश करेगी. इसके लिए योगी सरकार के साढ़े चार साल पूरे होने पर एक बुकलेट भी छपवाई गई है. बुकलेट में विकास की ढेर सारी बातें है, लेकिन उन सब पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ की भगवान श्रीराम के साथ के साथ छपी तस्वीर है. बीजेपी विकास के नारे तो लगा रही है लेकिन सहारा राम का ही है.

बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक इससे बुल्कुल इनकार करते हैं. उनका कहना है कि राम उनके लिए कभी राजनीतिक मुद्दा नहीं रहे. बीजेपी आस्था का सम्मान करती है. यही कारण है कि योगी सरकार अयोध्या में दिवाली मनाती है, तो मथुरा में कृष्ण जन्मोत्सव मनाती है. बरसाने में होली मनाती है वहीं काशी में देव दीपावली मनाती है. आस्था से जुड़े हुए हर आयोजन को विस्तार देती है.

जबकि वरिष्ठ पत्रकार अनिल भारद्वाज कहते हैं कि बीजेपी आस्था के सम्मान के बहाने ये कहने में कहीं पीछे नहीं है कि मंदिर निर्माण हमने करवाया है, जबकि अन्य दल अब इस बात की सफाई दे रहे हैं कि हम राम विरोधी नहीं हैं, जिससे लोग उनसे नाराज न हों. वे कहते हैं कि हाल ही में कल्याण सिंह के निधन के बाद राम मंदिर जाने वाले एक मुख्य मार्ग का नाम कल्याण सिंह के नाम पर रख कर बीजेपी ने इस बात से एक बार फिर खुद को जोड़ा है.

संदेश देने में सफल है बीजेपी
एक समय था कि बीजेपी को रोकने के लिए एक नारा दिया गया था ‘मिले मुलायम कांशीराम, हवा में उड़ गए जय श्रीराम’  लेकिन अब वक्त बदल चुका है. समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, एआईएमआईएम, शिवसेना और छोटे दलों के नेताओं ने भी रामलला के दर्शन कर मैसेज देने की कोशिश की है. इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि यूपी की सियासत में बुकलेट में छपी पहली फोटो का क्या संदेश है.

UP Assembly Election: कांग्रेस को लगा सकता है बड़ा झटका, ललितेशपति त्रिपाठी के इस्तीफे की चर्चा

कांग्रेस नेता ललितेशपति ने दिया इस्तीफा, सपा में हो सकते हैं शामिल

UP Political News: कांग्रेस से विधायक रहे ललितेशपति त्रिपाठी पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र है. ललितेशपति त्रिपाठी की चार पीढ़ियों का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है. जिसके चलते ललितेशपति त्रिपाठी भी गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते थे.

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Sलखनऊ. उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव (UP Assembly Election 2022) की तैयारियों में जुटी कांग्रेस (Congress) को एक बड़ा झटका लग सकता है. बीते दिनों कांग्रेस के दिग्गज ब्राह्मण नेता जितिन प्रसाद के बाद अब कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष ललितेशपति त्रिपाठी (Laliteshpati Tripathi) के भी इस्तीफा की चर्चा है. कहा जा रहा है कि वे कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थम सकते हैं. कांग्रेस से विधायक रहे ललितेशपति त्रिपाठी पूर्व मुख्यमंत्री कमलापति त्रिपाठी के प्रपौत्र हैं. ललितेशपति त्रिपाठी की चार पीढ़ियों का कांग्रेस से पुराना नाता रहा है. जिसके चलते ललितेशपति त्रिपाठी भी न सिर्फ गांधी परिवार के बेहद करीबी माने जाते थे, बल्कि ललितेशपति त्रिपाठी कांग्रेस महासचिव और यूपी प्रभारी प्रियंका गांधी के यूपी दौरे पर अक़्सर उनके साथ नजर आते थे. हालांकि इस दौरान अब तक ललितेशपति त्रिपाठी ने अपने कांग्रेस से इस्तीफे का ऐलान खुद से तो नहीं किया है, लेकिन ललितेशपति त्रिपाठी ने अपने ट्विटर एकाउंट से कांग्रेस का नाम हटाकर अपने कांग्रेस से इस्तीफे की पुष्टि कर दी है.

दरअसल, पूर्व सीएम कमलापति त्रिपाठी परिवार के राजनैतिक वारिस ललितेशपति त्रिपाठी ने अपने राजनैतिक कॅरियर की शुरुआत 2012 में कांग्रेस के टिकट पर मिर्जापुर के मड़िहान विधानसभा से चुनाव जीतकर की थी. जिसके बाद कांग्रेस ने ललितेशपति त्रिपाठी को 2014 में मिर्जापुर से लोकसभा का चुनाव लड़ाया, लेकिन ललितेशपति त्रिपाठी चुनाव हार गए. फिर 2017 के विधानसभा चुनाव में भी ललितेशपति त्रिपाठी के मड़िहान विधानसभा से चुनाव हार जाने के बावजूद उन्हें 2019 में एक बार फिर मिर्जापुर से लोकसभा का चुनाव लड़ाया गया. लेकिन ललितेशपति त्रिपाठी ये चुनाव भी हार जाने के बाद उन्हें संगठन से जुड़ी कई अहम जिम्मेदारी देते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस का प्रदेश उपाध्यक्ष भी बनाया गया था. जिसके चलते कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी के सोनभद्र दौरे समेत कई कार्यक्रमों के जरिये कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने में ललितेशपति त्रिपाठी ने बेहद अहम भूमिका निभाई थी.

सपा में हो सकते हैं शामिल
सूत्रों के मुताबिक,  प्रियंका गांधी के निजी सचिव संदीप सिंह और उनकी टीम के चलते पार्टी शीर्ष नेतृत्व और प्रियंका गांधी से बढ़ी दूरियों और उनकी अनदेखी से ललितेशपति त्रिपाठी खासा आहत थे. कई बार पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी बात रखने के बावजूद उन्हें कोई खास तवज्जो न मिलने से उनकी नजदीकियां समाजवादी पार्टी से बढ़ने लगी थी. लेकिन इसके बावजूद बीते दिनों अपने लखनऊ दौरे पर कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने के लिए समीक्षा बैठक करने पहुची प्रियंका गांधी से बात-मुलाकात के बावजूद ललितेशपति त्रिपाठी को कोई सकारात्मक परिणाम नहीं मिला. जिसके चलते ही अब ललितेशपति त्रिपाठी ने अपने सभी पदों के साथ कांग्रेस पार्टी से ही इस्तीफा दे दिया है. अब ये उम्मीद जताई जा रही है कि ललितेशपति त्रिपाठी जल्द ही समाजवादी पार्टी का दामन थाम 2022 विधानसभा चुनाव मिर्जापुर के मझवां सीट से लड़ते नजर आएंगे.

