औरेया: जिंदा होने का सबूत लेकर पेंशन के लिए भटक रहा 75 साल का बुजुर्ग, जांच के दायरे में अधिकारी

अधिकारियों ने जांच की बात कही है.
अधिकारियों ने जांच की बात कही है.

उत्तर प्रदेश के औरैया में एक 75 साल के बुजुर्ग को मृत घोषित कर पेंशन (Pension) रोक दी गई. जब बुजुर्ग अपने जिंदा होने का सबूत लेकर तहसील पहुंचा तो अपरजिलाधिकारी ने जांच की बात कही.

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Ravi Tiwary

औरैया. उत्तर प्रदेश के औरैया में सरकारी अमले की लापरवाही की अगर बात की जाए तो शायद कोई आश्चर्य नहीं होगा. प्रशासनिक लापरवाही का खामियाजा एक बुजुर्ग को उठाना पड़ रहा है. जिन्दा व्यक्ति को मरा घोषित करने पर एक 75 बर्षीय बृद्ध की पेंशन (Pension) कट गई.  इसी पेंशन से उसका जुगर बसर होता था. पेंशन से ही ये बुजुर्ग अपना गुजारा कर लेता था. अब 9 महीने से अधिकारियों के चक्कर काट रहा.

जब परेशानी का कोई हल नहीं निकला तो यह बुजुर्ग अपनी फरियाद लेकर तहसील पहुंचा. फिलहाल, अपरजिलाधिकारी ने इस मामले में जांच का भरोसा जरूर दिया है. आरोप है कि ग्राम सचिव द्वारा बुजुर्ग को मृत घोषित कर दिया गया था. इस घटना को अपरजिलाधिकारी ने गंभीरता से लेते हुए ग्राम सचिव पर सख्त कार्रवाई की बात की है.



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ये है पूरा मामला

ये पूरा मामला अछल्दा थाना क्षेत्र के मोहम्दाबाद का जहां 75 बर्षीय शिवशंकर अपनी वृद्धा पेंशन से गुजारा कर रहे थे. लगभग 9 महीने पहले शिवशंकर की पेंशन जब खाते में नहीं आई तो उसने बैंक से पता किया कि आखिर पेंशन क्यों नहीं आ रही. फिर शिवशंकर को समाजकल्याण विभाग के मुख्यालय पहुंचा तो पता चला उसे मृत घोषित कर दिया गया है. यह सुनकर बुजुर्ग हैरान रह गया. बुजुर्ग ने इस पूरी घटना की शिकायत अधिकारियों से भी की, लेकिन कोई सुनवाई नही हो पाई. लेकिन शिवशंकर ने हार नहीं मानी. बुधवार को वो फिर तहसील पहुंचा और अपनी सारी बात अपरजिलाधिकारी रेखा चौहान को बताई. रेखा चौहान ने तत्काल समाजकल्याण अधिकारी को तलब किया. वहीं समाज कल्याण अधिकारी ने जल्द ही पेंशन दिलाए जाने की बात की. वहीअपर जिलाधिकारी ने ग्राम सचिव सलीम द्वारा लापरवाही कर के बुजुर्ग को मृत घोषित करने पर सख्त कार्रवाई करने की बात कही है.
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