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69000 शिक्षक भर्ती: Answer Key पर आपत्तियों के मामले में HC ने यूपी सरकार से मांगा जवाब, 22 मई अगली तारीख
Allahabad News in Hindi

Rishabh Mani | News18Hindi
Updated: May 21, 2020, 1:20 PM IST
69000 शिक्षक भर्ती: Answer Key पर आपत्तियों के मामले में HC ने यूपी सरकार से मांगा जवाब, 22 मई अगली तारीख
यूपी में शिक्षक भर्ती मामले में हाईकोर्ट में अहम सुनवाई चल रही है, अगली तारीख 22 मई है.

उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षक (UP Assistant Teachers Recruitment) के 69 हजार पदों पर हुई भर्ती मामले में उत्तर कुंजी (Answer Key) पर आपत्तियों से सम्बंधित विवाद में जस्टिस अनिल कुमार और जस्टिस सौरभ लवानिया की डिवीजन बेंच ने ऋषभ मिश्रा आदि की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया गया.

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लखनऊ. इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad Highcourt) की लखनऊ बेंच (Lucknow Bench) ने उत्तर प्रदेश में सहायक शिक्षक (UP Assistant Teachers Recruitment) के 69 हजार पदों पर हुई भर्ती मामले में उत्तर कुंजी (Answer Key) पर आपत्तियों से सम्बंधित विवाद में राज्य सरकर एवं बेसिक शिक्षा विभाग को जवाब पेश करने के लिए 24 घंटे का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई 22 मई को होगी. जस्टिस अनिल कुमार और जस्टिस सौरभ लवानिया की डिवीजन बेंच ने ऋषभ मिश्रा आदि की ओर से दाखिल रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश पारित किया गया.

याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ वकील लालता प्रसाद मिश्रा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई सुनवाई के दौरान  कोर्ट से विवादित उत्तरों के सम्बंध में कमेटी का एक गठन कर उसकी रिपोर्ट के आधार पर पुनर्मूल्यांकन की मांग की. इसके साथ ही उन्होंने चयन प्रक्रिया पर भी अंतरिम रोक लगाने की भी मांग की. दरअसल 8 मई 2020 को जारी उत्तर कुंजी में 4 उत्तरों को लेकर आपत्ति है. उनका कहना है कि आपत्ति के सम्बंध में उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों के भी समक्ष अपना पक्ष रखा लेकिन कोई सुनवाई न होने पर उन्हें याचिका दाखिल करनी पड़ी है.

वहीं राज्य सरकार की तरफ से महाधिवक्ता ने याचिका को बलहीन करार दिया. दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने सरकार को अपना संक्षिप्त हलफनामा दाखिल करने के लिए एक दिन का समय दिया है.



इन प्रश्नों को लेकर अभ्यर्थियों में असंतोष है



प्रश्न संख्या 130 में पूछा गया था कि भारत में गरीबी का आंकलन किस आधार पर किया जाता है? उत्तर है- परिवार का उपभोग व्यय, जबकि सही उत्तर प्रति व्यक्ति व्यय है. इसलिए विकल्प संख्या 3 सही है. प्रश्न संख्या 131 में पूछा है कि संविधान सभा के पहले अध्यक्ष कौन थे? उत्तर सच्चिदानंद सिन्हा दिया है, जबकि विकल्प संख्या 2 में डॉ राजेंद्र प्रसाद भी दिया है और दोनों ही सही है क्योंकि सच्चिदानंद टेंपरेरी अध्यक्ष बने थे और परमानेंट पहले अध्यक्ष डॉ राजेंद्र प्रसाद बने थे. यह प्रश्न जब कभी पूर्व में अनेक एग्जाम में पूछा गया तो प्रश्न में स्पष्ट रूप से टेंपरेरी या परमानेंट लिख के पूछा गया था. या दोनों में से किसी एक को ही विकल्प में दिया गया था. इसलिए यह प्रश्न भ्रामक है और पूछने का तरीका भी गलत प्रतीत हो रहा है.

प्रश्न संख्या 143 में अपने एक लेखक की कही हुई बात को कोट करके ब्रेकेट लिखा है और पूछा है कि किस लेखक की कही गई बात है. इसके बाद उत्तर में विकल्प संख्या 3 को सही माना है जिसमें वेलफेयर ग्रह्यय लिखा है, लेकिन जब उनकी परिभाषा देखी गई पुस्तक में कुछ और ही है और कोट किए गए लाइन से पूरी तरह मेल नहीं खाती. किसी लेखक द्वारा कही गई बातों को ठीक उसी तरह लिखा जाता है जैसा उसने कहा हो. चाहे वो किसी द्वारा दिया गया नारा हो या कुछ और उसमें किसी तरह का बदलाव अपराध की श्रेणी में आता है इसलिए यह प्रश्न गलत और भ्रामक दोनों प्रतीत हो रहा है.

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First published: May 21, 2020, 1:20 PM IST
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