लखनऊ: गायत्री प्रजापति की डिस्चार्ज अर्जी खारिज, 29 सितंबर को तय होंगे आरोप, ये है मामला

अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में गायत्री प्रजापति की अर्जी खारिज, 29 को तय होंगे आरोप .

Uttar Pradesh News : MP MLA कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में गायत्री प्रसाद प्रजापति व आशीष शुक्ला की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी. दोनों को 29 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 29 को दोनों पर आरोप तय होंगे.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति (Gayatri Prajapati) की डिस्चार्ज अर्जी एमपीएमएलए कोर्ट से खारिज हो गई. MP MLA कोर्ट के विशेष जज पवन कुमार राय ने अपहरण व छेड़छाड़ के मामले में मुल्जिम गायत्री प्रसाद प्रजापति व आशीष शुक्ला की डिस्चार्ज अर्जी को खारिज कर 29 सितंबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया है. 29 सितंबर को उनके खिलाफ आरोप तय किए जाएंगे. गायत्री प्रजापति के खिलाफ अपहरण और छेड़छाड़ का मामला दर्ज है. यह मामला 26 अक्टूबर 2016 को गोमतीनगर थाने में दर्ज कराया गया था. इस मामले में गायत्री प्रजापति और आशीष शुक्ला पर आरोप तय किए जाएंगे.

गौरतलब है कि गायत्री प्रजापति यूपी की अखिलेश सरकार में मंत्री रहे हैं. वह शुरू से ही विवादों से घिरे रहे. प्रजापति की डिस्चार्ज अर्जी एमपीएमएलए कोर्ट से खारिज होने के बाद बार फिर उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं. उन पर 29 सितंबर को आरोप तय किए जाने हैं. इसको लेकर कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 29 सितंबर को पेश करने का आदेश जारी कर दिया है. यह मामला 26 अक्टूबर 2016 का है, जिसमें चित्रकूट की एक महिला ने थाना गोमती नगर में आईपीसी की धारा 294 504 व 506 में बबलू सिंह व आशीष शुक्ला के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी. विवेचना के दौरान इस मामले में गायत्री प्रजापति का भी नाम आया था. जांच में इस मामले में मुलाजिमों के खिलाफ अपहरण व छेड़छाड़ का भी आरोप पाया गया. 27 जुलाई 2017 को पुलिस ने अपहरण व छेड़छाड़ के आरोपों की बढ़ोतरी करते हुए आशीष के साथ ही गायत्री प्रजापति के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 ए, 11, 364, 511, 504, 506 व 120 बी के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था.

कोर्ट में नहीं हो पाई अंशु गौड़ की गवाही

गोमतीनगर थाने में दर्ज मामले में कोर्ट में गवाही होनी थी, लेकिन वह नहीं हो पाई. मामले के गवाह अंशु गौड़ को इस मामले में गवाही देनी थी. गायत्री प्रजापति के कोर्ट में न आने से अंशु गौड़ की गवाही नहीं हो पाई. अब 20 सितंबर को अंशु गौड़ की गवाही कराई जाएगी.

प्रियंका का योगी सरकार पर निशाना: NCRB के आंकड़ों से UP को बताया क्राइम में अव्वल

प्रियंका ने NCRB के आंकड़े जारी कर यूपी को बताया क्राइम में टॉप.

UP Assembly Election 2022: यूपी की सियासत में पांव जमाने को लेकर कांग्रेस प्रियंका गांधी के चेहरे और तेवरों के सहारे सियासी भविष्य तलाश रही है. प्रियंका गांधी भी योगी आदित्यनाथ की सरकार पर हमलावर हैं. हाल ही में उन्होंने NCRB के आंकड़े जारी की यूपी को सर्वाधिक अपराधों वाला राज्य बताया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में होने वाले विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर कांग्रेस (Congress) पूरा जोर लगा रही है. चुनाव में बेहतर प्रर्दशन के लिए संगठन को मजबूत करने से लेकर जनता से सीधे जुड़ने की रणनीति पर काम कर रही है कांग्रेस. इसके तहत उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) के चेहरे के साथ पार्टी अपने जर्जर संगठन को एक बार फिर से मजबूत बनाने की कवायद में जुटी हुई है. वहीं, दूसरी ओर प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस लगातार आम जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर सूबे की सत्ताधारी योगी सरकार को सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक घेर रही है.

इसी रणनीति के चलते प्रियंका गांधी ने बीते बुधवार को जारी NCRB (राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो) की रिपोर्ट के मुताबिक हत्या और अपहरण के मामलो में UP के नंबर-1 होने पर ट्वीट कर उत्तर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधकर यूपी चुनाव के लिए अपने आक्रामक इरादे सामने रखने की कोशिश की है.

प्रियंका ने अपराधों में यूपी को बताया नंबर वन

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने 2020 के अपराधों पर जारी की गई NCRB की रिपोर्ट से जुड़े कुछ आंकड़ों के साथ किये गये ट्वीट में लिखा है कि ‘एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार महिलाओं व दलितों के खिलाफ अपराध, हत्या व अपहरण के मामलों में और हिंसक अपराधों के मामले में उत्तर प्रदेश टॉप पर है. उत्तर प्रदेश सरकार के दावों के ठीक उलट उत्तर प्रदेश में अपराधराज चरम पर है.’

दलित और महिलाएं के साथ सबसे ज्यादा हिंसा और उत्पीड़न

इस दौरान प्रियंका गांधी के ट्वीट में दर्शाये गये NCRB के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 में देश में सर्वाधिक 3,779 हत्या, 12714 दलितों के खिलाफ अपराध, 12913 अपहरण, 49385 महिलाओं के खिलाफ अपराध और 51983 हिंसक अपराध उत्तर प्रदेश में ही होने के चलते UP इन सभी अपराधों में देश में नबर-1 है.

प्रबुद्ध सम्मेलन के समापन कार्यक्रम में बोले CM योगी आदित्यनाथ- राहुल एक्सिडेंटल हिंदू

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने राहुल गांधी को बताया एक्सिडेंटल हिंदू.

BJP's election strategy : सीएम योगी ने कहा है कि विपक्षी नेता ट्विटर पर खेल रहे हैं. बार-बार इटली भाग जाते हैं. हिन्दुतान से बाहर जाकर वे देश की निंदा करते हैं. देवी-देवताओं को नकारना उनकी प्रकृति का हिस्सा है. एक्सिडेंटल हिन्दू होने पर यही होता है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज यानी शनिवार को प्रबुद्ध सम्मेलन के समापन के मौके पर राहुल गांधी पर बड़ा हमला बोलते हुए उन्हें एक्सिडेंटल हिंदू बताया है. सीएम ने कहा है कि विपक्षी नेता ट्विटर पर खेल रहे हैं. बार-बार इटली भाग जाते हैं. यूपी ने उनके परिवार को प्रधानमंत्री बनाया, लेकिन हिन्दुतान से बाहर जाकर वे देश की निंदा करते हैं. देवी-देवताओं को नकारना उनकी प्रकृति का हिस्सा है. एक्सिडेंटल हिन्दू होने पर यही होता है. एक्सिडेंटल हिंदू जो लोग होते हैं, वही राम और कृष्ण को नकारते हैं.

