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फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार उठाएगी खर्च: बृजेश पाठक

भाषा
Updated: December 9, 2019, 9:08 PM IST
फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन का 60% केंद्र और 40% राज्य सरकार उठाएगी खर्च: बृजेश पाठक
कानून मंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने बताया कि इस वक्त प्रदेश की विभिन्न अदालतों में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) से जुड़े 42,329 मामले तथा बलात्कार से जुड़े 25,749 मामले लंबित हैं.

कानून मंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने बताया कि इस वक्त प्रदेश की विभिन्न अदालतों में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) से जुड़े 42,329 मामले तथा बलात्कार से जुड़े 25,749 मामले लंबित हैं.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) सरकार ने बलात्कार तथा बच्चों के प्रति अपराधों के मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए 218 फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन करने का निर्णय लिया है. प्रदेश के कानून मंत्री बृजेश पाठक (Brijesh Pathak) ने बताया कि इन अदालतों के गठन पर होने वाले खर्च का 60% हिस्सा केंद्र सरकार तथा 40% हिस्सा राज्य सरकार उठाएगी. हर नई फास्ट ट्रैक कोर्ट में वेतन तथा अन्य मदों पर 75 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है.

बृजेश पाठक ने सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं के प्रति हो रहे अपराधों पर चिंता जाहिर की है और मंत्रिमंडल ने महिलाओं और बच्चों के प्रति ऐसे अपराधों के मामलों की सुनवाई के लिए 218 फास्ट ट्रैक अदालतें गठित करने का निर्णय लिया है.

सृजित किए जाएंगे अपर सत्र न्यायाधीश के 218 पद
बृजेश पाठक ने बताया कि इनमें से 144 अदालतें नियमित रूप से बलात्कार के मामलों की सुनवाई करेंगी जबकि 74 अदालतों में पॉक्सो के मामले सुने जाएंगे. उन्होंने बताया कि इन सभी फास्ट ट्रैक अदालतों के लिए अपर सत्र न्यायाधीश के 218 पद सृजित किए जाएंगे साथ ही अदालतों के स्टाफ कर्मियों के भी पद बनाए जाएंगे.

प्रदेश की विभिन्न अदालतों में लंबित हैं पॉक्सो एक्ट 42,329 मामले
कानून मंत्री ने बताया कि इस वक्त प्रदेश की विभिन्न अदालतों में पॉक्सो एक्ट से जुड़े 42,329 मामले तथा बलात्कार से जुड़े 25,749 मामले लंबित हैं. इस सवाल पर कि क्या राज्य सरकार को उन्नाव बलात्कार पीड़िता को जलाए जाने की घटना के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला लेना पड़ा, कानून मंत्री ने कहा कि इन अदालतों का गठन तो पहले ही होना था, मगर हमने इसकी प्रक्रिया में तेजी लाकर इस काम को जल्द कर दिया गया है.

जनता की ओर से फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की लगातार की जा रही थी मांगमालूम हो कि प्रदेश में हाल के दिनों में बलात्कार की एक के बाद एक कई वारदात होने के बाद जनता की ओर से फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन की लगातार मांग की जा रही थी जिससे त्वरित सुनवाई करके दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके.

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First published: December 9, 2019, 7:05 PM IST
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