69000 शिक्षक भर्ती मामले में फंसा नया पेंच, अब पिछड़ा आयोग ने भेजा यूपी सरकार को नोटिस
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69000 शिक्षक भर्ती मामले में फंसा नया पेंच, अब पिछड़ा आयोग ने भेजा यूपी सरकार को नोटिस
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) (सांकेतिक तस्वीर)

69000 शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर आरक्षण नियमों का उल्लंघन करने पर राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) ने नोटिस जारी किया है.

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लखनऊ. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार को भले ही यूपी के प्राइमरी स्कूलों में 69 हजार शिक्षक भर्ती (69000 Assistant Teachers Recruitment) मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से राहत मिल चुकी हो, लेकिन इसके साथ विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. नया पेंच पिछड़ा वर्ग आयोग (National Commission for Backward Classes) ने फंसा दिया है. भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर आरक्षण नियमों का उल्लंघन करने पर आयोग ने यूपी बेसिक शिक्षा विभाग, प्रमुख सचिव, विशेष सचिव और परीक्षा नियामक प्राधिकार सचिव को नोटिस जारी करते हुए तलब किया है. मामले की सुनवाई 7 जुलाई को आयोग के उपाध्यक्ष डॉ लोकेश कुमार प्रजापति करेंगे.

दरअसल, भर्ती प्रक्रिया को लेकर एटा सांसद राजबीर सिंह, सीतापुर सदर विधायक राकेश राठौड़ और अपना दल के पूर्व अध्यक्ष आशीष सिंह पटेल ने सीएम को पत्र लिखकर भर्ती प्रक्रिया में आरक्षण उल्लंघन का आरोप लगाया था.

लगाया यह आरोप
अपना दल (एस) के पूर्व अध्यक्ष आशीष सिंह पटेल ने पत्र में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों की कट ऑफ सामान्य से अधिक होने के बाद भी जनरल कैटेगरी में जगह न दिए जाने पर आपत्ति जताई थी. कहा गया कि इसके कारण ओबीसी वर्ग के तकरीबन 15 हजार छात्रों को नुकसान हुआ. उनका कहना था कि यूपी के शासनादेश में स्पष्ट है कि ऐसे अभ्यर्थियों को जनरल कैटिगरी में जगह दी जाएगी. इसके बाद कई संगठनों ने मामले को पिछड़ा वर्ग आयोग के सामने उठाया था.
अनुच्छेद-338 बी के तहत स्तक्षेप


पिछड़ा वर्ग आयोग ने नोटिस जारी करते हुए कहा कि अनुच्छेद-338 बी के तहत आयोग को इस मामले में हस्तक्षेप करने का संवैधानिक अधिकार है. मामले की सुनवाई 7 जुलाई को आयोग के उपाध्यक्ष डॉ लोकेश कुमार प्रजापति करेंगे. आयोग ने सुनवाई के दौरान सभी दस्तावेजों के साथ मौजूद होने का निर्देश दिया है.

NCBC notice
राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) का नोटिस


अभ्यर्थियों की ओर से याचिकाकर्ता लोहा सिंह पटेल का कहना है कि योगी सरकार तो अभ्यर्थियों के साथ है, लेकिन अधिकारी वर्ग बार-बार नए-नए पैंतरों से योगी सरकार को गुमराह कर आरक्षण नियमावली के साथ छेड़छाड़ कर रहा है. इसी का नतीजा है कि 69,000 शिक्षक भर्ती में ग़लत नियमावली लगा कर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के अधिकारों को बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने छलने का कार्य किया है. लोहा सिंह पटेल ने बेसिक शिक्षा विभाग से वर्गवार कट ऑफ व आरक्षण नियमावली में किन नियमों के तहत आरक्षण दिया गया, उसको भी सार्वजनिक करने की मांग की है.
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