आपको बता दें कि बीजेपी की तरफ से यूपी विधानसभा चुनाव को देखते हुए 5 सितंबर से प्रदेश के सभी 403 सीटों पर प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें मुख्यमंत्री, प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी, दोनों डिप्टी सीएम समेत प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं के कार्यक्रम तय किए गए हैं. 5 सितंबर से शुरू हुआ ये सम्मेलन 20 सितंबर तक होना है. लिहाजा लखनऊ के पुरनिया चौराहा स्थित पंचायती राज विभाग के निदेशालय में आयोजित प्रबुद्ध सम्मलेन को सीएम योगी ने संबोधित किया. इस सम्मेलन में सीएम योगी ने सरकार के साढ़े 4 साल की उपलब्धियों का बखान करने के साथ ही विपक्षी दलों को भी निशाने पर रखा.

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‘नेतृत्व ईमानदार तो देश एकजुट’

सीएम योगी ने कहा कि नेतृत्व जब ईमानदार और चरित्रवान होता है, तो पूरा देश एकजुट होकर उसके पीछे चल पड़ता है. मोदी जी की यही ताकत है. हर जगह मोदी जी या मैं नहीं जा सकता. लेकिन हमारे जनप्रतिनिधि एक सीमित स्थानों पर जाते हैं. ऐसे में हमारे प्रबुद्धजन समाज का नेतृत्व करते हैं. यूपी में कोरोना प्रबंधन बेहतरीन रहा और प्रदेश में एक भी व्यक्ति की मौत भूख से नहीं हुई. सोचिए अगर 2017 से पहले कोरोना आ गया होता तो क्या होता. आजादी के बाद से पूर्वोत्तर अशांत था, लेकिन बीते 7 वर्षों में पूर्वोत्तर की तस्वीर बदल गई. ज्यादातर अलगाववादी संगठनों ने हथियार डाल दिए हैं. जो बचे हैं, वे भी डाल देंगे. पहले बिजली नहीं आती थी, राज्य की सीमा में घुसते ही सड़कें टूटी हुई मिलती थीं, दंगे हर जिले में होते थे, बहन-बेटियों की इज्जत पर हाथ डाला जाता था. यूपी के लोगों को बाहर हेय दृष्टि से देखा जाता था. हमारी सरकार ने एक भी दंगा होने नहीं दिया है. ये हमने कोई उपकार नहीं किया, ये सरकार का काम है.

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‘मुझे सिर्फ 3 साल मिले’

हमारे साढ़े 4 सालों में डेढ़ साल कोरोना खा गया इसलिए मुझे सिर्फ 3 साल मिले. सरकार की योजनाएं माफिया और अपराधी बनाया करते थे. सपा सरकार में तत्कालीन कृषि मंत्री 6 महीने दफ्तर ही नहीं गए थे. उन्हें कृषि उत्पादन आयुक्त का नाम नहीं पता था. जब प्रदेश बाढ़ में डूबा रहता था, तब फिल्मी हस्तियां कार्यक्रम के लिए आया करते थे. डीजीपी के घर से थोड़ी दूर पर एक माफिया ने 5 इमारतें खड़ी कर दीं. शत्रु सम्पत्ति पर बनी सम्पत्तियों पर हमने बुलडोजर चलवाया. हमने यूपी को देश की नंबर 2 अर्थव्यवस्था बनाई है. अगले 6 महीने प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण हैं. आपको प्रदेश के हित में सोचने वाली या माफियाओं को समर्थन करने वाली सरकार चाहिए, इसपर सोचना चाहिए. अयोध्या के लिए अगर हम बदनाम होते हैं तो हम बदनाम होने को तैयार हैं. मंदिर का निर्माण ऐसा हो रहा है कि 1000 साल तक मंदिर को कुछ नहीं हो सकता.

UP के चर्चित IPS त्रिवेणी सिंह पर बन रही वेब सीरीज Cyber Singham

UP: लखनऊ में आईपीएस त्रिवेणी सिंह पर वेब सीरीज साइबर सिंघम की शूटिंग शुरू हो गई है.

UP News: साइबर सिंघम वेब सीरीज आईपीएस प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के जीवन से प्रेरित है. ये उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध अधीक्षक हैं. भारत में कई जटिल साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने के पीछे प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह का हाथ रहा है.

  • News18Hindi
  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 18:41 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश के आईपीएस अफसर (IPS Officer) अब बॉलीवुड को भी लुभाने लगे हैं. ऐसे ही एक आईपीएस अफसर हैं, प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह (IPS Prof Triveni Singh). यूपी के इस चर्चित साइबर कॉप ने अभी कई बड़े अनसुलझे केस सुलझाए हैं. ये देश के पहले आईपीएस अफसर भी हैं, जिन्होंने साइबर लॉ में डॉक्टरेट की है. अब इन्हीं पर एक वेब सीरीज साइबर सिंघम (Cyber Singham) बनने जा रही हैं. पिछले दिनों इसकी शूटिंग लखनऊ में शुरू हुई. ये वेब सीरीज सच्ची साइबर अपराध की घटनाओं पर आधारित है. लखनऊ स्थित रागा पैलेस में इसकी शूटिंग शुरू हुई है.

वेब सीरीज आईपीएस प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह के जीवन से प्रेरित है, जो उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर अपराध अधीक्षक हैं. भारत में कई सबसे जटिल तकनीकी साइबर अपराध के मामलों को सुलझाने के पीछे प्रोफेसर सिंह का हाथ रहा है.

इसके वेब सीरीज के निर्देशक अविनाश गर्ग बॉलीवुड की कई जानी मानी फिल्में कर चुके हैं. इनमें गोविंदा और शिल्पा शेट्टी की परदेशी बाबू प्रमुख है.

वेब सीरीज में प्रोफेसर त्रिवेणी सिंह का किरदार मयूर मेहता कर रहे हैं.  और उनकी टीम में दिव्य दृष्टि नाटक के कलाकार पारस मदान, कोलकाता की मॉडल युक्ति सिंह, लखनऊ से बॉलीवुड कलाकार महेश देवा और औरैया से विक्रान्त दुबे नजर आएंगे.

