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51 तबलीगी जमात के मेहमानों ने COVID-19 फैलाने का जुर्म कबूला, कोर्ट ने सुनाई सजा

जज फेंग मिआओ ने कहा कि कोर्ट का ये फैसला पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के सिविल कोड के आर्टिकल 1088 के तहत किया गया है. चीन का ये नया सिविल कोड पिछले साल लागू हुआ था. (File)

जज फेंग मिआओ ने कहा कि कोर्ट का ये फैसला पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के सिविल कोड के आर्टिकल 1088 के तहत किया गया है. चीन का ये नया सिविल कोड पिछले साल लागू हुआ था. (File)

Lucknow News: लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने 51 तबलीगी जमातियों पर 5-15 सौ रुपये का जुर्माना भी लगाया है. बहराइच, सीतापुर ,भदोही और लखनऊ में इन पर केस दर्ज किए गए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 24, 2021, 11:01 PM IST
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लखनऊ. थाईलैंड (Thailand) , किर्गिस्तान, कजाकिस्तान और बांग्लादेश (Bangladesh) से उत्तर प्रदेश पहुंचे तबलीगी जमात (Tabligi Jamaat) के विदेशी मेहमानों ने कोरोना फैलान का जुर्म कबूल कर लिया है. लखनऊ की सीजेएम कोर्ट ने 51 आरोपियों को जेल में बिताई गई अवधि और 15-15 सौ रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है. इन सभी पर कोविड-19 महामारी और लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान केंद्र और राज्य की गाइडलाइंस के उल्लंघन का आरोप लगा था. इसके साथ ही टूरिस्ट वीजा पर मस्जिदों में घूम-घूम कर तबलीगी जमात में शामिल होने का आरोप भी लगा है. आरोपियों के खिलाफ बहराइच, सीतापुर ,भदोही और लखनऊ में मामले दर्ज किए गए थे.

इधर, दिल्ली की एक अदालत ने 35 तब्लीगी जमात के सदस्यों के पासपोर्ट जारी करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इन सभी को निजामुद्दीन मरकज मामले में बरी कर दिया था.  बता दें कि दिसंबर 2020 में निजामुद्दीन मरकज़ से जुड़े 35 विदेशी जमातियों को साकेत कोर्ट ने बरी कर दिया था. सभी 36 जमातियों पर कोविड  महामारी एक्ट के उल्लंघन का आरोप था. यह कोई पहला मौका नहीं जब इस मामले में जमाती बरी किए जा रहे हैं. इससे पहले भी सैंकड़ों जमाती जुर्माना भरने या बरी होने के बाद अपने देशों को वापिस जा चुके हैं. मार्च के दौरान ही जमातियों पर चॉर्टड प्लेन से भारत छोड़ने के आरोप लगे थे.

निजामुद्दीन मरकज़ में आए थे विदेशी जमाती



निजामुद्दीन मरकज़ में 67 देशों से विदेशी जमाती तबलीग में शामिल होने आए थे. दिल्ली पुलिस ने सभी विदेशी जमतियों से पूछताछ की थी. कोविड महामारी के दौरान भी 20 मार्च के बाद भारत में रुकने के आरोप लगे थे. दिल्ली पुलिस ने इन विदेशी जमातियों के पासपोर्ट और यात्रा दस्तावेज जब्त कर लिए थे. पुलिस ने आरोप लगाया था कि ज्यादातर जमाती टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन ये यहां आकर मजहबी गतिविधियों में लिप्त रहे, जो वीजा नियमों का उल्लंघन है.
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