वेब सीरीज का पोस्टर

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वेब सीरीज साइबर सिंघम का पोस्टर

इस वेब सीरीज का उद्देश्य मनोरंजन के साथ ही लोगों में साइबर क्राइम के प्रति सचेत करना भी होगा. सीरीज के किरदार बताएंगे कि साइबर क्राइम का शिकार होने से कैसे बचा जाए?

सीरीज के निर्देशक अविनाश गर्ग ने इसमें कोई भी एडल्ट कंटेंट नहीं होगा, लोग अपने परिवार के साथ बैठकर इसका लुत्फ ले सकेंगे. जानकारी के अनुसार ये वेब सीरीज ओटीटी प्लेटफॉर्म एपेक्स प्राइम (Apex Prime) पर लांच की जाएगी.

Record: सबसे ज्यादा राशन कार्ड को Aadhar Card से लिंक करने वाला राज्य बना UP

वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के तहत यूपी सरकार ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है.  (File Photo: सीएम योगी)

UP News: यूपी में राशन कार्ड धारकों की संख्या 3,60,12,758 हो गई है. यही नहीं यूपी अब देश का पहला ऐसा राज्य हो गया है, जिसके 99.79 राशन कार्ड अब आधार कार्ड से लिंक हैं.

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश में गरीबों और जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के योगी सरकार (Yogi Government) ने राशन वितरण की व्यवस्था में काफी सुधार किए हैं. दूसरी तरफ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) योजना के तहत नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को तेज किया है. बीते 6 माह में 1,61,256 लोगों के नए राशनकार्ड बनाए गए हैं. इसके साथ ही यूपी में अब एनएफएसए राशनकार्ड धारकों की संख्या बढ़कर 3 करोड़ 60 लाख 12,758 (3,60,12,758) हो गई है. इनमें से अधिकतर को आधार कार्ड से जोड़ दिया गया है. यह अपने आप में नया रिकार्ड है, क्योंकि सूबे के 99.79 फीसद राशन कार्ड अब आधार कार्ड से जुड़ गए हैं.

इतनी बड़ी संख्या में किसी अन्य राज्य में अभी राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ा नहीं जा सका है. यूपी अब देश का पहला ऐसा राज्य हो गया है, जिसके 99.79 राशन कार्ड अब आधार कार्ड से लिंक हैं.

सरकार का मानना है कि राशन कार्डों को आधार कार्ड से जोड़ने के चलते अब राशन वितरण में होने वाली धांधली पर पूरी तरह रोक लग गई है. इसके साथ ही इ-पास (प्वाइंट आफ सेल) मशीन के उपयोग से राशन वितरण में अब कोटेदार की धांधली पर अंकुश लगाया गया है. हर राशन कार्ड धारक को राशन मिल रहा है. अब उन लोगों को भी राशन देने की व्यवस्था कर ली गई है, जिनके अंगूठे का निशान का मिलान नहीं हो पा रहा था. ऐसे राशन कार्ड धारकों को मोबाइल ओटीपी के आधार पर राशन मुहैया कराया जाएगा.

अन्य राज्यों से यूपी में रोजगार करने आये लोग भी इस योजना के तहत राशन की दुकानों से राशन पा रहे हैं. उक्त व्यवस्था की चलते ही इस वर्ष कोरोना संकट में सरकार ने 15 करोड़ लोगों को जुलाई और अगस्त में फ्री राशन उपलब्ध कराया गया. सरकारी राशन दुकानों से हर कार्ड धारक को 3 किलो गेहूं और 2 किलो चावल वितरित किया गया.

कोरोना की पहली लहर के दौरान भी योगी सरकार ने पात्र कार्ड धारकों को 8 महीने तक मुफ्त राशन वितरण किया था. तब 5 किलो खाद्यान्न प्रति यूनिट की दर से राज्य सरकार ने सरकारी दुकानों से अप्रैल से नवंबर तक 60 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का मुफ्त वितरण किया था, जो कि देश में एक रिकॉर्ड है.

इस बार भी कार्ड धारकों को फ्री राशन

खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, गरीब और जरूरतमंदों को राशन मुहैया कराने को लेकर सूबे की सरकार बेहद संवेदनशील है. जिसके चलते ही प्रदेश सरकार ने सबसे पहले मई 2020 में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू किया गया था. अब प्रदेश के सभी नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में अन्त: जनपदीय राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी लागू है.

वन नेशन, वन राशन कार्ड योजना के तहत प्रदेश में नेशनल पोर्टेबिलिटी की सुविधा के चलते प्रदेश के 87,239 कार्डधारकों द्वारा अन्य राज्यों से और अन्य राज्यों के 8110 कार्डधारकों द्वारा उत्तर प्रदेश में राशन लिया गया है. इस योजना को लागू करने के चलते यूपी से दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और महाराष्ट्र में कार्य करने गए श्रमिक वहां राशन की दुकानों से राशन ले रहे हैं.

यूपी से दिल्ली गए 27,585, हरियाणा गए 20,964 और महाराष्ट्र गए 11,587 लोगों ने राशन लिया है. यही नहीं अब गलत तरीके से राशन कार्ड बनवाने वाले लोगों के राशन कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई भी की जा रही हैं, ताकि जरूरतमंदों को ही फ्री और सस्ता राशन मिले. अपर मुख्य सचिव का कहना है कि यूपी में जरूरतमंद को राशन बांटने की व्यवस्था आसान की गई है. इसमें होने वाली धांधली को रोकने की व्यवस्था की गई है.

तो क्या UP विधानसभा चुनाव से पहले सस्ती हो जाएगी बिजली? जानिए पूरा मामला

UP Election 2022: यूपी में बिजली दरों में कटौती को लेकर उपभोक्ता परिषद ने अभियान तेज कर दिया है.  (File photo)

UP News: ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव पर अविलम्ब उपभोक्ता हित में कार्यवाही किए जाने का निर्देश दिया. साथ ही यह आश्वासन दिया कि सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली दिलाने की पक्षधर है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश में विद्युत नियामक आयोग द्वारा बिजली दरों में कमी किए जाने को लेकर उपभोक्ता परिषद की याचिका पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है. आयोग ने इस संबंध में पावर कॉर्पोरेशन से दो सप्ताह में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है. उधर याचिका दाखिल करने वाले उपभोक्ता परिषद ने भी लामबंदी तेज कर दी है. आज राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने प्रदेश के ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा से उनके आवास पर मुलाकात की और इस लोक महत्व के प्रस्ताव पर सरकार से बिजली दरों में कमी कराने के लिए सहयोग मांगा. ऊर्जा मंत्री ने उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष को आश्वासन दिया है कि उपभोक्तओं को सस्ती बिजली देने के लिए सरकार संकल्पबद्ध है. प्रस्ताव पर प्रभावी विचार होगा, जिससे गरीब किसान आम जनता को राहत मिल सके.

बता दें कि उपभोक्ता परिषद ने नियामक आयोग में याचिका दाखिल की है. इसमें कहा है कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं का बिजली कम्पनियों पर निकल रहे लगभग 20596 करोड़ के एवज में बिजली दरों में अगले पांच वर्षो तक 6.8 प्रतिशत कमी की जाए. इसी को लेकर उपभोक्ता परिषद के अवधेश वर्मा ने ऊर्जा मंत्री कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार से वह सहयोग चाहती है. प्रदेश सरकार बिजली कम्पनियों व पावर कॉर्पोरेशन को निर्देश दे कि वह प्रस्ताव का सहयोग करें, जिससे बिजली दरों में कमी की जा सके.

उन्होंने कहा कि उपभोक्ता परिषद जनहित में सरकार से यह भी मांग करती है कि सरकार विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 108 में लोकमहत्व का विषय मानते हुए विद्युत नियामक आयोग को भी बिजली दरों में कमी करने के लिए अपना अभिमत व निर्देश दे, जिससे प्रदेश की जनता को राहत मिल सके.

ऊर्जा मंत्री को प्रस्ताव सौंपते उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष

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UP: ऊर्जामंत्री श्रीकांत शर्मा को बिजली दरों में कमी का प्रस्ताव सौंपते उपभोक्ता परिषद के अवधेश वर्मा

अवधेश वर्मा ने ऊर्जा मंत्री के सामने ये मुद्दा भी उठाया कि पावर कॉर्पोरेशन की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी रहे, इसलिए महंगी बिजली खरीद पर अंकुश लगाकर भी लगभग 2000 करोड़ हर वर्ष बचाया जा सकता है. इसी तरह वितरण हानियों में 1 प्रतिशत कमी होने पर लगभग 400 करोड़ बचाया जा सकता है.

बिजली कम्पनियों में फिजूल खर्ची पर भी अंकुश लगाकर लगभग 500 करोड़ हर वर्ष बच सकता है. आज बिजली कम्पनियों में सभी स्तर पर देखें तो लगभग 500 करोड़ रुपए के निजी व सरकारी कंसल्टेंट रखे गये हैं. फिर भी घाटा बढ़ रहा है, जो चिंता का विषय है. सभी स्तर पर छानबीन कर पारदर्शिता लागू की जाय तो हर वर्ष अतिरिक्त 3000 करोड़ की बचत की जा सकती है.

ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने उपभोक्ता परिषद के प्रस्ताव को अपर मुख्य सचिव ऊर्जा को भेजते हुए अविलम्ब उपभोक्ता हित में कार्यवाही किए जाने का निर्देश दिया. साथ ही यह आश्वासन दिया गया कि सरकार उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर बिजली दिलाने की पक्षधर है. प्रस्ताव पर प्रभावी विचार किया जायेगा, जिससे आने वाले समय में प्रदेश की गरीब आम जनता व किसान को राहत प्रदान की जा सके.

फूलन देवी के नाम बनाएंगे स्मारक-पार्क, संपत्ति हड़पने वालों को भिजवाएंगे जेल: संजय निषाद

फूलन देवी की मूर्ति लगाकर बनेंगे पार्क, संपत्ति हड़पने जाएंगे जेल: संजय निषाद

UP Election 2022 : फूलन देवी को लेकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि फूलन देवी के नाम से अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट न्यास का गठन किया जाएगा. न्यास के माध्यम से फूलन देवी का यहां स्मारक और पार्क बनेगा. उनकी संपत्ति हड़पने वालों के खिलाफ आंदोलन करन उन्हें जेल पहुंचाएंगे.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 17:30 IST
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लखनऊ. फूलन देवी (Phoolan Devi) को लेकर निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद (Sanjay Nishad) ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि फूलन देवी के नाम से अंतरराष्ट्रीय ट्रस्ट न्यास का गठन किया जाएगा. न्यास के माध्यम से फूलन देवी का यहां स्मारक और पार्क बनेगा. दिल्ली में जहां उनकी हत्या की गई थी वहां उनकी मूर्ति लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि हर गांव में जिस तरीके से अंबेडकर की मूर्ति लगाई गई है उसी तरह से निषाद राज और फूलन देवी वीरांगना की मूर्ति लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि फूलनदेवी किसी एक देश की नहीं बल्कि विश्व की महान महिलाओं में एक हैं.

संजय निषाद ने कहा कि फूलन देवी की संपत्ति को हड़पने वाले लोगों के खिलाफ आंदोलन करेंगे. उन्हें जेल भिजवाएंगे. साथ ही सपा के पूर्व स्थानीय विधायक के खिलाफ जांच कराकर फूलन देवी की संपत्ति की जांच कराकर उनकी मां को वापस करवाएंगे.

विजय मिश्रा को गलत फंसाया

बाहुबली विजय मिश्रा पर बोलते हुए संजय निषाद ने कहा कि विजय मिश्रा हमारे नेता और विधायक हैं. उनके खिलाफ अधिकारियों ने षड्यंत्र रचा है. सरकार से हम लोग मांग करेंगे कि इसकी जांच की जाए. जो दोषी है उस पर कार्रवाई की जाए. पहले हम बातचीत करेंगे सरकार के साथ हैं. अगर बातचीत हल नहीं होगा तो आंदोलन करेंगे.

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उन्होंने कहा कि जिन पार्टियों में हमारे समाज के आरक्षण पर विधायकों को बोलने की इजाजत नहीं थी मंत्री से, लेकिन आज मुख्यमंत्री,प्रधानमंत्री और जेपी नड्डा से लेकर शीष नेतृत्व बैठकर बात कर रहा है. इसे 70 साल से 70 गुना उलझा रखा था, इसे सुलझाने में समय चाहिए. समय आने से पहले भाजपा से इसे पूरा करवाएंगे. उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर को 25 लाख लोग रमा देवी पार्क में जाएंगे औ अपने हितों की रक्षा फैसला करेंगे.

Exclusive: योगी सरकार अपने साढ़े 4 साल में किन कामाें को गिनाएगी? पढ़िए बुकलेट

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को अपनी सरकार के साढ़े चार साल के काम का ब्यौरा पेश करने जा रहे हैं. (File Photo)

Yogi Government 4 and a half years: News 18 के पास योगी सरकार की बुकलेट है. इसमें सरकार ने कानून व्यवस्था, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, किसान, रोजगार से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किए गए अपने कार्यों का ब्यौरा रखा है. कई जगह पूर्व की सरकारों के साथ तुलना भी पेश की है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) 19 सितम्बर को अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल पूरा कर रही है. इस मौके पर सरकार ने राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. सीएम योगी से लेकर केंद्र और राज्य सरकार के मंत्री, सांसद इन कांफ्रेस को संबोधित करेंगे. 19 सितम्बर को सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

News 18 के पास योगी सरकार की बुकलेट है. इसमें सरकार ने कानून व्यवस्था, माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई, किसान, रोजगार से लेकर स्वास्थ्य, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर से लेकर किए गए अपने कार्यों का ब्यौरा रखा है. कई जगह पूर्व की सरकारों के साथ तुलना भी पेश की है.

उज्जवला योजना

(नए एलपीजी कनेक्शन यह योजना मई- 2016 से कार्यान्वित है)

अखिलेश सरकार -55.31 कनेक्शन

योगी सरकार- 1 करोड़ 67 लाख कनेक्शन

प्रदेश में पहली बार माफिया राज पर चला बुलडोजर

माफियाओं की अवैध ढंग से अर्जित 1866 रुपये करोड़ से अधिक की संपत्तियां जब्त

वर्ष 2016 के सापेक्ष वर्ष 2020 (एफसीआर के आंकड़े) से तुलना करने पर डकैती में 70.1 फीसदी, लूट में 69.3 फीसदी, हत्या में 29.1 फीसदी, बलवा में 33.0 फीसदी, रोड होल्ड अप में 100 फीसदी, अपहरण में 35.3 फीसदी, दहेज मृत्यु में 11.6 फीसदी व बलात्कार के मामलों में 52 फीसदी की कमी आई.

150 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए, 3427 अपराधी घायल हुए, गैंगस्टर एक्ट में 44759 अभियुक्त गिरफ्तार एवं 630 अभियुक्त रासुका में निरुद्ध

11 हजार 864 इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी

सीएए के विरोध प्रदर्शन में सरकारी संपत्तियों को क्षति पहुंचाने वालों से वसूली

बेहतर पुलिसिंग के लिए लखनऊ, नोएडा, कानपुर नगर एवं वाराणसी में पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली लागू

जबरन धर्म परिवर्तन पर रोक के लिए उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक की मंजूरी

महिलाओं की सुरक्षा के लिए सेफ सिटी परियोजना एंटी रोमियो स्क्वाड का गठन

पुलिस अधीक्षक कार्यालयों में एफआईआई काउंटर खोल गए

214 नए थाने की स्थापना

लखनऊ में पुलिस फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी का निर्माण प्रारंभ

महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन एवं एसडीआरएफ और स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स का गठन

प्रत्येक जनपद में साइबर सेल एवं जोन में साइबर पुलिस थाने की स्थापना

आतंकी गतिविधियों पर अंकुश के लिए स्पेशल पुलिस ऑपरेशन टीम का गठन

एक लाख 43 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की भर्ती एवं 76 हजार अराजपत्रित पुलिस कर्मियों की पदोन्नति

योगी सरकार की बुकलेट- विकास की लहर, हर गांव- हर शहर

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साढ़े 4 साल के काम को लेकर योगी सरकार की बुकलेट

प्रधानमंत्री आवास योजना

वर्ष 2007 से 2016 तक इंदिरा आवास योजना संचालित थी

मायावती सरकार-16 लाख

अखिलेश सरकार- 13 लाख

योगी सरकार- 42 लाख से अधिक का निर्माण

मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में एक लाख 8 हजार 495 आवासों का निर्माण

पहली बार मुसहर, वनटांगिया वर्ग व कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों को 50,602 आवास

वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा पहली बार

किसानों के लिए साढ़े चार वर्ष में किए कार्य

86 लाख किसानों के 36 हजार करोड़ के ऋण माफ

गन्ना किसानों को 1.44 लाख करोड़ से अधिक गन्ना मूल्य का भुगतान

476 लाख मीट्रिक टन चीनी का रिकॉर्ड उत्पादन

खांडसारी इकाइयों को निशुल्क लाइसेंस

एमएसपी में दोगुना तक वृद्धि

435 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न की सरकारी खरीद, किसानों को 79 हजार करोड़ का भुगतान

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में दो करोड़ 53 लाख 98 हजार किसानों को 37,388 करोड़ हस्तांतरित

2399 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न उत्पादन

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों को 2376 करोड़ की क्षतिपूर्ति

किसानों को 4 लाख 72 हजार करोड़ फसली ऋण का भुगतान

45 कृषि उत्पाद मंडी शुल्क से मुक्त

मंडी शुल्क एक प्रतिशत घटाया गया

220 मंडियों का आधुनिकीकरण

291 ई नाम मंडी की स्थापना

महिला सशक्तिकरण को लेकर कदम

बालिकाओं को स्नातक स्तर तक निशुल्क शिक्षा

एक करोड़ 67 लाख मातृशक्तियों को उज्ज्वला योजना में मुफ्त गैस कनेक्शन

सीएम कन्या सुमंगला योजना से 9 लाख 36 हजार बेटियों को लाभ

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 1.52 लाख से अधिक निर्धन कन्याओं का विवाह

पीएम मातृ वंदना योजना में 40 लाख माताएं लाभांवित

मुस्लिम महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री की बड़ी सौगात

मुस्लिम महिलाओं को बिना महरम के हज पर जाने की सुविधा

ग्रामीण आवासीय अभिलेख (घरौनी) वितरित, स्वामित्व अभिलेख (घरौनी) घर की महिला के नाम

प्रदेश के सभी 1535 थानों में पहली बार महिला हेल्प डेस्क की स्थापना

महिलाओं को तुरंत न्याय दिए जाने को लेकर 218 नए फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना

81 मजिस्ट्रेट स्तरीय न्यायालय व 81 अपर सत्र की स्थापना

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना में एक करोड़ 80 लाख बच्चियां लाभांवित

मनरेगा योजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की 18 हजार महिला का चयन

करीब 56 हजार महिलाएं बैंकिंग सखी के रुप में कर रही हैं कार्य

10 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से एक करोड़ महिलाओं को रोजगार

इसके सापेक्ष वर्ष 2007 से 2012 तक प्रदेश में 2,07,543 और वर्ष 2012 से 2017 में 83,148 नए स्वयं सहायता समूहों का गठन हुआ था.

वर्ष 2007 से 2012 तक स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से  1,17,805 जबकि 2012 से 2017 तक 1,10,113 रोजगार दिए गए थे.

58,758 महिलाएं सामुदायिक शौचालयों में सफाई कर्मियों के रूप में चयनित

बिछा उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस-वे का जाल

पहली बार प्रदेश में हुए 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट

8 एयरपोर्ट संचालित, 13 अन्य एयरपोर्ट एवं 7 हवाईपट्टी का विकास

341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का निर्माण हो रहा पूरा

297 किमी लंबा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य प्रगति पर

594 किमी लंबे गंगा एक्सप्रेस वे लिए हुआ भूमि अधिग्रहण

91 किमी लंबे गोरखपुर लिंक एक्सप्रेस वे का कार्य प्रगति पर

बलिया लिंक एक्सप्रेस वे को मिली मंजूरी

सड़कों का बिछा जाल

14,471 किमी सड़कों का चौड़ीकरण/ सुदृढ़ीकरण

3,49,274 किमी सड़कों का गड्ढामुक्ति करण किया गया , जबकि वर्ष 2007 से 2012 तक 1,97,188 किमी और 2012 से 2017 तक 2,13,146 किमी था.

15,286 किमी नई सड़कों का व 925 छोटे-बड़े पुलों का निर्माण

124 लांग ब्रिज, 54 रेल फ्लाइओवर का अप्रोच मार्ग पूरा, एंव 355 स्माल ब्रिजेस का निर्माण प्रगति पर

तहसील मुख्यालयों व ब्लॉक मुख्यालयों को दो लेन सड़क मार्ग से जोड़ने का कार्य प्रगति पर

प्रदेश की सीमा से लिंक होने वाली राष्ट्रीय सीमा व अंतरराष्ट्रीय सीमा से लिंक होने वाली 82 सड़को के लिए 1759 करोड़ रुपये की लागत से 929 किमी लंबाई का कार्य प्रगति पर.

10 महानगर, नोएडा, लखनऊ, गाजियाबाद, कानपुर, आगरा, मेरठ, गोरखपुर, वाराणसी, प्रयागराज एवं झांसी में मेट्रो रेल परियोजना

नोएडा में एशिया की सबसे बड़ी फिल्म सिटी का निर्माण प्रस्तावित

कोरोना काल खंड में 56 हजार करोड़ा का विदेश निवेश उत्तर प्रदेश में हुआ

पीएम सड़क योजना में 7007 किमी सड़क का निर्माण

स्वास्थ्य क्षेत्र में योगी सरकार ने किए ऐतिहासिक काम

59 जनपदों में न्यूनतम 1 मेडिकल कॉलेज क्रियाशील

16 जनपदों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के स्थापना की प्रक्रिया शुरू

गोरखपुर, रायबरेली एम्स के संचालन

महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्विद्यालय गोरखपुर का निर्माण शुरू

पीएम जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत) में 6 करोड़ 47 लाख लोगों को बीमा कवर

42.19 लाख लोगों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना में बीमा कवर

लखनऊ में अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण शुरू

6 नए सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल ब्लॉक की स्थापना

गोरखपुर, भदोही में वेटरनरी चिकित्सा विश्विद्यालय का निर्माण

प्रदेश भर में 4470 एम्बुलेंस संचालित

नियमित/संविदा पर 9512 चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की भर्ती

चिकित्सकों की सेवानिवृत्त आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष की गई

NIRF की इंडिया रैंकिंग में SGPGI 5वे, बीएचयू 7वें, केजीएमयू 9वें, AMU 15वें स्थान पर

UP JEECUP Counselling 2021: यूपी जेईई के दूसरे राउंड के शुरू हुए रजिस्‍ट्रेशन, च्‍वाइस फिलिंग में रखें इन बातों का ध्यान

UP JEECUP Counselling 2021: यूपी जेईई के दूसरे राउंड के रजिस्‍ट्रेशन शुरू हो गए हैं

UP JEECUP Counselling 2021: भ्यर्थी अपने जिले में ही एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. आवेदन करने के लिए जरूरी डॉक्‍यूमेंट का वेरिफिकेशन सभी जिलों में स्थापित सहायता केंद्रों पर किया जाएगा. 18 सितंबर को यूपी जेईई के लिए दूसरे राउंड के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 16:09 IST
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नई दिल्ली. UP JEECUP Counselling 2021: उत्तर प्रदेश संयुक्त पॉलिटेक्निक प्रवेश परीक्षा 2021 का रिजल्ट जारी होने के बाद अब प्रदेश भर के जिलों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चल रही है. आज यानी 18 सितंबर को यूपी जेईई के लिए दूसरे राउंड के रजिस्ट्रेशन शुरू हो गए हैं. रजिस्ट्रेशन कराने वाले अभ्यर्थियों की सीट अलॉटमेंट लिस्‍ट 20 सितंबर को जारी कर दी जाएगी. उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट jeecup.nic पर उपलब्ध जानकारी के माध्यम से अपना रजिस्‍ट्रेशन पूरा करना होगा.

बता दें कि अभ्यर्थी अपने जिले में ही एडमिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे. आवेदन करने के लिए जरूरी डॉक्‍यूमेंट का वेरिफिकेशन सभी जिलों में स्थापित सहायता केंद्रों पर किया जाएगा. आवेदन के दौरान सबसे आवश्यक बात यह है कि अभ्यर्थी ध्यानपूर्वक च्‍वाइस फिलिंग के लिए विकल्प चुने क्योंकि चुने गए विकल्पों के आधार पर ही सीट अलॉटमेंट किया जाएगा.

UP JEECUP Counselling Round: इन स्टेप्स से करें रजिस्ट्रेशन

  • सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट jeecup.nic.in पर विजिट करें.
  • यहां होमपेज पर दिख रहे कैंडिडेट लॉगिन लिंक पर जाएं.
  • लॉगिन के लिए एक नया पेज खुलेगा.
  • यहां नये पेज पर लॉग-इन करने के लिए रोल नंबर, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन डालें.
  • इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर कॉलेज विकल्प चुनें.
  • आवेदन शुल्क का भुगतान करें और इसका एक प्रिंट ले लें.

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बता दें कि 14 सितंबर से ग्रेजुएट पॉलिटेक्निक कार्यक्रमों में एडमिशन के लिए पहले दौर की काउंसलिंग शुरू हुई थी. जिसके लिए सीट अलॉटमेंट लिस्ट जारी की जा चुकी है. वहीं दूसरे राउंड के लिए सीट अलॉटमेंट लिस्ट 20 सितंबर को जारी की जाएगी. इसी प्रकारी दूसरे राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी होने का बाद 23 सितंबर को तीसरे राउंड के लिए सीट अलॉलमेंट लिस्ट जारी की जाएगी. काउंसलिंग निर्देशों के अनुसार, उम्मीदवार को विकल्प का चयन करते समय 3000 रुपये की फीस जमा करनी होगी. निर्धारित शेड्यूल के अनुसार, दूसरे राउंड के माध्यम से अलॉटेड सीट लॉक करने की लास्‍ट डेट 22 सितंबर है. तीसरे राउंड का नया रजिस्‍ट्रेशन, रजिस्‍ट्रेशन फीस का भुगतान और अन्य प्रक्रियाएं 21 सितंबर से शुरू होंगी.

BJP है पिछड़ा वर्ग की दुश्मन, साढ़े 4 साल में केवल हमारे काम का फीता काटा: अखिलेश यादव

UP: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बीजेपी को पिछड़ा वर्ग का दुश्मन बताया है.  (File pic)

UP News: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूछा कि देश में जब 2.5 करोड़ प्रतिदिन वैक्सीन लगाने के क्षमता है तो रोज़ लगती क्यों नहीं? इस दशहरा तक रावण के साथ कोरोना को जलाकर खत्म करने की योजना पर काम करना चाहिए.

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लखनऊ. समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शनिवार को लखनऊ में कहा कि देश में जब 2.5 करोड़ प्रतिदिन वैक्सीन (Vaccine) लगाने के क्षमता है तो रोज़ लगती क्यों नहीं? इस दशहरा (Dussehra) तक रावण के साथ कोरोना (COVID-19) को जलाकर खत्म करने की योजना पर काम करना चाहिए. बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन पर अखिलेश ने कहा कि बीजेपी पिछड़ों की दुश्मन है.

उन्होंने योगी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आज मेट्रो के प्रोटोटाइप का उद्घाटन किया गया. सरकार केवल हमारे कामों का ही शिलान्यास और उद्घाटन कर रही है. कानपुर मेट्रो को हमारी सरकार में शिलान्यास हुआ था लेकिन हमें काम नहीं करने दिया गया. लखनऊ मेट्रो को भी आगे नहीं बढ़ाया गया. पूर्वांचल एक्सप्रेसवे में दरार आ गई, ये एक्सप्रेसवे कभी भाजपा का नहीं था. साढ़े चार साल की सरकार में केवल हमारे काम का फीता काटा है.

वहीं बीजेपी के पिछड़ा वर्ग सम्मेलन को अखिलेश यादव ने दिखावा बताते हुए पिछड़ों की दुश्मन बताया. उन्होंने कहा कि भाजपा पिछड़ों की कभी नहीं रही. इससे पहले अखिलेश यादव ने कहा कि पत्रकार जानते हैं कि आने वाले समय मे भविष्य का रास्ता कहां से निकलेगा? लखनऊ नवाबों का शहर है और यहां हर क्षेत्र में नवाब हैं. पत्रकारिता को तथ्यों से जोड़कर आप जिम्मेदारी से काम करते हैं. आज पूरा का पूरा कम्युनिकेशन का दौर बदल गया है. स्मार्ट फोन की वजह से हर व्यक्ति पत्रकार बन गया है. प्रिंट का रेवेन्यू नीचे और डिजिटल का रेवेन्यू ऊपर जा रहा है.

लखनऊ के विकास तो बहुत हुआ लेकिन विकास पर राजनीति नहीं हो रही है. विकास हमें जोड़ता है. अगर इकॉनमी पर बात होगी तो यूपी की जनता के सामने बहुत कठिन समय है. पत्रकारिता मजबूत है तो हमारा लोकतंत्र मजबूत होगा. इस बार यूपी में जनता हमें 400 सीटें भी जिता सकती है.

UP सरकार के साढ़े 4 साल पर ताबड़तोड़ प्रेस कांफ्रेंस, CM योगी लखनऊ और मंत्री जिलों में गिनाएंगे काम

UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को सरकार के साढ़े 4 साल के कामकाज का ब्यौरा प्रस्तुत करेंगे. (File Photo)

UP News: सीएम योगी आदित्यनाथ 19 सितम्बर को खुद लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

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  • LAST UPDATED : September 18, 2021, 14:34 IST
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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) अपने साढ़े 4 साल का कार्यकाल 19 सितम्बर को पूरा कर रही है. यूपी विधानसभा चुनाव-2022 (UP Assembly Election-2022) की तैयारियों में लगी बीजेपी ने इसे बड़े स्तर पर मनाने की तैयारी की है. दरअसल सरकार की मंशा है कि उसके किए गए काम की जानकारी प्रदेश के हर नागरिक को हो. इसी को देखते हुए बीजेपी सरकार ने अपनी उपलब्धियां बताने के लिए राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों में प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया है. 19 सितम्बर को सीएम योगी आदित्यनाथ खुद लखनऊ में सरकार की उपलब्धियां गिनाएंगे. इस मौके पर योगी सरकार की साढ़े 4 साल के कार्यकाल में किए गए कामकाज पर बुकलेट भी जारी की जाएगी.

इस बार आजादी के अमृत महोत्सव की तर्ज पर सरकार साढ़े 4 साल का काम काज – विकास की लहर, हर गांव, हर शहर होगा नारा.

लखनऊ के अलावा मंत्री सरकार के साढ़े 4 साल की उपलब्धियों को अपने प्रभार वाले जिलों में बताएंगे. दोपहर 1 बजे प्रदेश के विभिन्न जिलों में मंत्रियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी.

जानिए कौन माननीय किस जिले में करेगा प्रेस कांफ्रेंस

केंद्रीय राज्य मंत्री पंकज चौधरी- महाराजगंज

केंद्रीय राज्य मंत्री संजीव बालियान- मुजफ्फरनगर

केंद्रीय राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल- आगरा

सांसद संगम लाल गुप्ता- प्रतापगढ़

सांसद अरुण सागर- शाहजहांपुर

सांसद अजय कुमार मिश्रा- लखीमपुर

सांसद प्रवीण निषाद- संत कबीर नगर

एमएलसी विद्यासागर सोनकर- रायबरेली

सांसद रामशंकर कठेरिया- इटावा

सांसद वरुण गांधी- पीलीभीत

सांसद उपेंद्र रावत- बाराबंकी

सांसद जयप्रकाश निषाद- अंबेडकरनगर

सांसद महेश शर्मा- गौतम बुद्ध नगर

सांसद संतोष कुमार गंगवार- बरेली

सांसद चंद्र सेन जादौन- फिरोजाबाद

सांसद विजय दुबे- कुशीनगर

राज्यसभा सांसद जफर इस्लाम- मुरादाबाद

सांसद सुब्रत पाठक- कन्नौज

सांसद अक्षयवरलाल गोंड- बहराइच

सांसद अनुराग शर्मा- झांसी

मंत्री गुलाब देवी- अमरोहा

मंत्री उदय भान सिंह- मैनपुरी

मंत्री मनोहर लाल कोरी- बलरामपुर

सांसद सुरेंद्र नागर- आजमगढ़

सांसद विजयपाल तोमर- मेरठ

सांसद साक्षी महाराज- उन्नाव

सांसद सत्यदेव पचौरी- कानपुर

इनपुट: अनामिका सिंह/अजीत सिंह

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